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छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जो पहुंचे ग्राम सभा में, कहा- ''अपनी विकास की तस्वीर आप स्वयं तय करें, हम साथ देंगे''

गणतंत्र दिवस की शाम मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने विधानसभा क्षेत्र पाटन के तीन गांवों में पहुंचे जहां विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया है। बता दें छत्तीगसढ़ के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब कोई मुंख्यमंत्री ग्राम सभा में शामिल हुआ हो।

छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जो पहुंचे ग्राम सभा में, कहा-

रायपुर। गणतंत्र दिवस की शाम मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने विधानसभा क्षेत्र पाटन के तीन गांवों में पहुंचे जहां विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया है। बता दें छत्तीगसढ़ के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब कोई मुंख्यमंत्री ग्राम सभा में शामिल हुआ हो।

मुख्यमंत्री बघेल शनिवार को नरवा-गरूवा-घुरूवा-बाड़ी की अवधारणा की सार्थक शुरूआत दुर्ग जिले के विकासखण्ड पाटन के ग्राम पंचायत असोगा, तेलीगुण्डरा व भनसुली से की है। उनहोंने तीनों गांवों की सभाओं शामिल होकर ग्रामीणों को नरवा-गरुवा, घुरवा-बारी योजना के बारे जानकारी दी। इस दौरान सीएम बघेल ने गांव की बातें सुनी और उनकी मांगों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि सरकार की प्राथमिकता में ग्रामीण विकास का मतलब क्या है।

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गांव वाले खुद करेंगे अपनी प्राथमिकता तय

विकास का सही रास्ता गांव से ही होकर गुजरता है। इसलिए हमारी सरकार गांवों को सशक्त करन में जुट गई है। पूर्व की सरकारों में भले ग्राम सभा के अधिकारों की रक्षा न हुई हो लेकिन कांग्रेस सरकार में ग्राम सभा के अधिकारों की न सिर्फ रक्षा होगी, बल्कि सरकार ग्राम सभा के निर्णयों के आधारों पर गांवों में विकास करेगी। गांव वाले जैसा विकास चाहेंगे हम वैसा ही विकास करेंगे। अपने विकास की तस्वीर वे स्वयं बनाएंगे। पंचायत राज अधिनियम अंतर्गत निर्धारित 6 अनिवार्य ग्राम सभा ही गांव की संसद होगी जहां वे अपने विकास के निर्णय स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप ले सकेंगे।

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ग्राम सभा में गौठान के लिए भूमि आरक्षित करने का अनुमोदन पारित

ग्राम पंचायत असोगा में गौठान के लिए 2.13 हेक्टेयर एवं चारागाह के लिए 15 एकड़ जमीन आरक्षित करने का अनुमोदन किया। वहीं ग्राम पंचायत तेलीगुण्डरा में पंचायत द्वारा गौठान के लिए 3 एकड़ एवं चारागाह के लिए 5 एकड़ भूमि आरक्षित रखने का अनुमोदन पारित किया। साथ ही ग्राम भनसुली में गौठान के लिए 3 एकड़ व चारागाह के लिए 13 एकड़ भूमि आरक्षित करने का अनुमोदन विशेष ग्राम सभा में पारित किया गया। उन्होंने ग्रामीणों से सहमति मांगी जिस पर ग्रामवासियों ने दोनों हाथ उठाकर अपना सहमति एवं समर्थन दिया।

समरसता भवन बनाने के लिए 20 लाख स्वीकृत

ग्राम असोगा में ग्रामवासियों की मांग पर समरसता भवन बनाए जाने के लिए 20 लाख रूपए स्वीकृत करने की घोषणा की। साथ ही मिनी स्टेडियम, गौरव पथ निर्माण की भी स्वीकृति दी है। उन्होंने ग्राम तेलीगुण्डरा में पेयजल व्यवस्था के लिए पीएचई विभाग के अधिकारियों को सोलर पम्प लगाकर पानी की अपूर्ति कराने के निर्देश दिए हैं। आंगनगाड़ी केन्द्र में नवनिर्मित अतिरिक्त कक्ष और उचित मूल्य दुकान का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री ने ग्राम भनसुली में ग्रामीणों की मांग पर सर्व समाज भवन निर्माण की स्वीकृति दी है।

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