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सचमुच में बहुरुपिया थी ये फर्जी महिला सीआईडी अफसर

टिकरापारा पुलिस ने शनिवार को फर्जी सीआईडी गिरोह की सरगना अनुपमा त्रिपाठी को गिरफ्तार किया था उसके बारे में अब चौंकाने वाले खुलासे हो रहे है. अनुपमा त्रिपाठी के सिर्फ एक ही रूप नहीं थे बल्कि वह कई किरदार को अलग अलग तरीके से निभा रही थी.

सचमुच में बहुरुपिया थी ये फर्जी महिला सीआईडी अफसर

टिकरापारा पुलिस ने शनिवार को फर्जी सीआईडी गिरोह की सरगना अनुपमा त्रिपाठी को गिरफ्तार किया था उसके बारे में अब चौंकाने वाले खुलासे हो रहे है. अनुपमा त्रिपाठी के सिर्फ एक ही रूप नहीं थे बल्कि वह कई किरदार को अलग अलग तरीके से निभा रही थी.

अनुपमा त्रिपाठी के बारे में अब यह खुलासा हुआ है कि वह वन विभाग में कंप्यूटर ओपरेटर के पद पर कार्यरत थी. और वहा से भी कई जानकारी का दुरूपयोग करती थी. इसके अलावा उसने कई एनजीओ भी बना लिया था. इसमें भी अलग अलग तरह के काम होते थे. इसी में से एक एनजीओ सीआईडी के नाम पर है. जिसके नाम से वसूली करते हुए वह शनिवार को पकड़ी गई.

इसके अलावा शासन की योजनाओं के प्रचार प्रसार के लिए भी उसने एक एनजीओ गठित किया था इसके अंतर्गत वह कलाकार के रूप में उज्जवला योजना का प्रचार कर रही थी. इसी प्रकार समाज सेवा के नाम पर वह नेताओं के चक्कर भी लगाया करती थी. उसका पूरा कुनबा बीजेपी नेताओं के इर्दगिर्द ही घुमा करता था. इसके अलावा बीजेपी के कई नेता प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से उससे जुड़े हुए थे.

गौरतलब है कि अनुपमा त्रिपाठी को टिकरापारा पुलिस ने शनिवार को सेक्स रैकेट गिरोह से ब्लेकमेलिंग कर दस लाख रूपए की फिरौती मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया उसके साथ भाजपा नेता सूरज टंडन प्रकाश देवहरे और रोहित सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा है. अनुपमा का भाजपा नेताओं से अच्छा ख़ासा संपर्क है. इसके दम पर ही वह अपने कारनामों को अंजाम दे रही थी.
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