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छत्तीसगढ़ समाचार: 15 साल के इतिहास में पहली बार जिला पंचायत की सभा में भाजपा का एक भी विधायक शामिल नहीं

15 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार होगा जब जिला पंचायत की सामान्य सभा में भाजपा का एक भी विधायक शामिल नहीं होगा और न ही उसका कोई प्रतिनिधि शामिल होगा। इस बार कांग्रेस के 4 और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के 4 विधायक शामिल होंगे।

छत्तीसगढ़ समाचार: 15 साल के इतिहास में पहली बार जिला पंचायत की सभा में भाजपा का एक भी विधायक शामिल नहीं
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रायपुर। 15 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार होगा जब जिला पंचायत की सामान्य सभा में भाजपा का एक भी विधायक शामिल नहीं होगा और न ही उसका कोई प्रतिनिधि शामिल होगा। इस बार कांग्रेस के 4 और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के 4 विधायक शामिल होंगे।
सामान्य सभा की बैठक 15 के बजाए अब 18 जनवरी को होगी। इसमें जिले के ग्रामीण क्षेत्र के नवनिर्वाचित विधायक, जिला पंचायत सदस्य और जिले के विभिन्न विभाग के अधिकारी शामिल होंगे।
चार माह बाद जिला पंचायत की बैठक आज निर्धारित थी, लेकिन जिला पंचायत सीईओ के दिल्ली प्रवास के कारण यह बैठक स्थगित हो गई है। अब यह बैठक दो दिन बाद 18 जनवरी को होगी। सामान्य सभा की बैठक में जिला पंचायत सदस्यों के साथ सांसद और ग्रामीण क्षेत्र के विधायक भी अपेक्षित हैं।
रायपुर जिले में बलौदाबाजार, धरसींवा, अभनपुर, आरंग तथा रायपुर ग्रामीण विधानसभा के विधायक शामिल हैं। बैठक में सांसद-विधायक या उनके प्रतिनिधि शामिल होते हैं। हाल के विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद यह पहली बैठक है।
बलौबाजार से जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे के प्रमोद शर्मा, धरसींवा विधानसभा से कांग्रेस की अनिता शर्मा, अभनपुर से कांग्रेस के धनेंद्र साहू, आरंग से कांग्रेस के डॉ. शिवकुमार डहरिया तथा रायपुर ग्रामीण से कांग्रेस के सत्यनारायण शर्मा निर्वाचित हुए हैं।
इसके पहले जो भी बैठक होती थी, उसमें धरसींवा से भाजपा के विधायक देवजी पटेल और आरंग से भाजपा के विधायक नवीन मारकंडेय शामिल होते थे। बलौदाबाजार से तत्कालीन कांग्रेस विधायक जनकराम वर्मा शामिल होते थे, उन्हें हराने के बाद जकांछ के प्रमोद शर्मा शामिल होंगे।

कुर्सी बचाने में सफल रही
प्रदेश में सरकार बनने के बाद जिला पंचायत में कांग्रेस समर्थित सदस्यों के हौसले बुलंद हैं। 16 सदस्यों वाली जिला पंचायत में 8 सदस्य भाजपा और 8 सदस्य कांग्रेस समर्थित थे। इसके बावजूद भाग्य ने कांग्रेस का साथ दिया और टॉस जीतकर शारदा वर्मा अध्यक्ष बनीं। अध्यक्ष को एक बार फिर अविश्वास प्रस्ताव के माध्यम से भाजपा सदस्यों ने गिराने का प्रयास किया, लेकिन शारदा वर्मा अपनी कुर्सी बचाने में सफल रहीं।

उत्साहित हैं कांग्रेस सदस्य
अब तक की बैठकों में सबसे ज्यादा भाजपा समर्थित सदस्य उत्साहित होते थे, क्योंकि प्रदेश में भाजपा की सरकार थी। सदन से जब भी कोई मांग, सुझाव या प्रस्ताव जो भी राज्य सरकार को भेजा जाता था, इसमें अधिकारी भाजपा समर्थित सदस्यों की बातों को अधिक सुनने थे। इस बार अब उल्टा होने के आसार हैं। हालांकि जिला पंचायत सीईओ दीपक सोनी ने सभी अधिकारियों को अनिवार्य रूप से बैठक में आने निर्देशित किया है।

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