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छत्तीसगढ़ : दिल्ली में सीएम पर घमासान, दौड़ में भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव के बाद आये ये दो नाम

छत्तीसगढ़ का विधानसभा चुनाव खत्म हुआ,यह सवाल भी खत्म हो गया कि किसकी सरकार बनेगी, लेकिन आज गुरूवार का पूरा दिन इस चर्चा में बीता कि छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री कौन होगा।

छत्तीसगढ़ : दिल्ली में सीएम पर घमासान, दौड़ में भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव के बाद आये ये दो नाम

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव परिणाम 2018 के बाद, यह सवाल भी खत्म हो गया कि किसकी सरकार बनेगी, लेकिन बीते तीन दिन से चर्चा इस पर चल रही है कि छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री कौन बनेगा। दिल्ली दरबार में भी राज्य के मुख्यमंत्री के नाम को लेकर देर शाम तक मंथन होता रहा। इधर राजधानी रायपुर में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल व टीएस सिंहदेव के बंगलों में उनके समर्थक दिन से लेकर रात तक डटे रहे। अपना जन्मदिन मना रहे डा. चरणदास महंत से मिलने उनके निवास पर भी बड़ी संख्या में समर्थक पहुंचे।

पार्टी के बड़े नेता ये कहते भी रहे कि कांग्रेस आलाकमान का जो फैसला होगा, वह उन्हें मंजूर होगा। लेकिन दोनों नेताओं के घर जुटी समर्थकों कुछ अलग ही कहानी कह रही थी। समर्थक अपने-अपने नेता को मुख्यमंत्री बनाने के लिए नारेबाजी कर रहे थे, इसी बात को लेकर झगड़ा की बातें भी सामने आई।

छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री तय करने के लिए एआईसीसी द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षक मलिल्कार्जुन खड़गे ने बुधवार को रायपुर आकर कांग्रेस के नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक लेकर एक लाइन का यह प्रस्ताव भी पारित कराया था कि मुख्यमंत्री चुनने का अधिकार कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को सौंपा जाता है।

बताते हैं, रायपुर से दिल्ली रवाना होने के बाद पर्यवेक्षक श्री खड़गे ने राहुल गांधी को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। दिल्ली में राजस्थान और मप्र का मामला गहराया हुआ था, इसलिए राहुल गांधी ने दोनों राज्यों के सीएम का सवाल पहले सुलझाने का प्रयास जारी रखा। उनके निवास पर सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी की मौजूदगी में देर शाम तक मंथन जारी था।

दिन भर बस एक ही सवाल

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को मिले भारी-भरकम जनादेश के बाद अब लोगों की निगाहें कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री पद पर लगी है। आम लोगों से लेकर राजनीतिक क्षेत्रों के लोग पूरे दिन इसी सवाल को लेकर उलझे रहे।

नवनिर्वाचित विधायक एवं पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को जीत की बधाईयां देने दूर-दूर से रायपुर आ रहे लोगों ने नेताओं से मिलकर अपनी इस जिज्ञासा का समाधान भी चाहा, लेकिन कोई भी नेता खुले तौर पर इस बारे में कुछ भी बोलने से बचता रहा।

कुछ अनुभवी नेताओं ने संभावित नाम बताने से भी यह कहते हुए इनकार किया कि यह आलाकमान का विषय है। उनका फैसला अंतिम व सर्वमान्य होगा, ऐसे में किसी नाम की अटकलें लगाने से बेहतर होगा कि फैसले का इंतजार किया जाए।

भूपेश, सिंहदेव बोले-फैसला होगा मंजूर

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल व टीएस सिंहदेव ने मीडिया से अलग-अलग चर्चा में कहा कि पार्टी आलाकमान का मुख्यमंत्री पद को लेकर जो भी फैसला होगा वह हमें मंजूर होगा।

माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री पद के इन दोनों दावेदारों में पार्टी लाइन का ध्यान रखकर ऐसी बात कही जो किसी भी रूप में विवाद का कारण न बने।

इसके साथ ही पार्टी में नीचे स्तर तक यह संदेश जाए कि जो भी फैसला हो रहा है वह कांग्रेस अध्यक्ष का है,इसमें किसी का कोई दखल नहीं है। ऐसा करने से नई सरकार के मुख्यमंत्री को भी आने वाले दिनों में खासकर मंत्रिपरिषद का गठन करने की प्रक्रिया में आसानी हो।

शपथ ग्रहण की तैयारी

इधर सरकार के नए मंत्रिपरिषद के शपथ ग्रहण की तैयारी शुरू हो गई है। इस बार शपथ ग्रहण साइंस काॅलेज मैदान में होगी। इस कार्यक्रम की तैयारी के लिए मुख्यसचिव अजय सिंह ने गुरुवार को मंत्रालय में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक भी ली। अभी ये तय नहीं है कि किस दिन ये कार्यक्रम होगा। पर 15 दिसंबर को संभावित तारीख माना जा रहा है।

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