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HIV पीड़िता की मदद के लिए आगे आ​ई महिला अधिवक्ता और थर्ड जेंडर, सरकार से लगाई मदद की गुहार

जहां एक ओर सरकार की तरफ से HIV पीड़ितों के साथ भेदभाव नहीं करने और उनके साथ सामान्य मरीजों की तरह व्यवहार करने के लिए कड़े नियम और कानून बनाए गए हैं। वहीं दूसरी ओर बिलासपुर जिले में मानवता को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है जहां एक HIV पीड़ित लड़की को समाज से लेकर इससे संबंधित संस्थानों तक में प्रताड़ना का शिकार होना पड़ा है।

HIV पीड़िता की मदद के लिए आगे आ​ई महिला अधिवक्ता और थर्ड जेंडर, सरकार से लगाई मदद की गुहार

जहां एक ओर सरकार की तरफ से HIV पीड़ितों के साथ भेदभाव नहीं करने और उनके साथ सामान्य मरीजों की तरह व्यवहार करने के लिए कड़े नियम और कानून बनाए गए हैं। वहीं दूसरी ओर बिलासपुर जिले में मानवता को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है जहां एक HIV पीड़ित लड़की को समाज से लेकर इससे संबंधित संस्थानों तक में प्रताड़ना का शिकार होना पड़ा है।

पीड़िता की हालात को देखते हुए उसकी मदद के लिए एक महिला अधिवक्ता और थर्ड जेंडर सामने आए है और उसे न्याय दिलाने के लिए हर एक संबंधित विभागों में जा रहे हैं।

पंजाब की रहने वाली पैरों से दिव्यांग HIV पीड़ित लड़की अपने पांव पर ठीक से खड़ी भी नहीं हो पाती है। पीड़िता की शादी रायपुर निवासी से जबरजस्ती कर दी गई थी। शादी के बाद आए दिन पति के द्वारा प्रताड़ित किए जाने के कारण किसी महिला की मदद से वह बिलासपुर सखी सेंटर तो पहुंच गई वहां उसे 6 दिन रखा गया उसके बाद उसे सुधार गृह भेज दिया गया। लेकिन जब सुधार गृह में उसके HIV पॉजिटिव होने की जानकारी मिली, सबका व्यवहार उसके साथ बदल गया।

पीड़िता के मुताबिक जब से उसके बारे में सुधारगृह में उसके HIV पॉजिटिव पता लगा उसके बाद से उसका बिस्तर तक और दूसरी लड़कियों से अलग कर दिया गया। इतना ही नहीं उसे खाना पीना देना तक बंद हो गया।

इसके बाद उस महिला मददगार को पीड़िता के साथ हो रहे इस बर्ताव का लगा तो उसने शहर में ही किसी दूसरे घर में पीड़िता के रहने की व्यवस्था कर दी। लेकिन वहां भी एक बीजेपी नेता ने एमरजेंसी नंबर पर कॉल करे उसे वहां से निकलवा दिया।

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