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छत्तीसगढ़ बजट 2019 : 300 करोड़ में बनेंगी 35 नई सड़कें, नदी-नालों पर बनेंगे 102 पुल

भूपेश सरकार के पहले बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान दिया गया है। इसके लिए कई तरह के प्रावधान रखे गए हैं। सरकार ने बजट में इस साल 35 नई सड़कों के लिए 300 करोड़ की व्यवस्था रखी है।

छत्तीसगढ़ बजट 2019 : 300 करोड़ में बनेंगी 35 नई सड़कें, नदी-नालों पर बनेंगे 102 पुल

भूपेश सरकार के पहले बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान दिया गया है। इसके लिए कई तरह के प्रावधान रखे गए हैं। सरकार ने बजट में इस साल 35 नई सड़कों के लिए 300 करोड़ की व्यवस्था रखी है।मुख्यमंत्री ने बजट प्रस्तुत करते हुए कहा कि उत्कृष्ट अधोसंरचना के अभाव में प्रदेश के समग्र विकास एवं आर्थिक समृद्धि की कल्पना करना भी अधूरा है।

सूदूर अंचल के गांवों तक पीडीएस का चावल और पोलियो का टीका पहुंचाने के लिए यदि सड़कों की आवश्यकता है, तो वृहद स्तर पर कच्चे माल अथवा तैयार उत्पादों के परिवहन हेतु रेल मार्गों का होना भी आवश्यक है। प्रदेश के सभी नदियों और नालों पर पुल निर्माण की नवीन योजना जवाहर सेतु योजना के लिए 100 करोड़ का प्रावधान है। इससे 438 करोड़ के 102 पुलों का निर्माण प्रारंभ किया जायेगा।

लोक निर्माण विभाग द्वारा एडीबी फेस-3 परियोजना के तहत इस वर्ष 3 हजार 500 करोड़ लागत की 35 नई सड़कों के लिए 300 करोड़ का बजट में प्रावधान है। इसके अतिरिक्त नए कामों के लिए 400 करोड़ का नवीन मद में प्रावधान है।

इनमें 1 हजार 58 कि.मी. लंबाई की 261 ग्रामीण सड़कें, 351 कि.मी. लंबाई के 30 मुख्य जिला मार्ग, 97 कि.मी. लंबाई के 7 राज्य मार्ग एवं 73 कि.मी. लंबाई के शहरी मार्गों का निर्माण प्रस्तावित हैं। परिवहन नेटवर्क (रेल मार्ग) योजना के लिए 317 करोड़ का प्रावधान है। साथ ही 19 करोड़ की लागत के 2 रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण के लिए भी प्रावधान किया गया है।

11 औद्योगिक क्षेत्रों की अधोसंरचना उन्नयन कार्य हेतु 20 करोड़ एवं दुर्ग, सरगुजा एवं जगदलपुर में उद्यमिता विकास संस्थान की स्थापना के लिए 03 करोड़ का नवीन मद में प्रावधान है। इसके अतिरिक्त औद्योगिक इकाइयों को लागत पूंजी अनुदान के लिए 75 करोड़, ब्याज अनुदान हेतु 38 करोड़ तथा स्टार्ट-अप इकाइयों को प्रोत्साहित करने के लिए 5 करोड़ का प्रावधान रखा गया है।

राज्य के स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जेम के माध्यम से शासकीय खरीदी को समाप्त कर सीएसआईडीसी के माध्यम से पंजीकृत स्थानीय इकाइयों से क्रय करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए राज्य का पोर्टल विकसित किया जायेगा।

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