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परेड ग्राउंड पर तृतीय लिंग, दिव्यांग बच्चों की थीम पर निकाली जाएगी लाइव झांकी, दिखेगी थर्ड जेंडर समुदाय की पूर्व और वर्तमान स्थिति

बीते 15 सालों में छत्तीसगढ़ शासन की ओर से अलग-अलग विभागों के विकास कार्यों पर आधारित झांकियां निकाली जाती थी, इस वर्ष गणतंत्र दिवस पर निकाली जाने वाली झांकियों में बदलाव ​किया जगया है।

परेड ग्राउंड पर तृतीय लिंग, दिव्यांग बच्चों की थीम पर निकाली जाएगी लाइव झांकी, दिखेगी थर्ड जेंडर समुदाय की पूर्व और वर्तमान स्थिति
रायपुर। बीते 15 सालों में छत्तीसगढ़ शासन की ओर से अलग-अलग विभागों के विकास कार्यों पर आधारित झांकियां निकाली जाती थी, इस वर्ष गणतंत्र दिवस पर निकाली जाने वाली झांकियों में बदलाव ​किया जगया है।
26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर पहली बार विभिन्न विभागों की झांकियों के बीच तृतीय लिंग और दिव्यांग बच्चों के कंसेप्ट पर लाइव झांकी निकाली जाएगी।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि समाज कल्याण विभाग व शासन द्वार एक नई पहल की गई है।
इसमें तृतीय लिंग और ब्लाइंड बच्चों के आर्केस्ट्रा पर लाइव झांकी निकालने की तैयारी जोर-शोर से चल रही है। थर्ड जेंडर लाइव झांकी में समुदाय की पूर्व और वर्तमान स्थिति को दर्शाया जाएगा। झाांकी के माध्यम से तृतीय लिंग समुदाय की भूमिका पर जानकारी दी जाएगी।
झांकी में समुदाय की सदस्या मिस इंडियाखिताब की विजेता बीना सेंद्रे, वकील सौम्या जंघेल और छत्तीसगढ़ पुलिस सेवा में चयनित नेहा किन्नर के स्थान पर तनुश्री अभिनय करेंगी। इसने हाल ही में पुलिस विभाग की शारीरिक परीक्षा पास की है। इसके साथ दिव्यांग बच्चों की झांकी में उनके द्वारा आॅर्कस्ट्रा की लाइव प्रस्तुति होगी। परेड ग्राउंड पर ब्लाइंड बच्चों द्वारा देश भक्ति गाने पर प्रस्तुति दी जाएगी। इन दोनों सब्जेक्ट पर खासतौर पर विभागीय स्तर पर लगातार काम चल रहा है।
दिव्यांग बच्चों के शिक्षा का स्तर का प्रदर्शन
समाज कल्याण द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली झांकी में दिव्यांग स्कूलों में शिक्षा के स्तर में कितनी तेजी से बदलाव आया है और उनमें क्या क्या सामान व सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है, यह भी दिव्यांग बच्चों की लाइव झांकी में जनता को देखने मिलेगा।
जागरूकता लाने की कोशिश
अभी तक की झांकी केवल बैनर पोस्टर के माध्यम से निकाली जाती थी, इस बार विभगीय स्तर पर अलग तरीके से झांकी निकालने का प्रयास किया जा रहा है। लाइव झांकी के माध्यम से जनता में जागरूकता लाने की कोशिश है, ताकि तृतीय लिंग के साथ दिव्यांग बच्चों की झांकी देखकर लोगों के नजरिए में बदलाव आ सके।
-भूपेंद्र पांडे, संयुक्त संचालक, रायपुर

दूरी में बदलाव आएगा
हम परेड ग्राउंड पर सभी विभागों की झांकी देखते थे। इस साल शासन की ओर से तृतीय लिंग समुदाया को भी झांकी के माध्यम से स्थान दिया गया है। झांकी के माध्यम से स्थान दिया गया है। झांकी माध्यम से सरकार और समाज के बीच की दूरी में बदलाव आएगा। लाइव झांकी में समता व समानता का दृश्य लोगों के देखने मिलेगा। यह तृतीय लिंग समुदाय के लिए खुशी की बात है।
-विद्या राजपूत, अध्यक्ष मितवा संकल्प समिति
सुरक्षा पेंशन की लाइव झांकी
जानकारी के अनुसार तृतीय लिंग समुदाय के सा​थ वृद्धा पेंशन और वृद्धा आश्रम सब्जेक्ट को भी स्थान दिया गया है। इस कंसेप्ट के अंतर्गत झांकी में बुजुर्ग बैठे नजर आएंगे, जो यह बताएंगे कि आश्रम में उनकी देखभाल किस तरह की जाती है। वे आपस में कैसे मिलजुलकर रहते हैं। इसके साथ बुजुर्गों को दी जाने वाली सामाजिक सुरक्षा पेंशन पर लाइव झांकी केंद्रित होगी।
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