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CG Elections 2018: ''भटगांव'' में ये बनेगा मुख्य मुद्दा

सूरजपुर और कोरिया जिला की सीमा से लगा प्रदेश का 5वां विधानसभा सीट भटगांव। सामान्य सीट वाले भटगांव विधानसभा का बड़ा इलाका आज भी विकास से कोसों दूर है।

CG Elections 2018:

सूरजपुर और कोरिया जिला की सीमा से लगा प्रदेश का 5वां विधानसभा सीट भटगांव। सामान्य सीट वाले भटगांव विधानसभा का बड़ा इलाका आज भी विकास से कोसों दूर है। विकासखण्ड ओड़गी छत्तीसगढ़ के अत्यंत पिछड़े क्षेत्रों में शुमार है।

ओड़गी ब्लॉक की आधा दर्जन से अधिक ग्राम पंचायतें आज भी पहुंचविहीन हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी होने के कारण हर साल मलेरिया और डायरिया से दर्जनों लोगों की मौत होती है।

आवागमन की सुविधा क्षेत्र के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। ग्राम पंचायत छतरंग सहित आसपास के कई गांवों का विकासखण्ड मुख्यालय तक आवागमन के लिए सीधी सड़क की सुविधा नहीं हैं वहीं चांदनी-बिहारपुर क्षेत्र का बड़ा इलाका बरसात में टापू बन जाता है। पेयजल व सिंचाई सुविधाओं की कमी भी क्षेत्र की बड़ी समस्या है।

कॉलेजों सहित करोड़ों के पुल-सड़कों का निर्माण

विधायक पारसनाथ राजवाड़े ने बताया कि शिक्षा, स्वास्थ्य व विद्युत आवागमन सुविधा के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य कराया है। इन कार्यों में बिहारपुर में शासकीय महाविद्यालय के साथ ही ओड़गी महाविद्यालय में विज्ञान संकाय की स्वीकृति, नवापारा-भटगांव, टमकी-खोड़, इंद्रपुर-कुदरगढ़, सिलफिली-लटोरी, सलका-जमगला पारा, लटोरी-चेंद्रा सड़क का निर्माण शामिल है। इसके अतिरिक्त बतरा, संजय नगर, भटगांव व चेन्द्रा में नए विद्युत सबस्टेशन के अतिरिक्त महत्वपूर्ण नदी-नालों पर एक दर्जन से अधिक पुलों का निर्माण कराया है। आजादी के बाद अंधेरे में रह रहे बिहारपुर क्षेत्र में विद्युतीकरण बड़ी उपलब्धि है।

सुदूर क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा पर जोर

भटगांव विधानसभा क्षेत्र के पिछड़े व दूरस्थ इलाकों के विकास हेतु कांग्रेस ने हर संभव कोशिश की है। विधायक ने क्षेत्र की समस्याओं को हर मंच पर प्रमुखता से उठाया है। भाजपा सरकार द्वार दलगत प्रशासनिक निर्णय लेने के कारण क्षेत्र का विकास प्रभावित हुआ है। सुदुर क्षेत्रों में सड़क व पुल-पुलिया निर्माण के लिए विधायक ने हर संभव प्रयास किया है।
-दुर्गा शंकर दीक्षित (कांग्रेस जिला महामंत्री सूरजपुर)

बिजली-स्वास्थ्य समेत कई विकास कार्य हुए

लोगों की मूलभूत जरूरतों व समस्याओं का निराकरण करने हर संभव कोशिश की। महत्वपूर्ण कार्यों को पूरा कराया, जबकि सीएम की घोषणा के बाद भी कई कार्यों को स्वीकृति नहीं मिली। जनता इसे समझ रही है।
-पारसनाथ राजवाड़े (विधायक)

क्षेत्र में विकास कार्य ठहर सा गया है

क्षेत्र में 5 सालों से विकास ठहर गया है। सीएम प्रतिनिधियों की मांग पर उदारता से विकास कार्यों की स्वीकृति प्रदान कर रहे हैं लेकिन विधायक की प्रभावहीनता के कारण लोगों लाभ नहीं मिल सका है। ।
-रजनी त्रिपाठी(पूर्व विधायक)
कांग्रेस
कांग्रेस से विधायक पारसनाथ राजवाड़े, शफी अहमद, जयराम राजवाड़े पार्टी में अपनी दावेदारी प्रस्तुत कर रहे हैं।
भाजपा
इस बार दावेदारी अजय गोयल, भाजपा से पूर्व विधायक श्रीमती रजनी त्रिपाठी, अरविंद दुबे, अनूप सिन्हा की बताई जा रही है।
जोगी का प्रभाव
जोगी कांग्रेस ने सुरेन्द्र चौधरी को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। उनके कार्यकर्ता चुनाव की तैयारियां में जुट गए हैं।

विधायक की अक्षमता का खामियाजा भुगत रहे

पूर्व विधायक रजनी ित्रपाठी ने कहा कि पिछड़ा इलाका होने के कारण आवागमन एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्य करने की काफी संभावना है लेकिन विधायक जन आकांक्षा के अनुरूप मांगों को शासन को अवगत कराने में अक्षम रहे जिसका खामियाजा क्षेत्रवासियों को भोंगना पड़ रहा है। विधायक की लापरवाही के कारण पूर्व में स्वीकृत कई महत्वकांक्षी योजनाएं अभी तक अपूर्ण पड़ी हुई हैं। विधायक क्षेत्रवासियों की समस्याओं को भी विधानसभा में नहीं उठा पाए। जनता बदलाव की ओर अग्रसर है।

