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सरकार के इस राशन दुकान में मुर्दे लेने आते हैं राशन, 36 महीने में खा चुके हैं कई क्विंटल अनाज

जिले के गंडई नगर पंचायत में मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना के तहत गरीब परिवारों को बांटे जाने वाले राशन में गड़बड़ी करने का मामला सामने आया है। जहां पर पिछले 36 महीने से मुर्दे सरकारी राशन ले रहे हैं।

सरकार के इस राशन दुकान में मुर्दे लेने आते हैं राशन, 36 महीने में खा चुके हैं कई क्विंटल अनाज

ललित सिंह ठाकुर, राजनादगांव: जिले के गंडई नगर पंचायत में मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना के तहत गरीब परिवारों को बांटे जाने वाले राशन में गड़बड़ी करने का मामला सामने आया है। जहां पर पिछले 36 महीने से मुर्दे सरकारी राशन ले रहे हैं। जी हां आपने अभी तक जीवित व्यक्ति को ही राशन दुकान में लाइन लगाकर राशन लेने देखा होगा लेकिन जिले से 80 किलोमीटर दूर नगर पंचायत गंडई में संचालित सोसाइटी में सोसायटी संचालक के द्वारा मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना में सालों से मृत व्यक्ति के नाम पर राशन डकार ने का खेल चल रहा है। पीड़ित परिवार ने तोशी सोसायटी संचालक के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। वहीं, जिला प्रशासन ने इस मामले में जांच कर दोषी के खिलाफ कार्यवाही करने की बात कही है।

पूरे प्रदेश में गरीब तबके के लोगों को भरपेट भोजन मिल सके इसलिए प्रदेश सरकार के द्वारा मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना संचालित की जा रही है। लेकिन शासन के कर्मचारी ही सरकार को चूना लगाने में लगे हैं। नगर पंचायत गंडई में संचालित सोसायटी में संचालक के द्वारा अपनी मनमानी करते हुए वृद्ध व्यक्तियों के नाम पर पिछले कई सालों से राशन आहरण कर रहे हैं।
वहीं, पीड़ित परिवार के लोगों का कहना है कि सोसायटी पर संचालक के द्वारा क्रांति पति कचरुद्दीन सोलंकी पत्नी क्रांति सोलंकी ने अपने राशन कार्ड में अंतिम बार 5 नवंबर 2015 को राशन लिया था और 17 जनवरी 2016 को क्रांति की मृत्यु हो गई। मृतिका क्रांति का मृत्यु प्रमाण पत्र स्थानीय नगर पंचायत ने 22 फरवरी 2016 को जारी किया था। मृत्यु उपरांत भी सोसायटी प्रबंधक के द्वारा लगातार राशन कार्ड से फर्जी तरीके से राशन निकाला जा रहा है जबकि मृतक क्रांति को मरे हुए 36 महीने से भी अधिक का समय हो गया है।
कचरुद्दीन सोलंकी का कहना है कि इस सोसाइटी में मृत व्यक्तियों के नाम पर फर्जी तरीके से राशन डकार ने का यह पहला मामला नहीं है। सोसायटी संचालक के द्वारा मृतिका सतरूपा के नाम पर भी राशन निकाला जा रहा है, जबकि शतरूपा मैहर की मृत्यु 16 मई 2015 को हो गई है। वहीं, मृतक दुकालू राम साहू जिसकी मृत्यु 24 जुलाई 2016 को हो गई है इसके नाम से भी फर्जी तरीके से राशन लिया जा रहा है। इसी प्रकार वार्ड 12 निवासी शांति बाई की की मृत्यु 15 दिसंबर 2017 को हो गई थी और मरने के बाद भी राशन निकाला जा रहा है जबकि परिवार वालों का कहना है कि उनके द्वारा सोसाइटी में कभी भी राशन नहीं लिया गया है और ना ही किसी प्रकार की राशन कार्ड में हस्ताक्षर किया है।
मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना मैं गड़बड़ी को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे वहीं ग्रामीणों का कहना है की वर्ष 2014 मैं राशन कार्ड को सरकार के द्वारा छटनी किया गया था। इसी दरमियान सोसायटी संचालक के द्वारा सभी हितग्राहियों का राशन कार्ड जमा करा लिया गया था और कुछ लोगों को राशन कार्ड वापस कर दिया गया। इसी का फायदा उठाकर सोसायटी संचालक के द्वारा मृत व्यक्ति के नाम पर फर्जी तरीके से राशन निकाला जा रहा है। वहीं, ग्रामीणों के द्वारा और पीड़ित परिवार के द्वारा सोसायटी संचालक को राशन देने की मांग की गई है, लेकिन संचालक के द्वारा गोलमोल जवाब दिया जाता है। इस मामले को लेकर वर्तमान सरकार में खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री मोहम्मद अकबर से शिकायत भी की गई है, लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है।
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