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एयरपोर्ट में मच गई खलबली, जब मिली टर्मिनल बिल्डिंग में बम प्लांट किए जाने की सूचना

शहर के दरिमा एयरपोर्ट में आज बम होने की सूचना मिलने के साथ ही हड़कंप मच गया। टर्मिनल बिल्डिंग में बम होने की जानकारी मिलते ही एयरपोर्ट सुरक्षा अधिकारीयों में हड़कंप मच गया।

एयरपोर्ट में मच गई खलबली, जब मिली टर्मिनल बिल्डिंग में बम प्लांट किए जाने की सूचना

अंबिकापुर: शहर के दरिमा एयरपोर्ट में आज बम होने की सूचना मिलने के साथ ही हड़कंप मच गया। टर्मिनल बिल्डिंग में बम होने की जानकारी मिलते ही एयरपोर्ट सुरक्षा अधिकारीयों में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलने के साथ ही आनन फानन में अधिकारियो, स्नीफर डॉग, बम स्क्वायड की टीम मौके पर पहुंच गई परन्तु काफी खोजबीन के बाद भी परिसर में कोई बम नहीं मिला। प्रारम्भ में अधिकारी इसे सिर्फ एक मजाक मान रहे रहे परन्तु बाद यह पता चला कि यह नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) द्वारा सुरक्षा सम्बन्धी लाइसेंस मिलने के बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी द्वारा कंडक्ट किया गया एक मॉक ड्रिल था जो सफलतापूर्वक संचालित किया गया और सभी टीमों ने बेहतर को-ऑर्डिनेशन के साथ काम किया जिसके बाद अधिकारीयों ने राहत की सांस ली।

दरअसल सरगुजा में हवाई सेवा शुरू करने के लिए पहल तो वर्षों से चली आ रही है परन्तु दरिमा एयरपोर्ट उड्डयन मंत्रालय से अनुमति मिलने के बाद तेजी से काम हुआ है और पूरा एयरपोर्ट बनकर तैयार हो चुका है। अब डीजीसीए द्वारा गिनाई गई कुछ कमियों में सुधार के लिए राशि नहीं होने से काम अटका हुआ है जिस कारण दरिमा एयरपोर्ट में घरेलु विमान सेवा शुरू करने के लिए लाइसेंस नहीं मिल पा रहा है, परन्तु दरिमा एयरपोर्ट को ब्यूरो ऑफ़ सिविल एविएशन सिक्योरिटी से मान्यता मिल गई है और इस मान्यता के बाद एयरपोर्ट प्रबंधन को नियम के अनुसार साल में एक बार बम स्क्वायड व एंटी हाइजेक स्क्वायड के साथ एक मॉक ड्रिल करना अनिवार्य है। वैसे तो यह मॉक ड्रिल एयरलाइंस कंपनी, एटीसी, नेविगेशन सहित अन्य विभागों को मिलकर करना है परन्तु डीजीसीए की अनुमति नहीं मिलने के कारण बॉम स्क्वायड, स्नीफर डॉग स्क्वायड के साथ चीफ एयरपोर्ट ऑफिसर द्वारा यह ड्रिल आयोजित किया गया।
सुबह 10.30 बजे शुरू किए गए इस ड्रिल के तहत पहले एयरपोर्ट में बम होने की बात कही गई और यह बताया गया कि यह एक निश्चित समय में फूटने वाला है। जिसके बाद यह देखा गया कि कंटलिजेंसी प्लान के तहत सभी टीमें सही समय पर और सही तरीके से अपना काम कर रही है या नहीं। मामले की जानकारी मिलते ही बॉम डिस्पोजल टीम, स्नीफर डॉग के साथ समस्त सुरक्षा अधिकारी टर्मिनल बिल्डिंग में पहुंच गए और सर्च अभियान प्रारंभ किया गया और बताया गया कि भविष्य में कभी भी इस तरह की स्थिति निर्मित होती है तो आप को क्या करना है। दरिमा एयरपोर्ट में इस तरह से किया गया यह पहला मॉक ड्रिल था जो पूरी तरह से सफल रहा है और अब प्रबंधन इसकी रिपोर्ट भी बीसीएएस को भेजेगी। आम तौर पर देश भर में एयरपोर्ट में बम होने, प्लेन हाईजैक होने की अफवाह कुछ लोगों द्वारा फैला दी जाती है। जिसे लेकर नागर विमानन सुरक्षा ने एयरपोर्ट प्रबंधन को बीसीएएस का लाइसेंस देने के तीन महीने में सुरक्षा सम्बन्धी जांच करने और उसकी रिव्यू मीटिंग लेने के निर्देश दिए है। आज भी मॉक ड्रिल के बाद एयरपोर्ट के उच्च अधिकारीयों ने सभी टीम की बैठक लेकर एयरपोर्ट के सुरक्षा को लेकर चर्चा की गई।
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