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लोकसभा चुनाव 2019 छत्तीसगढ़ : भाजपा में सीटों पर नहीं बनी बात, मशक्कत के बाद तैयार सूची को शाह ने किया खारिज

विधानसभा चुनाव की करारी शिकस्त के बाद भारतीय जनता पार्टी कितने फूंक-फूंककर कदम रख रही है, इसका अहसास आज हुआ। लोकसभा चुनाव की 11 सीटों के लिए लंबी रायशुमारी और जद्दोजहद के बाद भी उम्मीदवार तय नहीं हा पाए।

लोकसभा चुनाव 2019 छत्तीसगढ़ : भाजपा में सीटों पर नहीं बनी बात, मशक्कत के बाद तैयार सूची को शाह ने किया खारिज

विधानसभा चुनाव की करारी शिकस्त के बाद भारतीय जनता पार्टी कितने फूंक-फूंककर कदम रख रही है, इसका अहसास आज हुआ। लोकसभा चुनाव की 11 सीटों के लिए लंबी रायशुमारी और जद्दोजहद के बाद भी उम्मीदवार तय नहीं हा पाए।

कई दिनों की मशक्कत के बाद प्रेदश के वरिष्ठ नेताओं ने एक सूची तैयार की थी लेकिन राष्ट्रीय अध्यक्ष ने उसे खारिज कर दिया। आदेश हुआ ळै कि फिर से जीतने लायक उम्मीदवारों पर मंथन कर सूची तैयार करें।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ भारतीय जनता पार्टी के नेता आज दिल्ली में सीटों के चयन को लेकर जमे रहे। सुबह केंद्रीय मंत्री वष्णिुदेव साय के दिल्ली निवास पर भाजपा के वरिष्ठ नेता जमा हुए। राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री सौदान सिंह, राष्ट्रीय महासचिव सरोज पांडेय, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, प्रदेशाध्यक्ष विक्रम उसेंडी, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, पवन साय, राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम बैठक में मौजूद थे।
बैठक में नेताओं ने एक-एक सीट पर मंथन किया। सर्वे और कार्यकर्ताओं द्वारा दिए गए फीडबैक के आधार पर पैनल में से नाम छांटे एग और सिंगल नाम की सूची तैयार की गई। उस सूची पर अंतिम निर्णय के लिए सभी नेता भाजपा के नवीन कार्यालय गए।
अनिल जैन भी शामिल हुए
प्रारंभिक मंथन के बाद सभी नेता दोपहर करीब 12 बजे भाजपा के नए राष्ट्रीय कार्यालय पहुंचे। वहां प्रदेश प्रभारी अनिल जैन भी बैठक में शामिल हुए। दो घंटे तक वहां विचार विमर्श किया जाता रहा। एकमत होकर सभी ने सिंगल नामों को अंतिम रूप दे दिया। तभी खबर आई कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह आकर सूची को देखेंगे और तय करेंगे कि सूची केंद्रीय चुनाव समिति के पास भेजी जाए या उसमें बदलाव किया जाए।
शाह हुए असहमत
राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह 15 मिनट के लिए बैठक में पहुंचे। उन्होंने सूची को देखा और असहमति जताई। उन्होंने कहा कि एक-एक सीट कीमती है। केवल जीत सकने वाले लोगों को ही टिकट दी जाएगी। जिनके जीतने को लेकर जरा भी संशय होगा उसे टिकट नहीं देंगे।
सूची में कुछ हाईप्रोफाइल सीटों को लेकर भी आसमंजस बरकार है। अमित शाह की असहमति के बाद सूची को लेकर सभी नेता लोट आए और एक बार फिर मंथन करने बैठे। समाचार लिखे जाने तक छत्तीसगढ़ के दिग्गज सूची को फिर से तैयार करने की जद्दोजहद में जुटे थे।
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