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भूपेश के हाथों में होगी छत्तीसगढ़ की बागडोर, पार्टी हाईकमान ने लगाई मुहर

लंबे इंतजार के बाद कांग्रेस ने आखिरकार छत्तीसगढ़ के लिए अपने सीएम का नाम तय कर लिया है। मैराथन बैठक के बाद पार्टी हाईकमान ने भूपेश बघेल के नाम पर मुंहर लगाई। बता दें इस रेस में भूपेश बघेल के अलावा चरणदास महंत, टीएस सिंहदेव और ताम्रध्वज साहू का भी नाम शामिल था, लेकिन उनके नाम पर सहमती नहीं बन पाई।

भूपेश के हाथों में होगी छत्तीसगढ़ की बागडोर, पार्टी हाईकमान ने लगाई मुहर
लंबे इंतजार के बाद कांग्रेस ने आखिरकार छत्तीसगढ़ के लिए अपने सीएम का नाम तय कर लिया है। मैराथन बैठक के बाद पार्टी हाईकमान ने भूपेश बघेल के नाम पर मुंहर लगाई। बता दें इस रेस में भूपेश बघेल के अलावा चरणदास महंत, टीएस सिंहदेव और ताम्रध्वज साहू का भी नाम शामिल था, लेकिन उनके नाम पर सहमती नहीं बन पाई।
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जानिए कौन है भूपेश बघेल
भूपेश बघेल का जन्म 23 अगस्त 1961 को दुर्ग जिले के पाटन में एक कुर्मी परिवार में हुआ था। बचपन से ही, उन्हें राजनीति में बहुत रुचि थी और उनके राजनीतिक गुरु चंदूलाल चंद्रकर के मार्गदर्शन में उन्होंने वर्ष 1980 के दशक में अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की। वर्ष 1985 में, वह भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी) में शामिल हुए और दुर्ग जिले के अध्यक्ष बने। वर्ष 1994 में, बघेल मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष बने।
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प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख भूपेश बघेल अपने तेवरों के चलते छत्तीसगढ़ की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान बनाने वाले राजनेताओं में शामिल हैं। पिछले दिनों कथित सीडी कांड की वजह से सुर्खियों में रहे भूपेश बघेल का विवादों से कम नाता नहीं रहा है। सीडी कांड की वजह से उन्हें जेल तक चले गए लेकिन उन्होंने जमानत लेने से इनकार कर दिया था। भूपेश बघेल ने अपनी राजनीति पारी की शुरुआत यूथ कांग्रेस के साथ की। दुर्ग जिले के रहने वाले भूपेश यहां के यूथ कांग्रेस अध्यक्ष बने।
यूथ कांग्रेस से राजनीति की शुरुआत
  • साल 1990 से 94 तक जिला युवक कांग्रेस कमेटी, दुर्ग (ग्रामीण) के अध्यक्ष रहे।
  • साल 1996 से छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी समाज के संरक्षक हैं।
  • साल 1993 से 2001 तक मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड के निदेशक भी रहे हैं।
  • साल 2000 में जब छत्तीसगढ़ अलग राज्य बना तो वह पाटन सीट से विधानसभा पहुंचे। इस दौरान वह कैबिनेट मंत्री भी बने।
  • साल 2003 में कांग्रेस के सत्ता से बाहर होने पर भूपेश को विपक्ष का उपनेता बनाया गया।
  • अक्टूबर 2014 में उन्हें छत्तीसगढ़ कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया और वे तब से इस पद पर हैं।
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