Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

बेटों ने छीन ली संपत्ति, उम्र के 85वें पड़ाव में पिता को कर दिया दाने-दाने को मोहताज

कहा जाता है कि औलाद से बड़ी दौलत माता-पिता के लिए कोई और नहीं होती। ये बुढ़ापे का सहारा होते हैं लेकिन जब बुढ़ापे में एक पिता 5 बेटों के रहते हुए खुद को बेसहारा महसूस करें तो उसे न्याय के लिए कानून की दहलीज तक पहुंचना ही पड़ता है।

बेटों ने छीन ली संपत्ति, उम्र के 85वें पड़ाव में पिता को कर दिया दाने-दाने को मोहताज
X

ललित सिंह ठाकुर, राजनांदगांव: कहा जाता है कि औलाद से बड़ी दौलत माता-पिता के लिए कोई और नहीं होती। ये बुढ़ापे का सहारा होते हैं लेकिन जब बुढ़ापे में एक पिता 5 बेटों के रहते हुए खुद को बेसहारा महसूस करें तो उसे न्याय के लिए कानून की दहलीज तक पहुंचना ही पड़ता है। राजनांदगांव शहर के चिखली क्षेत्र में रहने वाले एक 85 साल के पिता ने अपने 5 बेटों के खिलाफ शिकायत की है।

पीड़ित हिरालाल साहू ने बताया कि देश में बेटियों को बेटों से कम नहीं आंका जा सकता , बेटियां माता-पिता का मान बढ़ाने के साथ ही देश को गौरवान्वित कर रही है इसके बावजूद आज के दौर में भी बेटे की चाह कई लोगों को रहती है। अगर पांच बेटे हो जाए तो पिता अपने बुढ़ापे को अमन चैन के साथ काटने का स्वप्न भी देख लेता है। राजनांदगांव शहर के चिखली क्षेत्र में रहने वाले 85 वर्षीय हीरालाल साहू ने भी अपने पांच बेटों के साथ सुकून की जिंदगी काटने का सपना देखा था, लेकिन 85 साल की उम्र के इस पड़ाव में हीरालाल को कानून की शरण में जाना पड़ा। चिखली पुलिस चौकी में दिए एक आवेदन में हीरालाल ने बेटों के द्वारा अपने साथ दुर्व्यवहार करने बातचीत बंद कर देने और घर से निकाल देने की बात कही है। हीरालाल ने कहा कि उनके पंाच बेटें हैं लेकिन उनकी चिंता किसी को नहीं है। वे स्वयं बाजार जाते हैं और सामान लाकर खुद के लिए खाना भी बनाते हैं। उम्र के इस पड़ाव में वे अपने साथ न्याय की आस रखे हुए हैं। हीरा लाल साहू ने कहा कि बेटों ने आपस में जायदाद का बंटवारा कर लिया है।
राजनांदगांव एसपी लखन पाटले ने बताया कि उम्र के अंतिम पड़ाव में पहुंचने के बाद अक्सर माता-पिता को बेदखल कर देने के मामले को देखते हुए नया कानून बनाया गया, जिसमें अभिभावक एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण अधिनियम के तहत ऐसे बच्चों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही करने का प्रावधान है। हीरालाल की शिकायत के बाद इसी कानून की धारा 24 के तहत उसके चार बेटों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।
एक पिता अपने खून पसीने से सींचकर बच्चों के लिए आशियाना तैयार करता है, लेकिन कई मामलों में पिता का बुढ़ापा वृद्धाश्रम और अन्य सराय में गुजरता है। हीरालाल ने अपने साथ हो रहे हैं इस दुर्व्यवहार पर न्याय की आस रखते हुए कानून की शरण मांगी है, लेकिन अधिकांश पिता ऐसे मामलों में अक्सर खामोशी ही रह जाते हैं।

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story