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छत्तीसगढ़ समाचार : अनुपूरक बजट पर चर्चा को लेकर सदन में हंगामा, पूर्व सीएम ने कहा बदलापुर सरकार का अनू​ठा कारनामा

छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के ​तीसरे दिन विपक्ष ने आज सदन की शुरुआत हंगामे के साथ की। विपक्ष ने एक ओर जहां अनुपूरक बजट पर चर्चा का जमकर विरोध किया वहीं दूसरी ओर आरक्षण मुद्दे पर बृजमोहन अग्रवाल और रविंद्र चौबे बीच तीखी नोंक-झोंक हुई।

छत्तीसगढ़ समाचार : अनुपूरक बजट पर चर्चा को लेकर सदन में हंगामा, पूर्व सीएम ने कहा बदलापुर सरकार का अनू​ठा कारनामा
छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के ​तीसरे दिन विपक्ष ने आज सदन की शुरुआत हंगामे के साथ की। विपक्ष ने एक ओर जहां अनुपूरक बजट पर चर्चा का जमकर विरोध किया वहीं दूसरी ओर आरक्षण मुद्दे पर बृजमोहन अग्रवाल और रविंद्र चौबे बीच तीखी नोंक-झोंक हुई। विपक्ष का कहना है कि सदन में गलत परंपरा की शुरुआत हो रही है।
पहले राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होनी चाहिए न कि अनुपूरक बजट पर। बृजमोहन अग्रवाल ने परंपरानुसार पहले राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा की मांग करते हुए अनुपूरक बचट पर चर्चा रोकने की मांग की। विपक्ष तर्क देते हुए कहा 10 हजार करोड़ से भी अधिक का ये बजट राज्य के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा अनुपूरक बजट है।
वहीं रविंद्र चौबे बोले पहले ही दिन इतनी उत्तेजना क्यों? अनुपूरक को रोकने की कोशिश क्यों की जा रही है। 16 लाख किसानों का कर्जामाफ हुआ है। विपक्ष में बैठे बृजमोहन अग्रवाल और अजय चंद्राकर ने राज्यपाल के अभिभाषण के बजाए अनुपूरक पर चर्चा को राज्यपाल का अपमान करार दिया।
नान घोटाले को लेकर SIT जांच के फैसले पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को आड़े हाथों लेते हुए कांग्रेस की सरकार को बदलापुर की सरकार बताया। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा आरोपी के कहने पर राज्य सरकार ने SIT जांच कराने का फैसला लिया और उसे कैबिनेट में पास कराया गया। यह बेहद ही हास्यास्पद है।
पूर्व मुख्यमंत्री ​रमन सिंह ने कहा कि नान प्रकरण का जो मुख्य आरोपी है वह फरार है। जिसकी बेल भी कोर्ट ने नामंजूर कर ​दी है। वो जाकर एक आवेदन देता है और कैबिनेट में ये ​निर्णय होता है... हिंदुस्तान के इतिहास में ऐसा पहला वाकया होगा, जो अभियुक्त फरार है। जिसे बेल नहीं मिली कोर्ट में...जिस पर आरोप लगे हैं। जिसकी जांच रही है।
उसके आवेदन के आधार पर जांच के आदेश दिए गए हैं। उसका आवेदन लेकर राज्य सरकार ना जाने किसको बचाना चाहती है। जांच को किस दिशा में ले जाना चाहती है यह समझ से परे है। उन्होंने कहा नयी सरकार की नयी वर्ककल्चर और ये बदलापुर सरकार का नया कारनामा देश की जनता के सामने आया है।

अभिभाषण में झीरम जांच पर उंगली उठाई

सोमवार को हुए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने अभिभाषण में झीरम में हुए नक्सली हमले की घटना की जांच पर उंगली उठाई। उन्होंने कहा कि 2013 में हुई उक्त घटना दुर्भाग्यजनक थी। इससे आदिवासी अंचलों में लोकतांत्रिक मूल्यों तथा कानून व्यवस्था के प्रति आस्था को बड़ा धक्का लगा है।
शहीद हुए नेताओं के परिजनों और जनसामान्य में इस बात को लेकर रोष था कि इतनी बड़ी घटना की अच्छी तरह से पूरी जांच तक नहीं हो पाई। इन परिस्थितियों को देखते हुए मेरी सरकार ने मंत्रिपरिषद की पहली बैठक् में ही घटना की एसआईटी से जांच करवाने का फैसला किया।
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