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छत्तीसगढ़ समाचार : जिला खनिज न्यास के अध्यक्ष पद से कलेक्टर की छुट्टी, अब प्रभारी मंत्री होंगे अध्यक्ष

जिला खनिज न्यास के पदेन अध्यक्ष अब कलेक्टर नहीं बल्कि जिले के प्रभारी मंत्री होंगे। कलेक्टर को पदेन सचिव बनाया गया है। प्रभारी मंत्रियों को गौण खनिज से हासिल राशि को खर्च करने का अधिकार दिया गया है। सीएम बघेल की घोषणा के बाद 26 फरवरी को खनिज विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी। खनिज विभाग की इस अधिसूचना के मुताबिक सभी विधायक अपने - अपने जिले के खनिज न्यास के सदस्य बनाए गए हैं।

छत्तीसगढ़ समाचार : जिला खनिज न्यास के अध्यक्ष पद से कलेक्टर की छुट्टी, अब प्रभारी मंत्री होंगे अध्यक्ष

रायपुर। जिला खनिज न्यास के पदेन अध्यक्ष अब कलेक्टर नहीं बल्कि जिले के प्रभारी मंत्री होंगे। कलेक्टर को पदेन सचिव बनाया गया है। प्रभारी मंत्रियों को गौण खनिज से हासिल राशि को खर्च करने का अधिकार दिया गया है। सीएम बघेल की घोषणा के बाद 26 फरवरी को खनिज विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी। खनिज विभाग की इस अधिसूचना के मुताबिक सभी विधायक अपने - अपने जिले के खनिज न्यास के सदस्य बनाए गए हैं। शाषी परिषद की बैठक में खनिज न्यास की राशि से जिन कामों का अनुमोदन होगा, उसकी मंजूरी प्रभारी मंत्री देंगे।

पहले यह अधिकार कलेक्टर के पास था। गौरतलब है कि गौण खनिज से होने वाली आय का इस्तेमाल कांवों के विकास और मूलभूत जरुरतों पर खर्च करने का प्रावधान है।लेकिन अक्सर इसके दुरुपयोग की शिकायत आती रही है। पिछली सरकार में कांग्रेस कलेक्टरों पर मनमानी का आरोप लगाते हुए व्यवस्था में बदलाव की मांग कर रही थी। उनका कहना था कि गांवों के विकास में खर्च करने के बजाए खनिज न्यास की ऱाशि से बड़े भवन, ऑक्सीजोन जैसे काम कराए गए। सरकार बदलने के बाद कांग्रेस जैसे ही सत्तारुढ़ हुई सीएम बघेल ने व्यवस्था में परिवर्तन का ऐलान किया। उन्होंने सदन में इसकी घोषणा भी की।

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