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भूपेश राज में आए प्रमोटी IAS अफसरों के अच्छे दिन, सरकार ने सौंपी 27 में से 13 जिलों की कमान

देश की जनता के अच्छे दिन भले ही न आया हो, लेकिन छत्तीसगढ़ के प्रमोटी आईएएस के अच्छे दिन आ गए हैं। राज्य बनने के बाद यह पहला मौका होगा, जब प्रमोटी आईएएस कलेक्टर बनने में डायरेक्ट आईएएस से आगे निकलते दिख रहे है।

भूपेश राज में आए प्रमोटी IAS अफसरों के अच्छे दिन, सरकार ने सौंपी 27 में से 13 जिलों की कमान

रायपुर: देश की जनता के अच्छे दिन भले ही न आया हो, लेकिन छत्तीसगढ़ के प्रमोटी आईएएस के अच्छे दिन आ गए हैं। राज्य बनने के बाद यह पहला मौका होगा, जब प्रमोटी आईएएस कलेक्टर बनने में डायरेक्ट आईएएस से आगे निकलते दिख रहे है। नई सरकार बनने के बाद प्रमोटी कलेक्टरों की संख्या 13 पहुंच गई है। अब 27 में से 13 जिलों की कमान प्रमोटी आईएएस अफसरों के हाथ में है। 18 साल में प्रमोटी आईएएस को ऐसा मौका कभी नहीं मिला।

2008 के विधानसभा चुनाव के दौरान जरूर प्रमोटी कलेक्टरों की संख्या 9 थी, लेकिन इसके बाद कभी ऐसा नहीं हुआ। पिछले साल तो एक समय ऐसा हुआ था कि जब प्रमोटी कलेक्टरों की संख्या घटकर चार पहुंच गई थी। 27 में चार यानि 20 फीसदी। चुनाव के दौरान हर सरकार अपने हिसाब से काम कराने के लिए प्रमोटी कलेक्टरों की संख्या बढ़ा देती है। लिहाजा, विधानसभा चुनाव से पहले प्रमोटी कलेक्टरों की संख्या आठ पहुंच गई थी। जाहिर है, अगर बीजेपी सरकार अगर रिपीट हुई होती तो प्रमोटी आईएएस की कलेक्टरी में संख्या निश्चित रूप से कम होती। लेकिन, सरकार बदलने का प्रमोटी आईएएस को फायदा यह हुआ कि प्रमोटी कलेक्टरों की संख्या 13 हो गई।
प्रमोटी कलेक्टरों में बीजापुर, नारायणपुर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा, दुर्ग, बेमेतरा, गरियाबंद, महासमुंद, बलौदा बाजार, बिलासपुर, मुंगेली, बलरामपुर और कोरिया। चुनाव आयोग के ब्रेक के कारण राज्य सरकार कलेक्टरों की दूसरी लिस्ट निकाल नहीं पा रही। 22 फरवरी के बाद कलेक्टरों के ट्रांसफर होंगे। उसमें भी अंदेशा है कि करीब आधा दर्जन प्रमोटी आईएएस को कलेक्टर बनाया जाएगा। याने यह संख्या 13 से बढ़कर 19-20 तक पहुंच जाएगी। पिछले साल जिन 10 अफसरों को आईएएस अवार्ड हुआ, उनमें भी कई कलेक्टर बनने की कतार में हैं।
हालांकि, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश जैसे राज्यों में डायरेक्टर आईएएस जरूर प्रभावी रहे हैं, लेकिन, पंजाब, तमिलनाडू, उत्तरप्रदेश जैसे कुछ राज्यों में कलेक्टर बनाने में प्रमोटी आईएएस को ज्यादा वेटेज दिया जाता है। अलबत्ता, प्रमोटी एसपी भी अब बढ़कर 13 हो गए हैं। मगर आईपीएस में अफसरों की कमी के चलते एसपी बनने के लिए कंपीटिशिन कम है। यही वजह है कि कई राज्य पुलिस सेवा के अफसरों को बिना आईपीएस अलॉट हुए ही जिलों में एसपी अपाइंट करना पड़ा। प्रमोटी एसपी में कोंडागांव, नारायणपुर, कांकेर, धमतरी, राजनांदगांव, दुर्ग, बेमेतरा, कवर्धा बालोद, रायगढ़, बलरामपुर, कोरिया और जशपुर शामिल हैं। कुछ और जिलों में भी प्रमोटी आईपीएस पोस्ट किए जा सकते हैं।
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