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छत्तीसगढ़ समाचार: स्कूलों में मोबाइल हुआ बैन, शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश, कड़ाई से पालन के दिए निर्देश

स्कूलों में अब विद्यार्थी मोबाइल का उपयोग नहीं कर सकेंगे। जिला शिक्षा अधिकारी ने इस संबंध में सख्त कदम उठाते स्कूलों का निर्देश जारी कर दिए हैं। बता दें लंबे समय से स्कूलों में मोबाइल पर बैन करने की बात चलती आ रही थी।

छत्तीसगढ़ समाचार: स्कूलों में मोबाइल हुआ बैन, शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश, कड़ाई से पालन के दिए निर्देश

रायपुर। स्कूलों में अब विद्यार्थी मोबाइल का उपयोग नहीं कर सकेंगे। जिला शिक्षा अधिकारी ने इस संबंध में सख्त कदम उठाते स्कूलों का निर्देश जारी कर दिए हैं। बता दें लंबे समय से स्कूलों में मोबाइल पर बैन करने की बात चलती आ रही थी। इसके पहले कई बार विभाग की तरफ से निर्देश भी जारी किये गए थे लेकिन कोई इस पर कोई खास पहल नहीं हो पाई थी। लिहाजा डीईओं ने अब सख्त रूख अपनाते हुए स्कूलों को निर्देश जारी कर दिए है।

जिला शिक्षा अधिकारी एएन बंजारा ने कहना है शाला निरीक्षण के दौरान स्टूडेंट मोबाइल का उपयोग करते हैं। जिसकी वजह से पढ़ाई प्रभावित होती है। इसलिए इसे संज्ञान में लेकर मोबाइल के दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए निर्देश जारी किए गए है। उन्होंने कहा समय समय पर स्टूडेंट और पेरेंट्स भी काउंसलिंग कराई जाएगी।
अपने निर्देश में डीईओ बंजारा ने कहा है यह आदेश सिर्फ सरकारी स्कूलों के लिए नहीं बल्कि प्राइवेट व अनुदान व गैर अनुदान प्राप्त स्कूलों के लिए भी होगा।

अचानक होगी बैग की चैंकिंग
अब शिक्षा विभाग की टीम कभी भी स्कूलों में पहुंचकर बच्चों के बैग की जांच करेगी। यदि किसी भी बच्चे के पास मोबाइल मिलता है तो स्कूल प्रबंधन से जवाब तलब किया जाएगा। इस संबंध में अधिकारियों का कहना है कि अब स्कूलों को इस बात की जानकारी रखनी होगी कि कोई भी स्टूडेंट स्कूल में मोबाइल न ला पाए। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर शिक्षा विभाग के निर्देशों का अध्यापकों और बच्चों द्वारा पूरी तरह से पालन नहीं किया जाता है कि सख्त कार्रवाई की जाएगी।
12 वीं तक बैन है मोबाइल फोन
गौरतलब है कि प्रदेश के सभी स्कूलों में 12वीं कक्षा तक मोबाइल लाने पर प्रतिबंध लगा हुआ है। इसके बावजूद शिक्षा विभाग के आला-अधिकारियों को बच्चों के बैग में मोबाइल लाने की जानकारी मिल रही है, जिसका असर उनकी पढ़ाई पर स्पष्ट दिखाई दे रहा है। तमाम शिकायतों के बाद ही सरकारी और प्राइवेट स्कूल प्रबंधन को
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