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जादू टोने के शक में महिला की प्लास्टिक की रस्सी से दबाया था गला, 12 दिन बाद खुला हत्या का लाश,

जादू टोने के शक में महिला की प्लास्टिक की रस्सी से दबाया था गला, 12 दिन बाद खुला हत्या का लाश,

जशपुरनगर। कोतवाली थाना पुलिस ने 12 दिन बाद एक हत्या का राज खोला। जिसमें एक नाबालिग समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जादू टोना की शंका में एक युवक ने पड़ोस में रहने वाली वृद्ध महिला की गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद अपने भाई और दो साथियों के साथ मिलकर महिला की लाश को ठिकाने लगा दिया। मामले का खुलासा उस समय हुआ जब महिला के बेेटे ने गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखाई और पुलिस ने गांव में पूछताछ की ​थी।

शुक्रवार को कोतवाली टीआई लक्ष्णम सिंह ध्रुवे ने बताया कि ग्राम जिलिंग निवासी जागीर साय ने अपनी मां छंदनी बाई (55) की गुमशुदगी की रिपोर्ट कोतवाली थाने में दर्ज कराई थी। जिसके बाद पुलिस ने ग्रामीणों से पूछताछ की तो पता चला कि गांव के अनिल राम के साथ वर्ष 2015 में छंदनी बाई का झगड़ा हुआ था।

अनिल राम छंदनी को टोनही कहकर झगड़ा करता था। पुलिस ने जब अनिल राम को थाने लाकर पूछताछ की तो उसने अपना अपराध कबूला। अनिल की निशानदेही पर पुलिस ने नीमगांव डैम से 200 मीटर दूर खेत में गड़ी हुई लाश भी बरामद कर ली। मामले में पुलिस ने अनिल का साथ देने वाले 3 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में जिलिंग निवासी अनिल राम, उसका भाई वीरेंद्र राम, दोस्त संतोष राम और 17 वर्षीय किशोर को गिरफ्तार किया है।

प्लास्टिक की रस्सी से दबाया था गला

2 जून की रात 8 बजे छंदनी बाई अपने घर के दरवाजे पर बैठी थी। आरोपी अनिल राम प्लास्टिक की रस्सी लेकर महिला के पीछे पहुंचा और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। घटना दिनांक को महिला के घर पर कोई नहीं था। घटना के बाद उसने इसकी जानकारी अपने दोस्त संतोष राम को दी और लाश ठिकाने लगाने की बात कही। संतोष राम और अनिल ने लाश को प्लास्टिक की बोरी में भरा।

इसके बाद अनिल ने अपने छोटे भाई वीरेंद्र राम को उठाया और उसकी मोटरसाइकिल ली। इसके अलावा पड़ोस के 17 वर्षीय एक लड़के को भी उन्होंने स्कूटी लेकर बुलाया। दो आरोपी बाइक पर और दो आरोपी स्कूटी पर महिला की लाश लेकर गए। स्कूटी पर महिला की लाश को बीच में रखकर अनिल और संतोष नीमगांव डैम गए। वहां उन्होंने शव वाली बोरी में और पत्थर भरा और लाश को डैम के पानी में डाल दिया।

5 दिन बाद लाश ऊपर आयी तो जमीन में दफना दिया

घटना के 5 दिन बाद 7 जून को आरोपी अनिल दिन में डैम गया था। उसने देखा कि डैम के पानी में लाश से भरी हुई बोरी दिख रही है। जिसके बाद उसी रात को वह फावड़ा लेकर फिर डैम गया। अपने साथियों की मदद से उसने डैम से लाश निकाली। डैम से 200 मीटर दूर खेत में एक गड्ढा बनाया और लाश वहां दफना दिया।

इसलिए करता था शक

अनिल ने अपने बयान में जो बात बतायी वह वाकई बड़ी अजीबो गरीब थी। उसने बताया वर्ष 2015 में उसकी पत्नी साइकिल से गिर गई थी। जिससे उसका पैर टूट गया था और गर्भपात हो गया था। यह छंदनी के जादू-टाेने के कारण हुआ था। 10 दिन पहले एक भैंसा मर गया था। इसके लिए भी आरोपी छंदनी को जिम्मेदार मान रहा था।

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