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सीएम बोले- इसे टेंगना कहते हैं..! सूरजपुर में लिया बोटिंग का आनंद

गांव के खेत - नालों में टेंगना, मुंगरी एवं केवच खूब पकड़ा करते थे मुख्यमंत्री

सीएम बोले- इसे टेंगना कहते हैं..! सूरजपुर में लिया बोटिंग का आनंद

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज सूरजपुर जिले के ग्राम पंचायत केनापारा स्थित केनापारा पर्यटन स्थल में स्कूल शिक्षा एवं आदिमजाति कल्याण मंत्री डॉ प्रेमसाय सिंह टेकाम, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता सरंक्षण मंत्री अमरजीत भगत तथा उच्चशिक्षा मंत्री उमेश पटेल के साथ करीब 600 मीटर तक बोटिंग का आनंद लिया। उन्होंने जलाशय के मध्य में जिला प्रशासन द्वारा मत्स्य पालन हेतु विकसित केज कल्चर का अवलोकन किया तथा अधिकारियों से मछली पालन के केज कल्चर पद्धति के बारे में जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि केज कल्चर में यहॉ पंगेशियस प्रजाति के मछली का पालन किया जा रहा है। यहां 32 केज स्थापित किया गया है। अभी मछलियों का वजन अधिकतम 1 किलो है।

मुख्यमंत्री ने मछली का अवलोकन करते हुए कहा कि पंगेशियस प्रजाति की इस मछली को छत्तीसगढ़ी में ''टेंगना'' कहते हैं। यह मछली पकड़ने पर कांटा वार करता है, जिससे तेज दर्द होता है। उन्होंने अपने बचपन के दिनों की याद ताजा करते हुए कहा कि गांव के खेत एवं नालों में टेंगना, मुंगरी एवं केवच खूब पकड़ा करते थे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि मछली पालन करने वाले समूह को स्वरोजगार से जेाड़ने के लिए शासन की योजनाओं का पूरा लाभ दें। उन्हें मछली पालन के लिए आवश्यक प्रशिक्षण देकर कुशल बनाये।

मुख्यमंत्री ने बोटिंग के दौरान मंत्रियों सहित बोटिंग संचालन करने वाले शिव शक्ति ग्राम संगठन की महिला समूह द्वारा तैयार किये गये सरगुजिहा व्यंजनों का लुत्फ उठाया। इन व्यंजनों में रसोरा, पीठा रोटी, डुबकी, ठेकुवा, सूजीपुवा, चीला रोटी, लकरा चटनी सहित करीब पंद्रह व्यंजन शामिल थे।

उल्लेखनीय है कि सूरजपुर विकासखंड के ग्राम केनापारा में क्लोज़र माइनिंग फंड के तहत कोलियरी क्रमांक 6 में मत्स्य पालन, बोटिंग एवं कैंटीन स्थापना हेतु जिला जिला प्रशासन द्वारा मछली पालन विभाग को वर्ष 2017 -18 में 1 करोड़ 97 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई थी। मछली पालन विभाग द्वारा केज कल्चर हेतु मार्च 2019 में कार्य प्रारंभ किया। यहां 51 लाख 20 हज़ार रुपये की लागत से 32 नग केज, 2 लाख 1 हजार 36 रुपये की लागत से केज तक आने जाने के लिए रपटा, 16 लाख 85 हजार रुपये की लागत से स्टोर एवं स्टाफ रूम का निर्माण किया गया है। 12 लाख 80 हजार रुपये के मत्स्य बीज तथा 31 लाख 8 हजार फीड एवं अन्य सामग्रियों में व्यय किया गया है।


जलाशय में केनापरा के महामाया मछुआ समिति को मत्स्य पालन रोजगार से जोड़ा गया है। प्रति केज 2 हजार किलोग्राम मत्स्य उत्पादन के मान से 10 से 12 माह में 32 केज में करीब 64 हजार किलोग्राम मत्स्य उत्पादन होगा। कुल आय एवं व्यय के हिसाब से करीब 14 लाख शुद्ध लाभ अनुमानित हैं ।

जलाशय में इसी योजना के तहत 11 लाख 49 हजार रुपये कुल लागत से 12 सीटर मैकेनाइज्ड बोट, 17 लाख 89 हजार रुपये की लागत से 8 सीटर मैकेनाइज्ड पंटून बोट क्रय किया गया है वहीं 30 लाख 89 हजार रुपये की लागत से कैन्टीन एवं किचन 14 लाख 41 हजार रूपये की लागत से जेटी 2 नग तथा 7 लाख 4 हजार 76 रुपये की लागत से 1 नग प्लेटफार्म का निर्माण कराया गया है। जलाशय में ग्राम केनापरा के शिव शक्ति ग्राम संगठन द्वारा बोटिंग एवं कैंटीन का संचालन कर रोजगार प्राप्त कर रहे है। इस संगठन में 123 महिला सदस्य हैं जिनमें से तीन महिलाओं को बोट चलाने का प्रशिक्षण दिया गया है। यहां महिलायें स्वयं बोट चलाकर पर्यटकों को जलाश्य का भ्रमण कराते हैं।

बोटिंग के दौरान विधायक प्रेमनगर एवं सरगुजा विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष खेलसाय सिंह, भटगांव विधायक पारसनाथ राजवाड़े, कलेक्टर दीपक सोनी, पुलिस अधीक्षक राजेश कुकरेजा मौजूद थे।

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