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छत्तीसगढ़ समाचार: परिवहन विभाग की बनाई फर्जी वेबसाइट, देशभर में फैलाया जाल, राजधानी में 10 को ठगा

मुंबई के साइबर ठगों ने आरटीओ के आॅनलाइन सिस्टम को वसूली का नया जरिया बना लिया है। ठग आॅनलाइन सुविधा के तहत डीएल या फिर गाड़ियों का टैक्स फिटनेस फीस समेत अन्य फीस का डाका डाल रहे हैं। इसके लिए ठगों ने आरटीओ आॅनलाइन डॉटकम नाम से वेबसाइट बना रखी है।

छत्तीसगढ़ समाचार: परिवहन विभाग की बनाई फर्जी वेबसाइट, देशभर में फैलाया जाल, राजधानी में 10 को ठगा
रायपुर। मुंबई के साइबर ठगों ने आरटीओ के आॅनलाइन सिस्टम को वसूली का नया जरिया बना लिया है। ठग आॅनलाइन सुविधा के तहत डीएल या फिर गाड़ियों का टैक्स फिटनेस फीस समेत अन्य फीस का डाका डाल रहे हैं। इसके लिए ठगों ने आरटीओ आॅनलाइन डॉटकम नाम से वेबसाइट बना रखी है। यहीं नहीं, फीस जमा करने बाकायदा बैंक अकाउंट को वेबसाइट से कनेक्ट करा रखा है।
इसके आड़ में ना सिर्फ छत्तीसगढ़, बल्कि देशभर में ठगी को अंजाम दिया है। हफ्तेभर में सिर्फ राजधानी के 10 से अधिक ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वाले शिकार हुए, जिसके बाद यह फर्जीवाड़ा फूटा। हालांकि अब केंद्रीय परिवहन मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस की साइबर सेल को जांच सौंप दी है। दरअसल, परिवहन विभाग ने ग्राहकों की सुविधा के लिए वेबसाइट बनाई है, जहां गाड़ियों से जुड़े सभी आवेदन और फीस जमा होती है। इसका फायदा ठगों ने उठाया और फर्जी वेबसाइट बनाकर इगी की वारदात को अंजाम दिया।
खास बातें
  • पैंसे लूटने बाकायदा बैंक अकाउंट भी वेबसाइट से करा रखे थे लिंक
  • केंद्रीय परिवहन मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस की साइबर सेल को जांच सौंपी
  • शिकायत के बाद परिवहन दफ्तर में हड़कंप, जांच के बाद हुआ खुलासा
राजधानी में 10 से अधिक कंप्लेंट
अफसरों के मुताबिक राजधानी के आरटीओ दफ्तर 10 आवेदक पहुंचे, जिन्होंने लाइसेंस बनवाने के लिए फर्जी वेबसाइट पर आवेदन किया था। पीड़ितों के दफ्तर आने के बाद मामले की जाचं कराई गई। इस दौरान पीड़ितों को पता चला कि परिवहन विभाग के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाकर फ्रॉड किया गया है। इस तरह वेबसाइट का फर्जीवाड़ा फुटा।
यहां से चलता था गिरोह
जांच में पाया गया कि साइबर ठगों ने ट्रिनिटी इंटरप्राइजेज हाउस नंबर आर—1 एच—131 सेक्टर 3 एयरोली नवी मुंबई, जिला थाणे महाराष्ट्र के नाम से वेबसाइट का रजिस्ट्रेशन कराया था। इसमें आवेदन करने का टाइम सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक है। यही नहीं, आवेदकों को संपर्क करने मोबाइल नंबर 7447330427 वेबसाइट पर दिया गया है, जहां कॉल पर आवेदक अपनी परेशानी साझा कर सकते हैं।

ये लगती है फीस
लर्निंग डीएल (बाइक या कार) — 205 रुपए
लर्निंग डीएल (बाइक या कार) — 355 रुपए
परमानेंट डील (बाइक या कार) — 1000 रुपए
डीएल रीनुअल — 400 रुपए
डीएल अपडेट — 400 रुपए
डुप्लिेकेट डीएल — 400 रुपए
ऐसे कर रहे फ्रॉड
अफसरों के मुताबिक आवेदक के गूगल में परिवहन विभाग की वेबसाइट खोजने पर एक वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट आरटीओ आॅनलाइन डॉट कॉम फर्जी वेबसाइट है। इसमें आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद आॅनलाइन पेमेंट का विकल्प रहता है। इसमें पेमेंट करते ही पैसा हैकरों के बैंक अकाउंट में चला जाता है। आवेदक को अपने साथ फ्रॉड होने की जानकारी तब होती है, जब वह टेस्ट के लिए आरटीओ कार्यालय पहुंचता है।

दस आवेदक ठगी के हुए शिकार
आरटीओ की आॅनलाइन वेबसाइट फर्जी है। करीब 10 आवेदक ठगी के शिकार हो गए हैं।
- पुलक भट्टाचार्य आरटीओ, रायपुर
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