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CG Elections 2018: ''कटघोरा'' में ये बनेगा मुख्य मुद्दा

कटघोरा विधानसभा क्षेत्र में भौगोलिक दृष्टिकोण से अधिकांश भू -भाग में कोयले की खदानें और कृषि युक्त भूमि है। एसईसीएल खदानों के विस्तार के लिए किसानों से जमीन लेती है और मुआवजे के साथ नौकरी देती है, कुछ समय पहले इस नियम में परिवर्तन होने से अधिकांश भू-विस्थापित नौकरी से वंचित हो गए हैं।

CG Elections 2018:

कटघोरा विधानसभा क्षेत्र में भौगोलिक दृष्टिकोण से अधिकांश भू -भाग में कोयले की खदानें और कृषि युक्त भूमि है। एसईसीएल खदानों के विस्तार के लिए किसानों से जमीन लेती है और मुआवजे के साथ नौकरी देती है।

कुछ समय पहले इस नियम में परिवर्तन होने से अधिकांश भू-विस्थापित नौकरी से वंचित हो गए हैं और अपने अधिकारों के लिए संघर्षरत हैं। वहीं कई इलाकों में पानी, बिजली और सड़क के लिए भी लोग आज भी तरस रहे हैं।

कटघोरा को जिला का दर्जा नहीं दिया जाना भी इस विधानसभा चुनाव का मुख्य मुद्दा होगा। विकास यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि नए जिले बनेंगे तो कटघोरा को प्राथमिकता दी जाएगी।

त्रिकोणीय समीकरण की संभावना

कटघाेरा विधानसभा चुनाव में भीतरघात और त्रिकोणीय समीकरण बनने की संभावना साफ नजर आ रही है। कांग्रेस से बोधराम कंवर मजबूत प्रत्याशी हैं, वहीं भाजपा से वर्तमान विधायक लखनलाल देवांगन और पूर्व प्रत्याशी व वर्तमान राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष ज्योतिनंद दुबे भी टिकट के प्रबल दावेदार हैं।

इसके अलावा दोनों प्रमुख पार्टियों को टक्कर देने छत्तीसगढ़ जोगी कांग्रेस से गोविंद सिंह राजपूत खड़े हैं। गाेविंद सिंह पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष रहे हैं और 2008 के चुनाव में भाजपा से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ा था।

21 हजार से अधिक मतों के साथ वे तीसरे स्थान पर थे। अब जब वे जोगी कांग्रेस के साथ हैं तो उन्हें जोगी गुट के कांग्रेसियों का साथ तो मिलेगा ही इसके अलावा भाजपा में रहने का लाभ भी मिलेगा।

मेरे कार्यों की वजह से जनता ने मुझे चुना है

क्षेत्र की जनता ने मुझ पर जो विश्वास किया है और सेवा का अवसर दिया है उसे मैं पूरी ईमानदारी से निभा रहा हूं। मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह के नेतृत्व में क्षेत्र के विकास की परिकल्पना पूर्ण करने में मदद मिली है।

निगम में महापौर रहते मेरे कार्यों को सराहा गया था। कटघोरा की जनता ने भी उन्हीं कार्यों की बदौलत मुझे चुना है। मैने अपने कार्यकाल में क्षेत्र के विकास के लिए भरसक प्रयत्न किया है जिसका लाभ क्षेत्र की जनता को मिल रहा है। मेरे लिए पार्टी संगठन का निर्णय सर्वोपरि है।

लखनलाल देवांगन (विधायक व संसदीय सचिव)

अब जनता बताएगी कितना विकास हुआ

भाजपा जुमलों की पार्टी है। विधानसभा क्षेत्र में जिस तरह के विकास कार्यों का बखान किया जा रहा है वैसा जमीनी स्तर पर दिखता नहीं है। जिला खनिज न्यास मद में जनता की गाढ़ी कमाई समाहित है।

जिसका दुरूपयोग किया जा रहा है। क्षेत्र में नल जल आवर्धन योजना दम तोड़ती नजर आ रही है। गुणवत्ताहीन सड़कें बारिश में ही जर्जर होने वाली है। हरदीबाजार चाकाबुड़ा सड़क निर्माण सिर्फ कागजों में है। ऐसी और भी तमाम वजह है जिन्हें आने वाले चुनाव में जनता बताएगी।

बोधराम कंवर (पूर्व विधायक)

ये रहेंगे क्षेत्र के प्रमुख मुद्दे

  • एसईसीएल व सीएसईबी भू- विस्थापितों द्वारा नौकरी सहित मुआवजे की समस्या।
  • कटघोरा को जिला बनाए जाने की मांग लंबे समय से हो रही है।
  • अंदरुनी इलाकों की जर्जर सड़कें और पहुंचविहीन क्षेत्रों में सड़क बनाने की मांग।
  • नल-जल आवर्धन योजना के तहत अधूरे पड़े कार्यों काे जल्द पूरा करने की मांग।
  • गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य और भ्रष्टाचार से मुक्ति।

