Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

छत्तीसगढ़ समाचार: पूर्व विधायकों के बंगलों से भी होगी पुलिसकर्मियों की वापसी, दर्जनभर ले रहे जेड और वाई कैटेगरी सुरक्षा

बस्तर में पूर्व विधायकों की सुरक्षा घटाने पर गर्म हुई सियासत के बीच एक बड़ी चौंकाने वाली हकीकत सामने आई है। बस्तर में करीब दर्जनभर पूर्व विधायकों को जेड और वाई कैटेगरी की सुरक्षा मिली है। इनमें कई पूर्व मंत्री शामिल हैं।

छत्तीसगढ़ समाचार: पूर्व विधायकों के बंगलों से भी होगी पुलिसकर्मियों की वापसी, दर्जनभर ले रहे जेड और वाई कैटेगरी सुरक्षा
X
रायपुर। बस्तर में पूर्व विधायकों की सुरक्षा घटाने पर गर्म हुई सियासत के बीच एक बड़ी चौंकाने वाली हकीकत सामने आई है। बस्तर में करीब दर्जनभर पूर्व विधायकों को जेड और वाई कैटेगरी की सुरक्षा मिली है। इनमें कई पूर्व मंत्री शामिल हैं।
जिन्होंने विधानसभा चुनाव हारने के बाद भी कैटेगरी लेवल की सुरक्षा अपने पास रखी है। अब उनकी सुरक्षा का रीव्यू करने पर होमवर्क शुरू हो गया है। इससे सिर्फ बस्तर से ही करीब 300 पुलिस जवानों की वापसी की संभावना है।
जिसका इस्तेमाल माओवादी मोर्चा और पुलिस बल को मजबूत करने में किया जाएगा। वहीं राज्यभर से 500 पुलिसकर्मी की वापसी हो सकती है। पुलिस अफसरों का दावा है, मंत्री या विधायक पद से हटने के बाद पद के अनुरूप मिली सुरक्षा में कमी करने का प्रावधान भी है और पहले भी होता रहा है। यही वजह है, अब पूर्व विधायकों की सुरक्षा की जरूरत का नए सिरे से सर्वे किया जा रहा है। उसकी रिपोर्ट के आधार पर सुरक्षा कम और ज्यादा की जाएगी।
विधायकों के आवासों से हटेगी सुरक्षा
अफसरों के मुताबिक राज्यभर में 30 से अधिक पूर्व विधायकों के सिर्फ आवासों की सुरक्षा में 200 से 300 पुलिस फोर्स तैनात है। अब आवासों से भी सुरक्षा का रीव्यू किया जाएगा, जिससे 150 से 200 पुलिस फोर्स वापस हो सकती है। ऐसी दशा में प्रोटेक्शन रीव्यू करने पर राज्यभर से 450 से 500 पुलिस जवानों की वापसी हो सकती है।
सर्वे रिपोर्ट के आधार पर होता है रीव्यू
पुलिस अफसरों के मुताबिक वीआईपी और वीवीआईपी को मिली कैटेगरी लेवल की सुरक्षा में एक निर्धारित समय के बाद रीव्यू किया जाता है। इसके लिए गठित कमेटी द्वारा सर्वे किया जाता है।
इस दौरान व्यक्ति की सुरक्षा की जरूरत, खतरा और सुरक्षा की उपयोगिता समेत अन्य बिंदुओं पर परीक्षण किया जाता है, जिसके बाद कमेटी अपनी रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय के माध्यम से शासन को भेजती है। इसके बाद शासनस्तर पर फैसला लिया जाता है।
ऐसी होती है कैटेगरी सुरक्षा
  • जेड प्लस सुरक्षा में 36 पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं। इसमें 10 एनएसजी और एसपीजी के कमांडो रहते हैं और शेष पुलिस बल के लोग होते हैं। सुरक्षा के पहले लेयर की सुरक्षा का जिम्मा एनएसजी का होता है, जबकि दूसरे लेयर की सुरक्षा एसपीजी के कमांडो करते हैं। यह सुरक्षा कुछ वीवीआईपी को उपलब्ध कराई जाती है। इसके साथ सीआरपीएफ और आईटीबीपी के जवान भी शामिल रहते हैं।
  • जेड कैटेगरी में 22 पुलिसकर्मी तैनात होते हैं। इसमें एनएसजी कमांडाे, पुलिस बल, सीआरपीएफ और आईटीबीपी के जवान सुरक्षा में तैनात रहते हैं। जेड कैटेगरी की सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति को एक एस्कॉर्ट कार भी मिलती है।
  • वाई कैटेगरी में 11 पुलिसकर्मी सुरक्षा में तैनात होते हैं। इसमें 2 पर्सनल सेक्योरटी आफिसर्स शामिल होते हैं।
  • एक्स कैटेगरी में मात्र 2 सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं, जिनमें एक पीएसओ शामिल होता है।
हेडक्वार्टर से सूचना नहीं मिली
पूर्व विधायकों की सुरक्षा घटाने के बारे में मुझे हेडक्वार्टर से सूचना नहीं मिली।
- डी. रविशंकर, प्रवक्ता, पुलिस मुख्यालय

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story
Top