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छत्तीसगढ़ समाचार: तैरना नहीं आता फिर भी लगा दी तालाब में छलांग, 26 जनवरी को राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा जाएगा

जिले के वनांचल इलाके के भूरसी डोंगरी गांव में, एक 9 साल के बच्चे को डूबने से बचाकर अपने अदम्य साहस और सूझबूझ का प्रदर्शन करने वाले 10 साल के श्रीकांत गंजीर को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए चुना गया है। 26 जनवरी के दिन श्रीकांत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली में राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से नवाजेगें।

छत्तीसगढ़ समाचार:  तैरना नहीं आता फिर भी लगा दी तालाब में छलांग, 26 जनवरी को राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा जाएगा
जिले के वनांचल इलाके के भूरसी डोंगरी गांव में, एक 9 साल के बच्चे को डूबने से बचाकर अपने अदम्य साहस और सूझबूझ का प्रदर्शन करने वाले 10 साल के श्रीकांत गंजीर को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए चुना गया है। 26 जनवरी के दिन श्रीकांत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली में राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से नवाजेगें। इसके लिए श्रीकांत अपने पिता के साथ दिल्ली भी रवाना हो गए हैं।
हम बात कर रहे हैं छत्तीसगढ़ धमतरी जिले के वनांचल इलाके के भूरसीडोंगरी गावं के श्रीकांत गंजीर की। 10 साल के श्रीकांत ने अपनी जान पर खेलकर न सिर्फ 9 साल के एक मासूम बच्चे की जान बचाई बल्कि अपनी सूझबूझ का परिचय भी दिया। हैरानी की बात तो यह है कि श्रीकांत को खुद तैरना नहीं आता है।

डूब रहे आशीष को खींचकर बाहर निकाला

श्रीकांत ने बताया पिछले साल गणेश विसर्जन के दिन 9 साल का आशीष नेताम अपने दोस्तों के साथ गणेश विसर्जन करने गया था। इस दौरान पांव फिसलने के कारण पानी में गिर गया उसे तैरना नहीं आता था इसलिए वह डूबने लगा था।
आशीष को डूबता देखय उसके साथी सहम गए और मदद के लिए चिल्लाने लगे। उसी समय मैं वहां से पापा की दुकान जाने के लिए गुजर रहा था तो उनकी चीख पुकार सुनकर वहां गया और वहां आशीष को डूबता देख पानी में छलांग लगा दी। इसके बाद साथियों की मदद से आशीष को खींच कर बाहर निकाला।
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