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छत्तीसगढ़ / राहुल ने दावेदारों से की वन-टू-वन बात, सभी बोले- हर फैसला मंजूर

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री का नाम तय करने के लिए रायपुर से लेकर दिल्ली तक लगातार हो रही बैठक का दौर जारी है। इस बीच शुक्रवार को दिल्ली में एक बार फिर मैराथन बैठक चली, लेकिन मुख्यमंत्री चयन का काम पूरा नहीं हो सका।

छत्तीसगढ़ / राहुल ने दावेदारों से की वन-टू-वन बात, सभी बोले- हर फैसला मंजूर

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री का नाम तय करने के लिए रायपुर से लेकर दिल्ली तक लगातार हो रही बैठक का दौर जारी है। इस बीच शुक्रवार को दिल्ली में एक बार फिर मैराथन बैठक चली, लेकिन मुख्यमंत्री चयन का काम पूरा नहीं हो सका।

बताया गया है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सभी चार दावेदारों से अलग-अलग बात भी की है। इस सिलसिले में शनिवार को एक बार फिर रायपुर में कांग्रेस विधायक दल की बैठक होगी।

इसके बाद मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा एआईसीसी द्वारा मुख्यमंत्री चुनने के लिए नियुक्त पर्यवेक्षक मलिल्कार्जुन खड़गे करेंगे। इस बीच सभी नवनिर्वाचित विधायकों को रायपुर में ही रुकने कहा गया है। माना जा रहा है कि शनिवार को मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा कर दी जाएगी।

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इससे पहले शुक्रवार सुबह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल, टीएस सिंहदेव, डॉ. चरणदास महंत दिल्ली के लिए रवाना हुए। इससे पहले सांसद ताम्रध्वज साहू गुरुवार को ही दिल्ली रवाना हो गए थे। यही चार बड़े नेताओं को मुख्यमंत्री पद का दावेदार माना जा रहा है।

रायपुर से रवाना होने के पहले भूपेश बघेल व टीएस सिंहदेव ने कहा था कि पार्टी आलाकमान जो भी फैसला करेगा, वह उन्हें मंजूर होगा। इसके बावजूद माना जा रहा है कि इन दोनों नेताओं के बीच मुख्यमंत्री बनने के लिए अंदर ही अंदर कड़ी प्रतिर्स्पधा चल रही है।

राजनीतिक प्रेक्षकों का कहना है कि 11 तारीख को नतीजे आने के बाद साथ के दो राज्यों मध्यप्रदेश व राजस्थान में मुख्यमंत्री का नाम तय हो गया, लेकिन सबसे बड़े जनादेश व स्पष्ट बहुमत के बाद भी यहां नाम इसलिए तय नहीं हो पाया कि नाम चयन को लेकर पेंच फंस गया है।

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जहां तक दावेदारी का सवाल है, श्री बघेल के बारे में कहा जाता है कि उन्हें पांच साल पहले जब राज्य के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई, तभी यहां सरकार बनाने का दायित्व भी उन्हें दिया गया था।

प्रदेश अध्यक्ष के रूप में भूपेश बघेल ने मूल रूप से सड़क पर आकर राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ कड़ा मुकाबला किया। पार्टी को सत्ताधारी भाजपा के मुकाबले खड़ा करने में उनके नेतृत्व में किए गए आंदोलनों की भूमिका अहम मानी जाती है।

दूसरी ओर कांग्रेस विधायक दल के नेता के रूप में टीएस सिंहदेव ने विधानसभा में सरकार को कड़ी टक्कर देने में भूमिका बनाई। यही नहीं, कांग्रेस का जनघोषणा पत्र बनाने में उन्होंने पूरी ताकत झोंक दी।

इसी घोषणापत्र के मुद्दों ने कांग्रेस की सत्ता में वापसी कराई। डॉ. मंहत को कांग्रेस के चुनाव प्रचार अभियान की कमान सौंपी गई थी, जबकि सांसद श्री साहू को विधानसभा चुनाव में उतारना भी केंद्रीय राजनीति का अहम कदम था। इन कारणों से ये दोनों नेता मुख्यमंत्री पद के दावेदार माने जा रहे हैं।

राहुल के घर हुई बैठक

शुक्रवार को छत्तीसगढ़ में सीएम पद को लेकर राहुल गांधी के घर बैठक हुई। बैठक में मल्लिकार्जुन खडग़े सहित पीएल पुनिया, भूपेश बघेल, पूर्व नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव और सांसद ताम्रध्वज साहू शामिल हुए।

रवाना होने से पहले टीएस सिंहदेव ने कहा है कि वह सीएम बनते हैं या नहीं, ये कोई मुद्दा नहीं है। सभी लोग मिलकर छत्तीसगढ़ के विकास के लिए काम करेंगे।

उन्होंने कहा कि सीएम का नाम तय करने में विधायकों के समर्थन के साथ दूसरे फैक्टर पर भी विचार किया जाएगा। एक रात और इंतजार कीजिए। पार्टी हाईकमान को तय करने दीजिए, हम लोग इस फैसले से खुश होंगे।

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