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जनहित में सरकार का बड़ा फैसला, जल्द ही डाउन होगा शराब दुकानों का शटर

राज्यभर में शराब कारोबार के सिस्टम में बदलाव करने की पहल शुरू हो गई है। अब एक्साइज डिपार्टमेंट ऐसी दुकानों को संचालित नहीं करेगा, जिसे लेकर हमेशा पब्लिक विरोध करती रही है।

जनहित में सरकार का बड़ा फैसला, जल्द ही डाउन होगा शराब दुकानों का शटर

रायपुर: राज्यभर में शराब कारोबार के सिस्टम में बदलाव करने की पहल शुरू हो गई है। अब एक्साइज डिपार्टमेंट ऐसी दुकानों को संचालित नहीं करेगा, जिसे लेकर हमेशा पब्लिक विरोध करती रही है। यही नहीं, राजस्व के लिहाज से कम मुनाफा देने वाली दुकानों को भी सरकार संचालित करने के मूड में नहीं है। राज्यभर के 27 जिलों में संचालित ऐसी करीब 50 दुकानों के शटर अप्रैल से बंद हो सकते हैं। इसे लेकर एक्साइज डिपार्टमेंट ने कमेटी का गठन किया है, जो हर पहलू को खंगालने के बाद अपनी रिपोर्ट देगी, जिसके बाद शराब दुकानों को बंद करने फैसला किया जाएगा। दरअसल, अप्रैल 2016 से शराब दुकानों का संचालन सरकारी नियंत्रण में किया जा रहा है। इस दौरान दर्जनभर से अधिक दुकानों का संचालन बंद किया गया, लेकिन इसके बाद भी दर्जनों दुकानों को बंद करने लगातार पब्लिक का विराेध जारी था। इसे देखते हुए सरकार ने शराब दुकानों की संख्या कम करने कवायद शुरू की है।

इन बिंदुओं पर बनेगी कुंडली
जानकारी के मुताबिक एक्साइज डिपार्टमेंट ऐसी दुकानों को बंद करेगा, जिसकी रोज की बिक्री एक से 2 लाख रुपए या फिर इससे कम है। साथ ही कम फासले पर खुली कई दुकानों को खोला गया है, उसे भी बंद किया जा सकता है। यही नहीं, जिन दुकानों के खोलने का लगातार विरोध हो रहा है, ऐसी दुकानों को भी बंद करने के दायरे में रखा जाएगा। इन बिंदुओं पर सर्वे रिपोर्ट तैयार कर कमेटी एक्साइज कमिश्नर केपी सिंह को सौंपेगी। इसके बाद शासन स्तर पर दुकानों को बंद करने का फैसला लिया जाएगा।
इन जिलों में बंद होंगी दुकानें
जानकारी के मुताबिक रायपुर जिले में 5, दुर्ग जिले में 3, बिलासपुर जिले में 4, जांजगीर-चांपा 7, बस्तर संभाग की 8 से 10 शराब दुकानों के बंद होने की संभावना है, जबकि अन्य जिलों में एक-दो शराब दुकानों का शटर हमेशा के लिए बंद हो सकता है। इसे लेकर एक्साइज डिपार्टमेंट की टीम ने सर्वे शुरू कर दिया है।
इतनी शराब दुकानें होंगी कम
जानकारी के मुताबिक ठेकेदारों के समय राज्यभर में करीब 712 देसी और अंग्रेजी शराब दुकानें संचालित थीं, लेकिन सरकारी नियंत्रण में आने के बाद करीब 694 शराब दुकानें संचालित की गईं। अब अगर 50 देसी और अंग्रेजी शराब दुकानें बंद होती हैं, तो राज्यभर में 644 शराब दुकानें संचालित होंगी यानी पहले की तुलना में 68 शराब दुकानें कम होंगी। इससे पब्लिक का विरोध कम होने के साथ ही शराबबंदी की दिशा में अच्छी पहल भी होगी।
एक्साइज डिपार्टमेंट के विशेष सचिव एके त्रिपाठी ने बताया कि राज्यभर में शराब दुकानों को कम करने सर्वे किया जा रहा है। इसके लिए कमेटी बनाई गई है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी।
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