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स्टेनोग्राफर पत्नी से गुजारा भत्ता दिलाने बेरोजगार पति ने न्यायालय से लगाई गुहार

जिले के भिलाई तीन इलाके में एक अनोखा मामला सामने आया है। अभी तक आपने सुना होगा कि परिवारिक मामलों में पत्नी गुजारा भत्ता दिलाने न्यायालय से मांग करती है, लेकिन यहां एक पति ने न्यायालय में पत्नी से गुजारा भत्ता दिलाने की गुहार लगाई है।

स्टेनोग्राफर पत्नी से गुजारा भत्ता दिलाने बेरोजगार पति ने न्यायालय से लगाई गुहार

दुर्ग: जिले के भिलाई तीन इलाके में एक अनोखा मामला सामने आया है। अभी तक आपने सुना होगा कि परिवारिक मामलों में पत्नी गुजारा भत्ता दिलाने न्यायालय से मांग करती है, लेकिन यहां एक पति ने न्यायालय में पत्नी से गुजारा भत्ता दिलाने की गुहार लगाई है। वहीं, न्यायालय ने पति के इस आवेदन को स्वीकार कर लिया है और पत्नी के आपत्ति को अस्वीकार कर दिया है। बता दें आवेदक के अपने आवेदन में पत्नी से प्रतिमाह 20 हजार रुपए भत्ते देने की मांग की है।

दरअसल देवबलौदा भिलाई तीन निवासी सुरेन्द्र कुमार कोरी और पत्नी दीपा कोरी के बीच अनबन हो गई और दोनों ने अलग होने का फैसला लिया। लेकिन मामला अटक गया गुजारा भत्ता में। आम तौर पर देखा जाता है कि कि संबंध विच्छेद होने पर पति, पत्नी को गुजारा भत्ता देता है, लेकिन यहां मामला अलग है।
पत्नी दीपा कोरी यपुर स्थित औद्योगिक न्यायालय में स्टेनोग्राफर के पद पर कार्यरत है और आवेदक बेरोजगार है। इस लिहाज से पति सुरेंद्र कोरी ने दिल्ली हाईकोर्ट में हुए परिवाद केरानी सेठी विरुद्ध सुनील सेठी के मामले का हवाला दिया। मामले में कोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा था कि हिन्दू विवाह अधिनियम की धारा 24 व 25 के तहत पति भी गुजारा भत्ता मांग सकता है। इसी तर्क पर तृतीय अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश निरंजन लाल चौहान ने सहमत होते हुए पति की ओर से प्रस्तुत भरण-पोषण का आवेदन चलने योग्य माना।
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