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छत्तीसगढ़/ सरकार चलाएगी शराब दुकानें, शराब की ब्रांड सप्लाई करने के लिए टेंडर जारी

नए साल में शराब सप्लाई करने निर्माता कंपनियों के पंजीयन को लेकर जारी आदेश सोशल मीडिया पर वॉयरल होने के बाद शराब कारोबार को गद्दीदारों के हवाले करने की अटकलें तेज हो गई थीं, जिस पर शुक्रवार दोपहर उस समय विराम लग गया, जब कमिश्नर ने शराब कारोबार में बदलाव नहीं करने का ओदश जारी किया।

छत्तीसगढ़/ सरकार चलाएगी शराब दुकानें, शराब की ब्रांड सप्लाई करने के लिए टेंडर जारी

नए साल में शराब सप्लाई करने निर्माता कंपनियों के पंजीयन को लेकर जारी आदेश सोशल मीडिया पर वॉयरल होने के बाद शराब कारोबार को गद्दीदारों के हवाले करने की अटकलें तेज हो गई थीं, जिस पर शुक्रवार दोपहर उस समय विराम लग गया, जब कमिश्नर ने शराब कारोबार में बदलाव नहीं करने का ओदश जारी किया। इससे साफ हो गया, इस साल सरकार के नियंत्रण में शराब दुकानें संचालित की जाएंगी।

दरअसल, आबकारी विभाग ने 26 दिसंबर को आदेश जारी किया, जिसमें ठेका संभावित शब्द लिखा गया था। यह आदेश गुरुवार शाम को वॉयरल हुआ और इतनी तेजी से फैला कि राज्यभर में शराब कारोबार में ठेकेदार प्रथा लागू करने की चर्चा तेज हो गई तथा आबकारी विभाग के गलियारे तक पहुंच गई। इसके बाद कमिश्नर कमलप्रीत सिंह को स्पष्ट आदेश जारी करना पड़ा।
ये लिखा था लेटर में
लेटर के मुताबिक सभी शराब निर्माता कंपनी, बाटलिंग इकाइयों को सूचित किया जाता है, साल 2019-20 के लिए ठेका व्यवस्थान कार्य प्रारंभ होना है। विदेशी मदिरा के लेबलों और नवीन ब्रांड का रजिस्ट्रेशन होना है। इसके लिए 10 जनवरी तक आवेदन लिया जाएगा। इस आदेश को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो गई।
दूसरी बार यह जारी हुआ आदेश
कमिश्नर आबकारी विभाग की तरफ से शुक्रवार को एक आदेश जारी किया गया, जिसमें 26 दिसंबर को कार्यालय से जारी आदेश को लेकर भ्रम है। इसे साफ किया जाता है, अंग्रेजी शराब के नवीन ब्रांड और लेबलों को पंजीयन के संबंध में आदेश जारी किया गया है। इसका देसी और विदेशी मदिरा के फुटकर विक्रय के व्यवस्थान एवं ठेका से कोई संबंध नहीं है।
पंजीयन के लिए आदेश
नवीन ब्रांड और लेबलों के पंजीयन के लिए आदेश जारी किया गया था। शराब के फुटकर विक्रय से इसका संबंध नहीं है।
- कमलप्रीत सिंह, कमिश्नर, आबकारी विभाग, छत्तीसगढ़
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