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छत्तीसगढ़ समाचार : खर्च पर लगाम लगाने भूपेश सरकार ने फिर तरेरी आँखें, मीसा बंदियों का पेंशन भी फ़रवरी से बंद...

खर्च पर लगाम लगाने भूपेश सरकार ने एक बार फिर आँखें तरेरी है. मीसा बंदियों को मिलने वाला पेंशन को फ़रवरी से नहीं दिए जाने का फैसला लिया है. जिला कोषालय अधिकारियों से कहा गया है कि वे बैंको को ताकीद करें कि फरवरी से उन्हें इसका भुगतान न किया जाए.

छत्तीसगढ़ समाचार : खर्च पर लगाम लगाने भूपेश सरकार ने फिर तरेरी आँखें, मीसा बंदियों का पेंशन भी फ़रवरी से बंद...

रायपुर. खर्च पर लगाम लगाने भूपेश सरकार ने एक बार फिर आँखें तरेरी है. मीसा बंदियों को मिलने वाला पेंशन को फ़रवरी से नहीं दिए जाने का फैसला लिया है. जिला कोषालय अधिकारियों से कहा गया है कि वे बैंको को ताकीद करें कि फरवरी से उन्हें इसका भुगतान न किया जाए.


कलेक्टरों को भेजे गए पत्र में जीएडी सिकरेट्री रीता शांडिल्य ने लिखा है कि मीसा बंदियों को वित्तीय वर्ष में बजट प्रावधान के अनुसार उन्हें भुगतान की जाने वाली सम्मान निधि की राशि का समुचित नियमन करने एवं भुगतान की वर्तमान प्रक्रिया को और अधिक सटीक पारदर्शी बनाया जाना आवश्यक है. साथ ही प्रदेश में लोकतंत्र सेनानियों का भौतिक सत्यापन कराया जाना आवश्यक है. इस हेतु पृथक से विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे.

उपयुक्त के परिप्रेक्ष्य में निर्देश अनुसार अनुरोध है कि आगामी माह फरवरी 2019 से लोकतंत्र सेनानी सम्मान निधि राशि का वितरण उपयुक्त अनुसार कार्यवाही होने के पश्चात किया जाए. इस हेतु जिला कोषालय अधिकारी संबंधित बैंकों की शाखाओं को निर्देशित करें. बता दें कि प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के बाद आपातकाल में जेल गए मीसा बंदियों को लोकतंत्र सेनानी बताते हुए उन्हें सम्मान निधि देना शुरू हुआ था. रमन सिंह के तीसरे कार्यकाल में यह राशि बढ़कर 15 हजार हो गई थी.

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