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खतरे में 10वी-12वीं बोर्ड के सैकड़ों छात्रों का भविष्य, रद्द हो सकता है परीक्षा फार्म

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा के लिए सैकड़ों अपात्र विद्यार्थियों ने फार्म भर दिया है। माशिमं ऐसे विद्यार्थियों का डेटा खंगाल रहा है।

खतरे में 10वी-12वीं बोर्ड के सैकड़ों छात्रों का भविष्य, रद्द हो सकता है परीक्षा फार्म
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बिलासपुर: छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा के लिए सैकड़ों अपात्र विद्यार्थियों ने फार्म भर दिया है। माशिमं ऐसे विद्यार्थियों का डेटा खंगाल रहा है। इसके बाद इन्हें परीक्षा देने की अनुमति दी जाए नहीं, इस पर अंतिम फैसला किया जाएगा। ज्यादातर स्वाध्यायी छात्रों के परीक्षा फार्म में गलतियां देखने को मिली हैं। गौर करने वाली बात यह है कि फार्म जमा करने के दौरान छात्रों की इन ग​लतियों पर किसी ने ध्यान नहीं दिया और उन्हें अपात्र घोषित कर दिया जाएगा तो निश्चित ही उनका भविष्य खतरे में पड़ सकता है।

गौरतलब है कि 12 वीं बोर्ड परीक्षा में स्वाध्यायी परीक्षा देने वालों के लिए मार्च 2017 अथवा इसके पहले माशिमं की 10वीं की परीक्षा उत्तीर्ण होना जरूरी है। इसी तरह 10वीं की परीक्षा में शामिल होने जा रहे स्वाध्यायी परीक्षार्थियों के लिए पात्रता तय की गई है। लेकिन अब सवाल यह उठ रहा है कि जब पहले से ही गाइड लाइन तय है, तो स्वाध्यायी परीक्षा फार्म भरने में गड़बड़ी हुई कैसे। बहरहाल अपात्र विद्यार्थी माशिमं के लिए सिरदर्द बन गए हैं।
साढ़े 6 लाख परीक्षार्थी होंगे शामिल इस बार
गौरतलब है कि इस बार 10वीं में नियमित तीन लाख 79 हजार 136, प्राइवेट सात हजार 666 परीक्षार्थी और 12वीं में नियमित दो लाख 51 हजार 555, प्राइवेट में नौ हजार 627 और 12वीं वोकेशनल में 1928 परीक्षार्थी शामिल होंगे। 10वीं की परीक्षा एक मार्च से 23 मार्च तक और 12वीं की परीक्षा दो मार्च से 29 मार्च तक चलेगी। परीक्षा सुबह 9 बजे से शुरू होगी। पिछली बार दसवीं-बारहवीं की परीक्षा पांच मार्च से शुरू हुई थी।
बोर्ड की प्रैक्टिकल परीक्षाएं 30 तक
चुनावी साल में बोर्ड की परीक्षा इस बार लगभग 20 दिन पहले ही हो जाएंगी। लोकसभा चुनाव के चलते माशिमं अप्रैल के बजाय पहली मार्च से ही परीक्षा ले रहा है। इसके पहले जून से अप्रैल तक की अवधि के शिक्षा सत्र में 20 मार्च के बाद ही परीक्षाएं होती रही हैं। 12वीं बोर्ड परीक्षा में 29 मार्च को 12वीं में फेल, क्रेडिट योजना और श्रेणी सुधार वाले परीक्षार्थियों को पुराने पैटर्न पर ही पर्यावरण का पर्चा देना पड़ेगा। नवीन पाठ्यक्रम में दसवीं और बारहवीं दोनों में ही पर्यावरण का पर्चा खत्म कर दिया गया है। बाकी बच्चों बच्चों को इस साल 50 अंक का पर्यावरण पर प्रोजेक्ट वर्क कराया गया है।
अंक नहीं भेजने पर प्राचार्यों पर लगेगा जुर्माना
बोर्ड की प्रैक्टिकल की परीक्षाएं 10 से 30 जनवरी तक चलेंगी। ये स्कूल स्तर पर ही आयोजित होंगी। प्रैक्टिकल कराने के बाद इनके अंकों को 11 फरवरी तक सभी स्कूलों के प्राचार्य को भेजना पड़ेगा। समय पर अंक नहीं भेजने पर प्रतिदिन प्राचार्यों को 200 रुपए जुर्माना भरना पड़ेगा। प्रोजेक्ट और प्रैक्टिकल की फाइल को छह महीने तक रखना अनिवार्य कर दिया गया है।
जल्द लिया जाएगा फैसला
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के संभागीय अधिकारी बीके चौधरी ने बताया कि बोर्ड परीक्षा के फार्म भरने के दौरान कुछ लोगों के आवेदन में गड़बड़ी पाई गई है, इन्हें पात्रता भी नहीं हैं। जल्द ही इस बारे में बोर्ड की परीक्षा समिति में फैसला लिया जाएगा।

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