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छत्तीसगढ़ समाचार : द फ्यूचर ऑफ पॉलिटिक्स विषय पर दिग्गज नेताओं ने रखे विचार, प्रोफेशनल युवाओं ने भी साझा किया अपना थॉट...

साइंस कॉलेज स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में ऑल इंडिया प्रोफेशनल कांग्रेस का सम्मेलन चल रहा है. द यंग एंड रेस्टलेस, द फ्यूचर ऑफ पॉलिटिक्स थीम पर ये सम्मलेन आयोजित किया गया है.

छत्तीसगढ़ समाचार : द फ्यूचर ऑफ पॉलिटिक्स विषय पर दिग्गज नेताओं ने रखे विचार, प्रोफेशनल युवाओं ने भी साझा किया अपना थॉट...
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गौरव शर्मा, रायपुर. साइंस कॉलेज स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में ऑल इंडिया प्रोफेशनल कांग्रेस का सम्मेलन चल रहा है. द यंग एंड रेस्टलेस, द फ्यूचर ऑफ पॉलिटिक्स थीम पर ये सम्मलेन आयोजित किया गया है. राष्ट्रीय अध्यक्ष शशि थरूर, सांसद विवेक तनखा, मंत्री टीएस सिंहदेव, राज्य सभा सदस्य राजीव गौड़ा सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे हुए हैं.

शशि थरूर की अध्यक्षता में पैनल करेगा वकील, सीए, इंजीनियर समेत कई प्रोफेशनल वर्ग से चर्चा करेंगे. सम्मेलन में शामिल होने वालों से पर्चियों के माध्यम से विचार मांगे जा रहे हैं. सम्मेलन में आने वाले विचार, मांगों को लोकसभा के लिए बनाए जाने वाले मेनिफेस्टो में किया शामिल किया जाएगा.
युवाओं के राजनीति में भविष्य को लेकर पैनल डिस्कशन में टी एस सिंहदेव ने कहा कि जो लोग पहले से राजनीति में हैं उनकी पहुंच आगे तो हो जाती है. इसलिए कई बार युवाओं को अवसर नहीं मिलता. अगर बात लोकसभा और विधानसभा की हो तो ऐसी स्थिति में युवा वर्ग टिकट पाने के लिए तैयार भी हो तो उनका उनकी सक्रियता टिकट पाने के लायक नहीं होती.
भले वह सक्रिय क्यों ना हों उनका नाम विचार में भी नहीं आ पाता. फिर भी नगरीय निकाय और पंचायती राज ने युवाओं के लिए नए रास्ते खोले हैं. पंचायती राज और निकाय के माध्यम से युवाओं को चुने जाने का अवसर मिला है. हमारे यहां पर कई युवा विधायक मौजूद हैं. छत्तीसगढ़ की बात करें तो छत्तीसगढ़ में युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उमेश पटेल ना सिर्फ विधायक हैं बल्कि मंत्री के रूप में काम कर रहे हैं.
एक बच्ची शकुंतला साहू है जो जिला पंचायत सदस्य थी वह आज विधायक है. शकुंतला साहू ने तत्कालीन स्पीकर रहे कद्दावर नेता को 50,000 से अधिक वोटों से हराया. मुझे महसूस हुआ युवाओं के सामने आने में जो कमी होती है वह काफी हद तक लिहाज भी होती है.
किसी वरिष्ठ नेता के खिलाफ टिकट मांगने चुनाव लड़ने में लिहाज की बात होती है. दूसरी बात कैरियर अहम विषय भी है. युवाओं के सामने आने में कैरियर को छोड़कर राजनीति करना भी युवाओं के लिए मुश्किल होता है. इसलिए युवा पहले कैरियर ऑप्शन बढ़ाना चाहते हैं. उसके बाद राजनीति में आना चाहते हैं.
सम्मलेन में विवेक तनखा ने कहा कि माइंडसेट चेंज करना है. पुराने नेता जगह छोड़ने को तैयार नही हैं लेकिन 4-5 टर्म के बाद स्थापित व्यक्ति सीट नही छोड़ता. कॉलेज से छात्र राजनीति में प्रवेश करते हैं लेकिन अब अब छत्तीसगढ़ में कॉलेज-यूनिवर्सिटी में चुनाव बंद कर दिया गया है. ऐसे में युवा कॉलेज पास करने के बाद नौकरी की तलाश करता है. परिजन भी करियर बिल्ट करने पर जोर देते हैं लेकिन पॉलिटिक्स करियर नही है बल्कि सर्विस है. यह बात सभी को समझने की जरुरत है.
सम्मलेन में राजीव गौड़ा ने कहा कि राजनीति में सफलता आसान नहीं, इसके लिए धैर्य की जरूरत होती है. लोग धैर्य रखें फिर राजनीति में आएं और राजनीति में आने के बाद भी अगर संघर्ष का रास्ता मिलता है तो उसे भी अपनाना चाहिए. क्योंकि राजनीति कोई प्रोफेशन नहीं है राजनीति सेवा है.

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