2008 समीकरण: अखंड मध्यप्रदेश के समय से बोधराम कंवर की मजबूत थी पकड़

प्रत्याशी पार्टी मत जीत का

बोधराम कंवर कांग्रेस 38877 अंतर

ज्योतिनंद दुबे भाजपा 31898 6979

5.9% से वोट से जीती कांग्रेस

2013 समीकरण: कांग्रेस का कमजोर प्रदर्शन संगठन के तालमेल का भाजपा को लाभ

प्रत्याशी पार्टी मत जीत का

लखनलाल देवांगन भाजपा 61389 अंतर

बोधराम कंवर कांग्रेस 48226 13163

9.5% से वोट से जीती भाजपा

शहरी क्षेत्र के विकास से जनता नाखुश

वर्तमान विधायक व सरकार में संसदीय सचिव के कामकाज से क्षेत्र की जनता अपनी अलग राय जाहिर करती है। ग्रामीण क्षेत्रों में विधायक के द्वारा कराए गए विभिन्न विकास कार्यों की तारीफ करते जनता नहीं थकती।

वहीं नगर व कस्बाई क्षेत्रों में विधायक के कामकाज को लेकर मिली जुली प्रतिक्रिया है। सर्वाधिक नाराजगी भू-विस्थापितों की समस्याओं को लेकर है। हालांकि वर्तमान विधायक भी भू-विस्थापितों की मांगों के समर्थन में रहे हैं।

इसके बावजूद क्षेत्र में भू-विस्थापितों की समस्याएं यथावत बनी हुई है। कटघोरा विधानसभा क्षेत्र का अधिकांश इलाका कोयला खदान से प्रभावित होने के कारण यहां जर्जर सड़कों सहित प्रदूषण को लेकर भी जनता की नाराजगी रही है।

काफी क्षेत्रों में सड़कों का जाल बिछाया गया है। वहीं अधिकांश स्थानों में सड़कें निर्माणाधीन हैं। कार्यों की लेट लतीफी भी लोगों को नाराज कर रही है।

क्षेत्र का हुआ चहुंमुखी विकास

मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह के कुशल नेतृत्व से कटघोरा ही नहीं बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में विकास के नए आयाम गढ़े गए हैं। वर्तमान विधायक व संसदीय सचिव लखनलाल देवांगन ने पूरे विधानसभा क्षेत्र में चहुंमुखी विकास कार्य कराए हैं।

क्षेत्र की जनता वर्तमान विधायक के कार्यों से संतुष्ट है। गांव-गांव गौरव पथ का निर्माण, पेयजल की समस्या से मुक्ति, गड्ढा मुक्त सड़क सहित अरबों के विकास कार्य से कटघोरा विधानसभा की तस्वीर बदल गई है। जिसका लाभ भाजपा प्रत्याशी को मिलेगा।

ज्योतिनंद दुबे, पूर्व प्रत्याशी

वर्तमान में राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष

विकास के घोड़े कागजों में दौड़े

कटघोरा विधानसभा क्षेत्र में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है लेकिन उस तरफ भाजपा के लोगों की नजरें नहीं जाती। क्षेत्र में एसईसीएल व सीएसईबी भू-विस्थापित अपने हक के लिए संघर्षरत हैं ये सभी संसदीय सचिव से लेकर क्षेत्र के सांसद तक अपना दर्द बयां कर चुके हैं ।

कटघोरा नगर में करोड़ों की जल आवर्धन योजना दम तोड़ चुकी है। कटघोरा बायपास फोरलेन में व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार हुआ है। जितने विकास कार्य गिनाए जा रहे हैं वे सभी या तो कागजों में घोड़े की तरह दौड़ रहे हैं या भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुके हैं।

अशरफ मेमन

कांग्रेस ब्लाक अध्यक्ष कटघोरा

छत्तीसगढ़ के गांधी और मिस्टर क्लीन में होगी टक्कर

आदिवासी बाहुल्य कोरबा जिले की चार विधानसभा सीट में से दो आदिवासी वर्ग के लिए एवं दो सीट सामान्य वर्ग के प्रत्याशियों के लिए आरक्षित है। जिनमें सामान्य कटघोरा विधानसभा सीट पर आजादी के बाद से छत्तीसगढ़ के गांधी कहे जाने वाले कांग्रेस के बोधराम कंवर का वर्चस्व रहा है।

सन 1993 तक श्री कंवर लगातार इस सीट से विधायक रहे हैं। 1993 और 1998 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के बनवारी लाल अग्रवाल ने कटघोरा विधानसभा सीट से जीत दर्ज की। श्री अग्रवाल को 2003 के विधानसभा चुनाव में बोधराम कंवर से हार का सामना करना पड़ा।

2013 तक श्री कंवर ही इस सीट से विधायक रहे। 2013 के चुनाव में भाजपा के मिस्टर क्लीन कहे जाने वाले लखनलाल देवांगन से बोधराम कंवर को ंहार का सामना करना पड़ा। वे प्रदेश के मुखिया डा. रमन सिंह के काफी करीब और चहेते विधायकों में से हैं। अब जब चुनाव का शंखनाद हो चुका है तो छत्तीसगढ़ के गांधी को भाजपा के मिस्टर क्लीन से सीधी टक्कर मिलेगी।

प्रमुख दावेदार

कांग्रेस- बोधराम कंवर, संतोष राठौर, धुरपाल सिंह कंवर, अशोक देवांगन, रतन मित्तल, अजय जायसवाल, मदन राठौर, पुरषोत्तम कंवर।

भाजपा- लखनलाल देवांगन, ज्योतिनंद दुबे, बनवारीलाल अग्रवाल, राजकुमार अग्रवाल ।

छजकां- जोगी कांग्रेस ने यहां पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष गोविंद सिंह राजपूत को प्रत्याशी घोषित किया है। इसके अलावा आम आदमी पार्टी और बसपा व गोंगपा भी यहां प्रत्याशी उतारेंगे।

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