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छत्तीसगढ़ समाचार: रंगमंच कर्मी दीपक को संगीत नाटक अकादमी अवाॅर्ड मिला, दिल्ली में राष्ट्रपति ने किया सम्मानित

छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध रंगमंच कर्मी एवं प्रख्यात अभिनेता दीपक तिवारी (विराट) को दिल्ली में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने संगीत नाट्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया।

छत्तीसगढ़ समाचार: रंगमंच कर्मी दीपक को संगीत नाटक अकादमी अवाॅर्ड मिला, दिल्ली में राष्ट्रपति ने किया सम्मानित
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राजनादगांव। छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध रंगमंच कर्मी एवं प्रख्यात अभिनेता दीपक तिवारी (विराट) को दिल्ली में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने संगीत नाट्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया। विराट ने गायक एवं लोक संगीतज्ञ राकेश तिवारी, लोक कलाकार हेमन्त वैष्णव, सुप्रसिद्ध हिन्दुस्तानी शास्त्रीय गायक गुंदेचा बंधु, रंगमंचकर्मी एवं अभिनेत्री हेमा ङ्क्षसह, बांंसुरी वादक राजेंद्र प्रसन्ना एवं जानी-मानी नृत्यांगना रमा वैद्यनाथन सहित 42 कलाकारों को इस वर्ष संगीत नाट्य अकादमी पुरस्कार देने की घोषणा हो चुकी है।
मंच की चकाचौध में जिन्दगी की मुफ्लिसी कुछ कम दिखाई दी, लेकिन पर्दा गिरा तो अपनों से भी भरोसा उठ गया। अधिकांश कलाकार की जिन्दगी में कुछ ऐसे ही हालात नज़र आते हैं। उम्र के एक पड़ाव में आकर थियेटर से जिन्दगी पीछे छुट जाती है और जीवन में संघर्ष सामने दिखाई देता है।
कभी हजारों के भीड़ में आने वाली तालियों की गूंज आज सन्नाटे भरी खामोशियों में गुम हो गई है। कभी थियेटर पर थिरकने वाले पैर आज दो कदम भी नहीं चल सकते। राजनांदगांव के कलाकार दीपक तिवारी के हालात भी कुछ इसी तरह के हैं। अपनी कला से लोगों का दिल जीतने वाले दीपक की घड़कने कुछ अस्पताल की मशीन में गिनी जा रही थी।
कभी मंच पर धमाल करने वाला संगीत नाटक अकादमी से नवाजे जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय उम्दा कलाकार दीपक विराट को अपने इलाज में खर्च होने वाले रकम को निकालने बैंक में रकम तो नहीं मिली। 29 अक्टूबर 1959 को दुर्ग जिले के ग्राम मोहलाई में जन्मे दीपक तिवारी को रंगमंच ने दीपक विराट का नाम दिया।
कला और संगीत को अपना जीवन समर्पित करने वाले राजनांदगांव की माटी के दीपक ने देश विदेश के मंच पर अपनी कला के खूब जलवे बिखेरे। मशहूर नाट्य सम्राट हबीब तनवीर के नया थियेटर से जुड़कर उन्होंने चोर चरणदास, आगरा बाजार, देख रहे नैन, जमादारीन, बहादुर कलारिन, गांव का नाव ससुराल, मिट्टी की गाड़ी, साजापुर की शांति बाई सहित कई अनगिनत नाटकों में अपनी अभिनय का लोहा मनवाने वाला दीपक विराट आज शरीर से कमजोर हो चुका है।
लकवे की बीमारी से ग्रस्त दीपक तिवारी का परिवार कला के लिए समर्पित है। उनकी पत्नी पूनम विराट और उनके बच्चे आज भी संगीत और कला के मंच पर छत्तीसगढ़ की मांटी की खूश्बू बिखेर रहे हैं। कभी कला और संगीत के मंच पर तेजी से बढ़ता हुआ दीपक विराट आज अपने बल पर दो कमद भी नहीं चल सकता।
दीपक विराट का परिवार आज मुफ्लिसी के दिन गुजार रहा है। छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा उनकी पत्नी को दाउ मंदराजी सम्मान और दीपक विराट को छत्तीसगढ़ रत्न का खिताब दिया गया है लेकिन बेटे के लिए सरकारी नौकरी की आस अब भी बंधी हुई है।
वर्ष 2017 के संगीत नाट्य अकादमी पुरस्कार के लिए दीपक विराट का चयन हुआ है। दीपक विराट छत्तीसगढ़ के अनेक नाट्य निर्देशकों के साथ काम करने के बाद वर्ष 1984 में प्रख्यात रंगकर्मी हबीब तनवीर के संपर्क में आये और उनके थियेटर से जुड़ गए। इसके बाद उन्होंने कई प्रसिद्ध नाटकों में अभियन किया। उनके इस अभियन की वजह से ही आज अभाव के बीच उन्हें ये सम्मान दिया जा रहा है।

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