logo
Breaking

CBI की नो एंट्री पर बड़ा खुलासा, जोगी ने दी थी मंजूरी, छह साल पहले ही भाजपा सरकार लगा चुकी बैन

सीबीआई की छत्तीसगढ़ में नो एंट्री संबंधी जिस मामले को लेकर प्रदेश की सियासत गरमाई हुई है उससे जुड़ा एक नया पहलु सामने आया है।

CBI की नो एंट्री पर बड़ा खुलासा, जोगी ने दी थी मंजूरी, छह साल पहले ही भाजपा सरकार लगा चुकी बैन

रायपुर. सीबीआई की छत्तीसगढ़ में नो एंट्री संबंधी जिस मामले को लेकर प्रदेश की सियासत गरमाई हुई है उससे जुड़ा एक नया पहलु सामने आया है। कांग्रेस सरकार ने सीबीआई को राज्य में किसी भी प्रकार की जांच पड़ताल के लिए 2001 में दी गई सहमति को निरस्त करने की अधिसूचना जारी की है। लेकिन वास्तव में इस अधिसूचना की जरूरत ही नहीं थी, क्योंकि वर्ष 2012 में राज्य की तत्कालीन भाजपा सरकार ने ही एक तरह से सीबीआई के लिए साफ कर दिया था कि छत्तीसगढ़ से संबंधित हर केस में उसे जांच करने के लिए अलग-अलग अनुमित लेनी होगी। जानकारों का कहना है कि दरअसल इस नोटिफिकेशन के बाद कांग्रेस नेतृत्व वाली राज्य सरकार को 2001 में जारी सहमति निरस्त करने की आवश्यकता ही नहीं थी।

इस मुद्दे को लेकर राजनैतिक घमासान के बीच पता चला है कि वर्ष 2001 में छत्तीसगढ़ में तत्कालीन जोगी सरकार के समय राज्य शासन की तरफ से एक अधिसूचना जारी की गई थी। इस अधिसूचना के जरिए राज्य ने सीबीआई को इस बात के लिए सहमति दी थी वह छत्तीसगढ़ में किसी भी मामले की जांच के लिए स्वतंत्र है। उसके बाद सीबीआई यहां जांच के लिए स्वतंत्र थी।
लेकिन भाजपा शासनकाल में उसके हाथ फिर बांध दिए गए। सीबीआई मामले को लेकर हरिभूमि की पड़ताल में पता चला है कि 2012 में राज्य की भाजपा सरकार ने एक अलग नोटिफिकेशन जारी किया था। इसमें साफ किया गया था कि सीबीआई को अब हर केस की जांच के लिए अलग-अलग अनुमति लेनी है।
जानकारों के मुताबिक इस नोटिफिकेशन के 2001 की अधिसूचना स्वमेव निष्प्रभावी हो जाती है। यानी सीबीआई को राज्य में जांच के लिए जो दरवाजे पूरी तरह खुले थे अब वहां से प्रवेश केवल तभी हो सकता है जब राज्य सरकार केस-दर केस अनुमति प्रदान करे।
No photo description available.
ये कहा गया है 2012 के नोटिफिकेशन में
राज्य गृह विभाग ने केंद्र को 19 जुलाई 2012 को जारी अधिसूचना नंबर एफ4-164/एचसी/2012 में सूचित किया था कि दिल्ली स्पेशल पुलिस अधिनियम 1946 के अधीन दी गई शक्तियों को सीबीआई राज्य सरकार की मंजूरी के बिना राज्य के किसी भी क्षेत्र में उपयोग नहीं कर सकती है। किसी भी नए मामले की जांच के लिए सीबीआई को राज्य सरकार से अनुमति लेनी होगी। यानी सीबीआई पर राज्य में बैन लगा दिया गया था।

2001 में ये था
इससे पहले छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 3 फरवरी 2001 को पत्र क्र. 695/गृह/2001 के तहत सीबीआई को राज्य में कार्रवाई की छूट दी गई थी ताकि वह दिल्ली पुलिस अधिनियम 1946 के तहत दी गई शक्तियों के आधार पर राज्य में कहीं भी सीधे तौर जांच कर सकती थी। इसमें यह कहा गया कि सीबीआई को रोकने लिए राज्य सरकार ने संविधान में दिए गए अनुच्छेद 166 की उप धारा 2 और 3 तहत इसे उपयोग में लाया है। इसके अलावा नियम 19 के भाग के 4 अधीन दी गई शक्तियों के तहत उठाया है।
Share it
Top