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छत्तीसगढ़ समाचार : कॉमर्स पॉलिसी की तारीख बढ़ाई गई तो करेंगे राष्ट्रव्यापी आंदोलन, कैट ने दी सरकार को ये कड़ी चेतावनी...

कन्फेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने सरकार को कड़ी चेतावनी दी है कि ई-कॉमर्स की तारीख आगे न बढ़ाई जाये. कैट ने अपनी चेतावनी पत्र में कहा है कि कॉमर्स पॉलिसी में कोई संशोधन या उसकी तारीख बढ़ाने की खामियाजा सरकार को भुगतनी होगी. कैट ने उनकी मांगें नहीं मानने पर राष्ट्रव्यापी आन्दोलन की भी चेतावनी दी है.

छत्तीसगढ़ समाचार : कॉमर्स पॉलिसी की तारीख बढ़ाई गई तो करेंगे राष्ट्रव्यापी आंदोलन, कैट ने दी सरकार को ये कड़ी चेतावनी...

रायपुर. कन्फेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने सरकार को कड़ी चेतावनी दी है कि ई-कॉमर्स की तारीख आगे न बढ़ाई जाये. कैट ने अपनी चेतावनी पत्र में कहा है कि कॉमर्स पॉलिसी में कोई संशोधन या उसकी तारीख बढ़ाने की खामियाजा सरकार को भुगतनी होगी. कैट ने उनकी मांगें नहीं मानने पर राष्ट्रव्यापी आन्दोलन की भी चेतावनी दी है.

पूरा पढ़िये ये चेतावनी पत्र...
कान्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष मगेलाल मालू, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम सिंहदेव, प्रदेश महामंत्री जितेन्द्र दोषी, प्रदेश कार्यकारी महामंत्री परमानन्द जैन, प्रदेष कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल, एवं प्रवक्ता राजकुमार राठी ने बताया कि ई-कामर्स पर एफडीआइ की पॉलिसी को आगे बढ़ाने की सम्भावनाओं की ख़बरों के बीच आज कन्फ़ेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्ज़ (कैट ) ने सरकार को चेताया की वे कामर्स पॉलिसी की तारीख़ किसी भी सूरत में आगे न बड़ाई जाए और नीति में कोई परिवर्तन न कर नीति 1 फ़रवरी से निश्चित रूप से लागू की जाए । यदि पॉलिसी में कोई परिवर्तन होता है तो यह सरकार की कमज़ोरी समझी जाएगी जिसका देश भर में विपरीत राजनैतिक असर निश्चित रूप से होगा और सरकार को इसको झेलने के लिए तैयार रहना होगा । पॉलिसी में किसी भी प्रकार का परिवर्तन देश के 7 करोड़ व्यापारियों के हितों का अपमान होगा ।
कैट ने यह भी कहा की पॉलिसी में किसी भी प्रकार का बदलाव देश के करोड़ों व्यापारियों के साथ सरकार का विश्वासघात माना जाएगा । देश भर के व्यापारी पूरी ताक़त से ऐसे किसी भी क़दम का ज़बरदस्त विरोध करेंगे और देश भर में इसके ख़लिफ़ एक राष्ट्रव्यापि अभियान चलाने के लिए मजबूर होंगे और दबाव की राजनीति का पर्दाफ़ाश करेंगे । इस पॉलिसी का सीधा सम्बंध देश के करोड़ों व्यापारियों और उनके परिवारों की रोज़ी रोटी से है इसलिए देश भर के व्यापारी इस मुद्दे पर बेहद संवेदनशील है ।
कैट ने वाणिज्य मंत्रालय से माँग की है की इस मुद्दे पर सभी पक्षों की एक मीटिंग तुरंत बुलाई जाए और मंत्रालय इस पर सतिथि स्पष्ट करे जिससे ई कामर्स कम्पनियाँ और अमेरिका में बैठे उनके पैरोकार दबाव देना बंद करे और भ्रम समाप्त हो । कैट ने कहा कर यह चुनावी वर्ष है और सरकार को किसी भी दबाव में नहीं आना चाहिए अन्यथा उसकी राजनैतिक क़ीमत देने के लिए तैयार रहना चाहिए क्योंकि इस मुद्दे पर व्यापारियों के वोटों को खोने का पूरा ख़तरा है । अब यह मामला देश के करोड़ों व्यापारियों के हितों और बड़ी ई कामर्स कम्पनियों के बीच का है और देखना यह है की सरकार किसका पक्ष लेती है । यदि पॉलिसी में कोई परिवर्तन हुआ तो व्यापारियों का वोट सरकार के ख़लिफ़ जा सकता है । देश भर में फैले छोटे व्यापारी राजनीति में रूख बदलने में सक्षम है । कैट ने कहा है कर पीठ तक वार ठीक है लेकिन पेट पर लात मारने की कोशिश का विरोध होगा ।
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