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Chhattisgarh Naxal Attack History : छत्तीसगढ़ के 10 बड़े नक्सली हमले, सबसे बड़ा कोहराम यहां मचा

Chhattisgarh Naxal Attack History : छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा के लोकसभा चुनाव 2019 के पहले चरण की वोटिंग से महज 36 घंटे पहले 9 अप्रैल को नक्सलियों ने बड़े हमले को अंजाम दिया था। जिसमें भाजपा विधायक भीमा ​मंडावी समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी।

Chhattisgarh Naxal Attack History : छत्तीसगढ़ के 10 बड़े नक्सली हमले, सबसे बड़ा कोहराम यहां मचा

Chhattisgarh Naxal Attack : महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा के गढ़चिरौली जिले में आज बड़ा नक्सली (Gadchiroli Naxal Attack Today) हमला हुआ, जिसमें 15 जवान शहीद हो गए और एक ड्राइवर की मौत हो गई। यह पहली बार नहीं है कि महाराष्ट्र या छत्तीसगढ़ में नक्सली हमला हुआ हो। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा के लोकसभा चुनाव 2019 के पहले चरण की वोटिंग से महज 36 घंटे पहले 9 अप्रैल को नक्सलियों ने बड़े हमले को अंजाम दिया था। जिसमें भाजपा विधायक भीमा ​मंडावी समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी। नक्सलियों ने दंतेवाड़ा के कुआंकोण्डा थानांतर्गत श्यामगिरी में बीजेपी के काफिल को निशाना बनाते हुए IED ब्लास्ट किया था। बता दें कि पिछले एक दशक के अंदर छत्तीसगढ़ में दर्जन भर से भी अधिक हमले हो चुके हैं। इनमें से कई हमले बहुत ही भयावह थे जिन्हें देखकर किसी भी रूह कांप जाए। कई सालों से लगातार ऐसे हमले होते आ रहे हैं जिनमें जवानों को ही निशाना बनाया गया है। आज हम आपको ऐसे ही 10 बड़े हमलों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसमें कई जवान नक्सलियों के हमलों में शहीद हो गए।


छत्तीसगढ़ के बड़े नक्सली हमले (Chhattisgarh Naxal Attack) :—

1. 9 अप्रैल को पहले चरण के लोकसभा चुनाव 2019 से महज 36 घंटे पहले नक्सलियों ने चुनाव प्रचार से वापस लौट रहे भाजपा विधायक भीमा मंडावी पर IED ब्लास्ट किया। जिसमें विधायक मंडावी समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी।

2. 30 अक्टूबर 2018 को दंतेवाड़ा में बड़ा नक्सली हमला हुआ था। अरनपुर में नक्सलियों ने दूरदर्शन की टीम पर हमला किया इसमें एक कैमरामैन की हत्या और दो CRPF के जवान शहीद हो गए थे।

3. 27 अक्टूबर 2018 को छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सलियों ने IED ब्लास्ट कर CRPF के वाहन को उड़ा दिया था। इस हमले में CRPF की 168 बटालियन के चार जवान शहीद और दो जवान जख्मी हो गए थे। यह हमला उस समय हुआ था जब जवान मुरदोंडा से बासागुडा रूटीन सर्चिंग पर निकले थे। हमला मुरदोंडा कैंप से 1 किमी दूर आवापल्ली इलाके में हुआ था।

4. 13 मार्च 2018 को सुकमा में नक्सलियों ने बारूदी सुरंग में विस्फोट कर एंटी लैंडमाइन व्हीकल को उड़ा दिया था। इस हमले में CRPF के 9 जवानों के शहीद हो गए थे। CRPF के 212 वीं बटालियन के जवान एंटी लैंडमाइन व्हीकल में सवार होकर रवाना हुए थे। जब वह किस्टाराम थाना क्षेत्र में थे तब नक्सलियों ने एक शक्तिशाली विस्फोट में वाहन को उड़ा दिया।

