Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

छत्तीसगढ़ समचार : लाखों खर्च करने पर भी फिसड्डी साबित हो रहा रोजगार विभाग, एक लाख से अधिक बेरोजगार युवा पंजीकृत

जिले में रोजगार विभाग युवाओं को रोजगार देने के लिए प्लेसमेंट कैंप से लेकर रोजगार मेले तक में लाखों रुपए खर्च कर रहा है। बावजूद इसके युवाओं को रोजगार देने के मामले में जिला फिसड्डी साबित हो रहा है।

छत्तीसगढ़ समचार : लाखों खर्च करने पर भी फिसड्डी साबित हो रहा रोजगार विभाग, एक लाख से अधिक बेरोजगार युवा पंजीकृत

अमित गुप्ता, रायगढ़ । जिले में रोजगार विभाग युवाओं को रोजगार देने के लिए प्लेसमेंट कैंप से लेकर रोजगार मेले तक में लाखों रुपए खर्च कर रहा है। बावजूद इसके युवाओं को रोजगार देने के मामले में जिला फिसड्डी साबित हो रहा है।

बता दें जिले में 1 लाख से अधिक बेरोजगार युवा पंजीकृत हैं लेकिन इसमें से बमुश्किल 12 हजार युवाओं को ही रोजगार मिल पाया है। जिन्हें रोजगार मिला है वो भी निजी सेक्टरों में काम कर रहे हैं। ऐसे में विभाग की उदासीनता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
रायगढ़ जिले में छोटे बड़े उद्योगों को मिलाकर तकरीबन 150 से अधिक उद्योग हैं। फिर भी रोजगार विभाग युवाओं को रोजगार दिलाने में फिसड्डी साबित हो रहा है। आलम यह है कि बेरोजगार युवाओं का पंजीयन का आंकड़ा 1 लाख पार हो चुका है। लेकिन रोजगार बमुश्किल 12 हजार युवाओं को मिल पाया है।
रोजगार कार्यालय के आंकडों के अनुसार साल 2013 में 11070, साल 2014 में 8578, साल 2015 में 28828, साल 2016 में 20245 साल 2017 में 5913 और साल 2018 में 1500 युवाओं ने रोजगार कार्यालय में रजिस्ट्रेशन कराया है।
हालांकि इसके बावजूद इन छह सालों में 12345 युवाओं को ही रोजगार मिल पाया है। खास बात यह है कि इसमें से बमुश्किल 10 फीसदी युवाओं को ही उद्योगों में नौकरी मिली है।
जबकि बाकी के युवा या तो निजी बैंकों, होटलों में या फिर छोटे व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में नौकरी कर रहे हैं। स्थानीय युवाओं का तो यहां तक कहना है कि विभाग प्लेसमेंट के नाम पर लाखों रुपए खर्च कर रहा है और रोजगार के नाम पर निजी प्रतिष्ठानों में 5 से 7 हजार रुपए महीने की नौकरी दिलाकर खानापूर्ति की जा रही है। जबकि विभाग को उद्योगों में काम दिलाने के लिए प्रयास करना चाहिए।
इधऱ मामले में रोजगार विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उद्योगों में स्किल्ड युवाओं की जरुरत होती है और क्षेत्र के युवा उद्योगों के क्राइटेरिया को पूरा नहीं कर पाते। कम्यूनिकेशन स्किल्ड कमजोर होने की वजह से भी उन्हें अच्छी नौकरी नहीं मिल पाती। हालांकि अधिकारियों का यह भी कहना है कि युवाओं को इसके लिए तैयार किया जा रहा है। जिले में रोजगार मेले भी लगाए जा रहे हैं ताकि अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार मिल सके। —प्रमोद जैन, जिला रोजगार अधिकारी
Next Story
Share it
Top