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लोकसभा चुनाव 2019 : छत्तीसगढ़ सहित नक्सली इलाकों में कड़ी सुरक्षा में होगा चुनाव

केंद्रीय चुनाव आयोग द्वारा सात चरणों में लोकसभा चुनाव कराने के ऐलान में वामपंथी उग्रवाद व नक्सलवाद ग्रस्त राज्यों में अलग-अलग कई चरणों में चुनाव कराने का फैसला इसलिए किया है कि पश्चिम बंगाल से छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड, बिहार, महाराष्ट्र तक फैले रेड कॉरिडोर पर लोकतंत्र कारेड कारपेट बिछाकर कड़ी सुरक्षा के बंदोबस्त के साथ चुनाव कराए जा सके।

लोकसभा चुनाव 2019 : छत्तीसगढ़ सहित नक्सली इलाकों में कड़ी सुरक्षा में होगा चुनाव

केंद्रीय चुनाव आयोग द्वारा सात चरणों में लोकसभा चुनाव कराने के ऐलान में वामपंथी उग्रवाद व नक्सलवाद ग्रस्त राज्यों में अलग-अलग कई चरणों में चुनाव कराने का फैसला इसलिए किया है कि पश्चिम बंगाल से छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड, बिहार, महाराष्ट्र तक फैले रेड कॉरिडोर पर लोकतंत्र का रेड कारपेट बिछाकर कड़ी सुरक्षा के बंदोबस्त के साथ चुनाव कराए जा सके। नक्सली चुनौती से निपटने की दिशा में विशेषज्ञों ने भी चुनाव आयोग की इस व्यवस्था को बेहतर करार दिया है।

छग में जटिल चुनौतियां
छत्तीसगढ़ में तैनार रह चुके केंद्रीय बल के अधिकारी एसके त्यागी का कहना है कि छत्तीसगढ़ जैसे नक्सलवाद ग्रस्त रज्यमें नक्सलियों की चुनौती से निपटना आसान नहीं है, लेकिन चुनाव आयोग ने नक्सलवाद वपर लोकतंत्र को हावी करने के लिए इसी प्रकार की रणनीति के साथ चनुाव कराने की जरूरत है।

क्या मानते हैं विशेषज्ञ
सुरक्षा विशेषज्ञ प्रशांत दीक्षित ने कहा कि चुनाव आयोग का नक्सली इलाकों में सुरक्षित चुनाव कराने का मकसदयही ळै कि अधिक सतर्कता बरतने के लिए सुरक्षाकर्मी ताजातरीन रहेंगे। वहीं खसकर बस्तर जैसे इलाके में पहले भी घटनाओं के बावजूद शांतिपूर्ण चुनाव कराकर अपनी रणनीति को सफल साबित किया है, जहां इस बार भी ऐसी रणठोस रणनीति की दरकार है।
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