भाजपा की योजनाओं को अपना बता रहे

विधायक भाजपा की विकास योजनाओं को अपना बताकर वाहवाही लूट रहे हैं। अब क्षेत्रवासी उनके झांसे में आने वाले नहीं हैं। लोग समझ चुके हैं कि मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह को हर वर्ग के विकास की चिंता है तथा उनके प्रयासों से विकास घर-घर पहुंच रहा है। मुख्यमंत्री डॉ.सिंह ने विकास के नए दौर की शुरूआत की है।
-रामकृपाल साहू (जिलाध्यक्ष, भाजपा, सूरजपुर)

ये कहती है जनता-जनार्दन

मौजूदा विधायक पारसना राजवाड़े अपने काम-काज एवं विधानसभा क्षेत्र के विकास से संतुष्ट हैं जबकि क्षेत्रवासी घोषणाओं के पूरा नहीं होने से नाराज हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि क्षेत्र प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण है लेकिन इसके उपयोग के लिए कोई योजना नहीं बनी। दूसरी ओर विधायक घोषणा कर अपने वादों को भूल जाते हैं अौर मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी मांगों को पूरा करने की जिम्मेदारी का ठीक ढंग से निर्वहन नहीं कर पाए।

आश्वासन के भरोसे काम

विधानसभा क्षेत्र विकास से कोसों दूर है। विधायक सिर्फ आश्वासन देकर काम चला रहे हैं। सड़क, पुल-पुलियों के अभाव में अभी दर्जनों गांव बरसात में टापू बन जाते हैं। गर्मियों में पीने के पानी की समस्या भी बढ़ जाएगी। स्वास्थ्य सुविधाएं भी नहीं के बराबर हैं।

सराहनीय कार्य हुए

विधायक की पहल पर सरकार द्वारा सड़क- पुल-पुलिया और स्व्ाास्थ्य के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कार्य कराए गए हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधि भी विकास कार्यों के लिए पहल कर रहे हैं। शासन का कार्य सराहनीय है। आगे और भी विकास कार्य होने हैं।

2008 में कांग्रेस समेत सभी 28 की जमानत जब्त हुई

भटगांव विधानसभा क्षेत्र पर कांग्रेस व भाजपा का मिला जुला प्रभाव रहा है। पहले यह विधानसभा क्षेत्र सूरजपुर व पिल्खा में शामिल था। परिसीमन के पूर्व गृहमंत्री रामसेवक पैकरा व स्व. मुरारीलाल सिंह भाजपा की ओर से क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। परिसीमन के बाद साल 2008 के पहले विधान सभा चुनाव में पं. रविशंकर त्रिपाठी 17 हजार से अधिक मतों से जीत दर्ज कर प्रदेश स्तर पर चर्चा में आए थे। इस चुनाव में कांग्रेस सहित सभी 28 उम्मीदवारों की जमानत तक जब्त हो गई थी। पं.रविशंकर त्रिपाठी की मौत होने के बाद साल 2010 के उपचुनाव में पं. रविशंकर त्रिपाठी की पत्नी श्रीमती रजनी त्रिपाठी ने कांग्रेस के यूएस सिंहदेव को 35 हजार से अधिक मतों से पराजित किया था। 2013 के चुनाव में कांग्रेस के पारसनाथ राजवाड़े ने रजनी त्रिपाठी को 7 हजार से अधिक मतों से पराजित किया था।
सामान्य सीट होने के कारण इस बार भाजपा और कांग्रेस समेत गोगपा, सपा, बसपा, कम्युनिस्ट पार्टी से अपनी दावेदारी पेश करने वाले प्रत्याशियों की संख्या काफी होगी।

मूलभूत सुविधाओं का मुद्दा होगा खास

आगामी चुनाव में क्षेत्र का विकास ही मुद्दा होगा। मूलभूत सुविधाओं का निराकरण नहीं होने से लोगों में भारी नाराजगी है। सड़क, पुल-पुलिया व स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के लिए प्रमुख मुद्दा है।

जातीय समीकरण

विधानसभा क्षेत्र में सामान्य वर्ग के बाद सर्वाधिक आबादी गोड़ जनजाति की है। इसके अलावा कंवर, पंडो, उरांव और चेरवा जनजाति की भी अच्छी-खासी आबादी है। पिछड़ी जातियों में रजवार, यादव, साहू और मुस्लिम समाज भी प्रभावी भूमिका में हैं।

2008 समीकरण: अविभाजित मध्यप्रदेश के समय से पं रविशंकर त्रिपाठी की क्षेत्र में अच्छी पकड़ थी

प्रत्याशी पार्टी मत जीत का
रविशंकर त्रिपाठी भाजपा
36045 अंतर
श्यामलाल जायसवाल कांग्रेस 18547 17498
13.5% वोट से भाजपा जीती

2013 समीकरण: समन्वय का अभाव, अविश्वास का वातावरण, अव्यवहारिक रणनीति, गुटबाजी

प्रत्याशी पार्टी मत जीत का
पारसनाथ राजवाड़े कांग्रेस 67339 अंतर
रजनी त्रिपाठी भाजपा 59971 7428
4.5% वोट से कांग्रेस जीती
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