5. 24 अप्रैल 2017 को सड़क निर्माण की सुरक्षा में लगे जवान खाना खाने की तैयारी कर रहे थे। उसी समय सुकमा के बुर्कापाल में आरओपी पार्टी पर घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने हमला कर दिया था। जिसमें CRPF के 25 जवान शहीद और 6 जवान घायल हुए थे। ये जवान सीआरपीएफ की 74वीं बटालियन के थे।


6. 11 मार्च 2017 सुकमा जिले के दुर्गम भेज्जी इलाके में नक्सलियों ने CRPF की टीम पर हमला किया था। इसमें 11 जवान शहीद हुए थे। CRPF की 219वीं बटालियन को निशाना बनाया था। यहां सड़क निर्माण की सुरक्षा में लगे जवानों को निशाना बनाते हुए नक्सलियों ने पहले IED ब्लास्ट किया था। इस हमले में 9 जवानों की मौत मौके पर ही हो गई थी, जबकि दो जवानों की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। नक्सलियों ने जवानों के मोबाइल और हथियार भी लूट लिए थे।


7. 12 अप्रैल 2014 को लोकसभा चुनाव के दौरान बीजापुर और दरभा घाटी में नक्सलियों ने हमला किया था। इस हमले में 5 जवान शहीद और 14 लोगों की मौत हो गई थी। मरने वालों में 7 मतदानकर्मी भी शामिल थे। यह पहली बार हुआ था जब नक्सलियों ने किसी एंबुलेंस को अपना निशाना बनाया था। इस एंबुलेंस में CRPF के पांच जवानों समेत एंबुलेंस चालक और कंपाउंडर की भी मौत हो गई थी।


8. 11 मार्च 2014 को झीरम घाटी हमले के करीब एक साल बाद नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ के सुकमा एक और हमला किया। इसमें CRPF के 15 जवान शहीद हो गए थे। इस हमले में एक ग्रामीण की भी मौत हो गई थी।

यही नहीं नक्सलियों ने हमले के बाद एक जवान के शरीर पर IED फिट कर दिया था ताकि जवानों को शवों को उठाने आए दूसरे इस विस्फोट में मारे जाएं। लेकिन जवानों की सतर्कत के चलते उस एक बड़ा हादसा टल गया।

9. झीरम घाटी हमला - 25 मई 2013 सुकमा जिले के दरभा घाटी में नक्सलियों ने परिवर्तन यात्रा पर निकले कांग्रेस पार्टी पर हमला कर दिया था। इस हमले में 30 से ज्यादा कांग्रेसी नेताओं की हत्या कर दी गई थी।

कांग्रेस कद्दावर नेता और बस्तर टाइगर कहे जाने वाले महेंद्र कर्मा और नंद कुमार पटेल की मौके पर ही हमले में मौत हो गई थी। वहीं, घायल पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल की भी 17 दिनों के बाद मौत हो गई।

नक्सलियों ने काफिले को रोकने के लिए सबसे पहले सड़क पर ब्लास्ट किया था, ब्लास्ट इतना जबरदस्त था कि सड़क पर करीब 10 फीट गहरा गड्ढा हो गया था। इसके बाद नक्सलियों ने काफिले पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक नक्सलियों ने कर्मा को मारने के बाद उनके शव के इर्द-गिर्द जश्न भी मनाया था।


10. देश का सबसे बड़ा नक्सली हमला ताड़मेटला कांड - 6 अप्रैल 2010 को दंतेवाड़ा जिले के ताड़मेटला में नक्सलियों ने पैरामिलिट्री फोर्स की टीम पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया था। दंतेवाड़ा स्थित मुकराना के घने जंगलों में नक्सलियों ने CRPF के गश्ती दल पर हमला कर के 75 सुरक्षाकर्मियों को मार दिया था।

शहीद होने वाले में 74 CRPF के जवान थे और एक जिला पुलिस का हेड कॉन्स्टेबल था। इस दिन CRPF के करीब 120 जवान सर्चिंग अभियान के लिए निकले थे, सर्चिंग से वापस लौटने के दौरान 1000 नक्सलियों ने एंबुश लगाकर जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी थी। इस हमले में आठ नक्सली भी मारे गए थे। हमले में नक्सलियों ने जवानों के हथियार और जूते भी लूट लिए थे।

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