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ये कैसी शिक्षा, पढ़ने के बजाए बच्चे उठा रहे शराब की बोतल और डिस्पोजल

छत्तीसगढ़ सरकार शिक्षा के स्तर को लेकर चाहे कितने भी दावे कर लें, लेकिन धरातल की सच्चाई कुछ और ही बयां करती है। स्कूल की बदहाल व्यवस्था का जिवंत उदाहरण राजनांदगांव जिले के एक स्कूल में देखने को मिला, जहां बच्चे मैदान में पड़े शराब के बोतल और डिस्पोजल उठाते दिखाई दिए।

ये कैसी शिक्षा, पढ़ने के बजाए बच्चे उठा रहे शराब की बोतल और डिस्पोजल

ललित सिंह ठाकुर, राजनांदगांव: छत्तीसगढ़ सरकार शिक्षा के स्तर को लेकर चाहे कितने भी दावे कर लें, लेकिन धरातल की सच्चाई कुछ और ही बयां करती है। स्कूल की बदहाल व्यवस्था का जिवंत उदाहरण राजनांदगांव जिले के एक स्कूल में देखने को मिला, जहां बच्चे मैदान में पड़े शराब के बोतल और डिस्पोजल उठाते दिखाई दिए। अब शोसल मीडिया पर बच्चों का बोतल उठाते हुए फोटो जमकर वारयल हो रहा है। वहीं, मामले की जानकारी होने पर डोंगरगाव बीईओ प्रवास सिंह बघेल ने जांच के आदेश दिए हैं।

दरसअल मामला अरसीटोला प्राथमिक स्कूल का है, जहां स्कूल में पढ़ने के बजाय शराब के बोतले व डिस्पोजल को उठाकर साफ़ सफाई कर रहे हैं। पढ़ने वाले बच्चे का फोटो सोशल मिडिया में खूब वायरल हो रहा है। अगर बात शराब बंदी की बात करें तो प्रदेश सरकार लगातार शराब बंदी के लिए प्रयासरत है। लेकिन ग्रामीण इलाकों में अवैध शराब का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है।
जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास सिंह बघेल ने इस मामले को लेकर कहा कि जिले के सभी बीइओ को निर्देश जारी किया गया है। वहीं, सभी स्कूलों के शाला प्रबंध समिति के बैठक बुलाकर लोगो को जागरूक करने के निर्देश देने की बात कही और कहा की स्कूलों में इस प्रकार के मामले आने पर स्कूलों में कार्यरत स्वीपर से साफ़ सफाई करने की बात कही। बच्चों के द्वारा शराब के बोतले उठाने और डिस्पोजल को उठाकर साफ़ करना गलत है। मामले की जांच करवाने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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