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स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने किया सुपेबेड़ा दौरा, कहा- उचित स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिलने से नाराज हैं ग्रामीण

लंबे विदेश यात्रा के बाद स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव शनिवार को रायपुर लौटे। यात्रा से वापस लौटते ही गरियाबंद जिले के सुपेबेड़ा गांव के दौरे पर निकल गए।

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने किया सुपेबेड़ा दौरा, कहा- उचित स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिलने से नाराज हैं ग्रामीण

रायपुर: लंबे विदेश यात्रा के बाद स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव शनिवार को रायपुर लौटे। यात्रा से वापस लौटते ही गरियाबंद जिले के सुपेबेड़ा गांव के दौरे पर निकल गए। बता दें सुपेबेड़ा वह गांव है, जहां किडनी की बीमारी से अब तक 63 लोगों की मौत हो चुकी है। यहां से लौटने के बाद मंत्री सिंहदेव ने मीडिया से सुपेबेड़ा के हालात को साझा किया।

मीडिया से रूबरू होकर टीएस सिंहदेव ने कहा कि सुपेबेड़ी की स्थिती बहुत ही खराब है। यहां के लोग अपना उपचार नहीं करवाना चाहते। इस बात से ये स्पष्ट ​होता है कि कहीं न कहीं उनके इलाज में लापरवाही हुई है। ग्रामीणों जब तक उपचार के लिए सामने नहीं आएंगे उनकी बीमारी का खुलासा नहीं हो पाएगा। वहीं, पंचायत एवं स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने यह भी ​कहा कि सुपेबेड़ा के ग्रामीण उपचार के लिए सामने आएं। सरकार उन्हें मुफ्त उपचार मुहैया करएगी साथ ही आने-जाने का पूरा खर्च भी सरकार ही वहन करेगी। क्षेत्र विशेष में किडनी की बीमारी की बात सामने आ रही है। उस पर हम चाहते है जांच करें लेकिन जब तक पेशंट ईलाज करवाने नहीं आएंगे तब तक किडनी फैलियर के सही कारणों का पता नही चल पाएगा ।

एलेक्जेंड्राईड की खदान के कारण ऐसा माहौल बनाया जा रहा है
वहां के व्यक्तियों ने वहां से हटने जी बात अब तक नहीं कि सिर्फ एक व्यक्ति ने ही व्यवस्थापन की बात कही लेकिन वहां अधिकतर लोग ट्राईबल है और उनकी जमीन कोई नही ले सकता। वहां अगर ऐसा है तो ये बहुत बड़ा षड्यंत्र हो जाएगा ।
लोगो ने बताया कि 2005 के आस-पास जब से एलेक्ज़ेड्रेड के लिए जब ब्लास्टिंग हुई उसके बाद से ये बीमारी का हाल है। हो सकता है इसीलिए हो तो इसकी जांच भी की जाएगी। जितनी जांच होगी उनकी सभी रिपोर्ट्स सार्वजनिक भी की जायेगी। वहां के लोगो ने कहा कि हमारे बच्चों को बचा लीजिए तो आने वाले सप्ताह में डॉक्टरों की एक टीम जाएगी और जांच में जुटेगी।
सुपेबेड़ा से लोगो के पुनर्स्थापन के लिए कहा कि यदि इस तरह जमीन में कोई स्थिति जांच में मिलेगी जिसका उपचार संभव नहीं है, तो वहां से लोगो का पुनर्स्थापन भी सम्भव है लेकिन फिलहाल इस तरह की कोई स्थिति नहीं है।
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