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दिव्यांग महिला को स्कूटी दिलाने के नाम पर BJP की इस महिला नेत्री ने लगाया चूना

पंद्रह साल की भाजपा की सरकार अब जा चुकी है, लेकिन भाजपा से जुड़े शहर व ग्रामीण क्षेत्र के पदाधिकारी अब भी काम करवाने के एवज में हितग्राहियों से पैसे लेकर डकारने से बाज नहीं आ रहे हैं।

दिव्यांग महिला को स्कूटी दिलाने के नाम पर BJP की इस महिला नेत्री ने लगाया चूना

ललित सिंह ठाकुर, राजनांदगांव: पंद्रह साल की भाजपा की सरकार अब जा चुकी है, लेकिन भाजपा से जुड़े शहर व ग्रामीण क्षेत्र के पदाधिकारी अब भी काम करवाने के एवज में हितग्राहियों से पैसे लेकर डकारने से बाज नहीं आ रहे हैं। दरअसल महिला नेत्री ने हल्दी गांव की एक दिव्यांग महिला को शासन से स्कूटी दिलाने के नाम पर पैसे ले लिए, ​लेकिन स्कूटी नहीं दिलाया। मामला लोगों की जानकारी में नहीं आता लेकिन पीड़िता ने पैसे देते हुए चुपके से वीडियो बना लिया था, जो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।

ममला राजनाँदगाँव जिले के ग्राम हल्दी गांव का है। यहां रहने वाली सोहद्रा पटेल ने दिव्यांग होने की वजह से लगभग पांच महीने पहले स्थानीय सांसद कार्यालय में तीन पहिए वाली स्कूटी के लिए आवेदन लगाया था। लेकिन उसे निरस्त कर दिया गया। आवेदन निरस्त होने के बाद सोहद्रा ने एक, दो नहीं बल्कि तीन बार आवेदन लगाया, लेकिन उसे निरस्त कर दिया गया। इसी दौरान परेशान सोहद्रा की मुलकात जनपद सदस्य व महिला मोर्चा की ग्रामीण अध्यक्ष देवकुमारी पटेल से हुई। देवकुमारी ने महिला को स्कूटी दिलाने का आश्वासन दिया और अपने लेटर पैड पर स्कूटी देने का अनुमोदन किया। इसके कुछ समय बाद देवकुमारी पटेल ने सोहद्रा को बताया कि आवेदन स्वीकार कर लिया गया है और उसे जल्द ही स्कूटी मिल जाएगी। लेकिन अधिकारियों और कर्मचारियों को 15000 रुपए देने होंगे।
मामले की पड़ताल से हुआ दूध का दूध, पानी का पानी
इस पूरे मामले को लेकर जब जिला कलेक्टर भीम सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि किसी भी हितग्राही को सांसद निधि से अनुशंसा मिलने के बाद वो कागज कलेक्टर के पास जाता है। कलेक्टर उसे सांख्यकी विभाग भेजते हैं और वहां से समाज कल्याण विभाग भेजा जाता है। इसके बाद हितग्राहीयो को सूचीबद्ध करके उन्हें लाभ दिलाया जाता है। इस एवज में किसी भी प्रकार का पैसा नहीं लिया जाता है। इसके एवज में किसी प्रकार का पैसा नहीं लिया जाता। यदि किसी ने पैसा लिया है तो उस पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी
मामले को लेकर सांख्यिकी एवं योजना अधिकारी सरोज कंवर का कहना है कि हमारे पास अभी सांसद कार्यालय से इस प्रकार का कोई भी लेटर नहीं आया है, जिसमें सोहद्रा पटेल का नाम है। जो भी प्रकरण आए थे वह समाज कल्याण विभाग को भेज दिया गया है, जो लेटर आप बता रहे हैं व लेटर अभी हम तक नहीं पहुंचा है।
सांसद कार्यालय प्रभारी उत्तम साहू ने बताया कि भाजपा महिला मोर्चा ग्रामीण की अध्यक्ष देव कुमारी जोकि जनपद सदस्य भी हैं। उसने हितग्राही को अपने मोबाइल से जो लेटर दिखाया है, वह सांसद कार्यालय का है और वह लेटर आज तक सांख्यिकी विभाग पहुंचा ही नहीं है। इस पूरे मामले को देखने से साफ लग रहा है कि इसमें कहीं ना कहीं सांसद कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारियो की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। जब मामले इसकी पड़ताल करने हम सांसद कार्यालय पहुंचे और वहां उपस्थित कार्यालय प्रभारी उत्तम साहू से चर्चा की तो उन्होंने बताया कि जो भी लेटर सांसद जी द्वारा अनुशंसा की जाती है, उसे संबंधित विभाग तक पहुंचा दिया जाता है। यदि इस मामले में कोई भी व्यक्ति यदि इस काम के बारे में पैसा लेता है वह गलत है।
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