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CG News: बायोगैस संयंत्र से ​महिलाओं और किसानों का जीवन स्तर ऊंचा उठाने सरकार की पहल

ग्रामीण अंचलों का स्तर उठाने के लिए शासन कि कई योजनाए संचालित है। ऐसे में जिला प्रशासन कि पहल से सूरजपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में लकड़ी और गैस सिलेंडर से छुटकारा दिलाकर। बायो गैस संयंत्र से महिलाओं और किसानों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए एक पहल जारी है।

CG News: बायोगैस संयंत्र से ​महिलाओं और किसानों का जीवन स्तर ऊंचा उठाने सरकार की पहल
सुरजपुर। ग्रामीण अंचलों का स्तर उठाने के लिए शासन कि कई योजनाए संचालित है। ऐसे में जिला प्रशासन कि पहल से सूरजपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में लकड़ी और गैस सिलेंडर से छुटकारा दिलाकर। बायो गैस संयंत्र से महिलाओं और किसानों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए एक पहल जारी है।
एक ओर जहां शासन कई योजनाएं संचालित कर ग्रामीणों को पशुपालन, कृषि को उन्नत और रसोई को सुविधायुक्त बनाने में कोई कसर नही छोड़ रही है। वहीं ऐसे में शासन कि पहल से जिला प्रशासन के क्रेडा विभाग द्वारा जिले के सोनगरा कसकेला और रविन्द्रनगर गांव में बायो गैस संयंत्र लगाने का काम कर रही है।
जहां पशुपालन, कृषि और रसोई कि समस्या संयंत्र से ही दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। बायो गैस संयंत्र से गोबर से ही स्वच्छ इंधन और उच्च गुणवत्ता का जैविक खाद भी किसानों को मिल रहा है और पशुपालन कि ओर रुझान भी बढ़ रहा है। जहां महिलाएं गैस सिलेंडर से निजाद मिलने से खुश हैं। बायो गैस संयत्र से किसानों को मिलने वाले खाद से उन्नत फसल का भी लाभ मिल रहा है।
जिले में बायो गैस संयंत्र वर्ष 2017-18 से सोनगरा कसकेला और रविन्द्रनगर गांव मे पशुपालन करने वाले ग्रामीणों के यहां स्थापित करना शुरु किया गया। जिला खनिज न्यास निधि मद से 252 किसानों के यहां स्थापित किया गया। जहां अधिकांश संयंत्र सूचारु रुप से कार्यशील हैं। वहीं क्रेडा विभाग के अधिकारियों का मानना है कि ग्रामीण महिलाओं का अधिकांश समय जंगल से लकड़ी लाने और खाना बनाने में ही समय व्यतीत हो जाता था। बायो गैस संयंत्र महिलाओं के रसोई कि समस्या का समाधान है तो वहीं किसानों को उर्वरक खाद से निजाद मिल रही है। गौरतलब है कि दो घन मिटर क्षमता के बायोगैस संयंत्र निर्माण में लगभग तीस हजार रुपए की ही लागत लगती है।
बहरहाल ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में बायो गैस संयंत्र मिल का पत्थर बन रहा हैं। ऐसे में दुसरे ग्रामीण क्षेत्रों में बायो गैस संयंत्र स्थापित करने के लिए प्रशासन किस स्तर पर काम करती है यह तो देखने वाली होगी।
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