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भूपेश सरकार की दिशा भटकी, नारा देने वाले ही भूले नरवा, गरुवा, घुरुवा और बारी को : भाजपा

प्रदेश की कांग्रेस सरकार के पहले बजट पर भाजपा नेताओं ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा, जो कहा, वो तो किया ही नहीं। बजट में कांग्रेस ने पूरी तरह से प्रदेश की जनता के साथ छल किया है।

भूपेश सरकार की दिशा भटकी, नारा देने वाले ही भूले नरवा, गरुवा, घुरुवा और बारी को : भाजपा

प्रदेश की कांग्रेस सरकार के पहले बजट पर भाजपा नेताओं ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा, जो कहा, वो तो किया ही नहीं। बजट में कांग्रेस ने पूरी तरह से प्रदेश की जनता के साथ छल किया है। प्रदेश के बेरोजगारों को भत्ता देने का वादा था, लेकिन बजट में कुछ नहीं किया। किसानों का पूरा कर्ज माफी का वादा था, इसे भी आधा अधूरा किया गया। बिजली बिल हॉफ की बात थी, इसमें डंडी मारते हुए चार सौ यूनिट की सीमा तय कर दी गई, जबकि घोषणापत्र में ऐसा कुछ नहीं था।

भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राज्य सरकार के बजट को निराशाजनक बताते हुए कहा, कांग्रेस जन घोषणापत्र को भूल कर आधी अधूरी बातें कर रही है। लगभग 70 वादे कर सरकार में आई भूपेश सरकार ने युवाओं, महिलाओं व सभी वर्गों को छलने का काम किया है। भूपेश सरकार का बजट छत्तीसगढ़ को आगे ले जाने वाला नहीं दिखता और कोई विजन दिखाई नहीं पड़ा।

सबके साथ किया छल : कौशिक

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने कांग्रेस सरकार के पहले बजट को छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाई देने में असमर्थ बताते हुए कहा, बजट की दिशा भटकी हुई है और नरवा, गरुवा, घुरुवा और बारी का नारा खोखला साबित हुआ है। किसानों को कर्ज के नाम पर छलने के बाद बिजली बिल हॉफ करने के वादे से भी सरकार मुकरी। केवल 400 यूनिट तक हॉफ कर सरकार ने घरेलू उपभोक्ता के साथ इंडस्ट्री को भी धोखा दिया है। 10 लाख बेरोजगारों को 2500 रुपए देने का कहीं कोई जिक्र नहीं है, 60 वर्ष वालों को एक हजार व 75 वर्ष वालों को 1500 रुपए प्रतिमाह व विधवाओं को एक हजार प्रतिमाह की बात ना कर भूपेश सरकार ने प्रदेश को ठगने का काम किया है। श्री कौशिक ने कहा, चिटफंड कंपनी द्वारा ठगे लोगों को पैसा वापस करने का वादा कर सरकार में आए कांग्रेसियों ने चिटफंड कंपनी की तरह ही पीड़ित लोगों को ठगने का काम किया है, यह अक्षम्य है।

विकास को रोकने वाला : बृजमोहन

पूर्व मंत्री एवं विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा, यह बजट छत्तीसगढ़ प्रदेश के विकास को रोकने वाला बजट है। यह बजट घोषणाओं और आंकड़ों के मायाजाल के अलावा कुछ भी नहीं है। इसमें लोकहित की अनदेखी तो हुई ही है, इसमें कांग्रेस सरकार अपने किए वादों से कदम पीछे हटाती दिख रही है। इस बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए सरकार की कोई नीति नहीं है। सड़क, पानी, बिजली व स्वास्थ्य के लिए कोई अतिरिक्त व्यवस्था इस बजट में नहीं है। यह अपरिपक्व बजट है। कांग्रेस ने अपने जन घोषणापत्र में बड़े-बड़े वादे किए थे, परंतु उन वादों पर अमल करते हुए उनकी सरकार दिखाई नहीं पड़ रही।

बजट चुनावी वादों पर खरा नहीं

भाजपा महामंत्री सुभाऊ कश्यप, केदार गुप्ता व संतोष पांडेय ने कहा, कांग्रेस सरकार अपने पहले बजट में चुनावी वादों पर खरी नहीं उतरी। कांग्रेस पार्टी 55 साल राज्य करने के अपने पुराने ट्रैक पर वापस आ गई है। जिस प्रकार गरीबी हटाओ के नारे को कभी पूरा नहीं कर पाए, वैसे ही जन घोषणापत्र को पूरा करने की क्षमता सरकार में नहीं दिख रही। लगभग 200 फूडपार्क की बात करने वालों ने केवल 5 फूडपार्क के लिए 50 करोड़ का प्रावधान किया है। इससे स्पष्ट है किसानों को कर्जमाफी की तरह उनके उत्पादों की फूडपार्क में प्रोसेसिंग कर संरक्षित करने के वादे से भी हाथ उठा लिया गया है। कांग्रेस पार्टी की सरकार अपने पहले बजट में ही अनुत्तरित हो गई है।

युवाओं के लिए कुछ नहीं : भाजयुमो

भाजयुमो अध्यक्ष विजय शर्मा, महामंत्री संजू नारायण सिंह ने राज्य बजट पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा, युवाओं के लिए इस बजट में कुछ भी नहीं है। ना ही बेरोजगारी भत्ते पर कुछ प्रावधान है, ना ही युवाओं के रोजगार के लिए कोई रोडमैप दिखता है। 10 लाख बेरोजगारों को भत्ता देने की बात कर युवाओं का वोट पाने वाले अब मुकर गए। यह शर्मनाक है। बजट में शिक्षाकर्मियों को दो वर्ष के बाद नियमितीकरण करने के लिए भी कोई चर्चा नहीं की गई।

महिलाओं के साथ अन्याय : विधानी

भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष पूजा विधानी ने कहा, चुनाव में महिलाओं के वोट पाने के लिए पूर्ण शराबबंदी व महिला स्वसहायता समूह का सभी कर्जा माफ करने की बात की थी, लेकिन बजट में इन दोनों बातों का कहीं कोई जिक्र नहीं किया गया। जन घोषणापत्र बनाने वाले छत्तीसगढ़ शासन में मंत्री टीएस सिंहदेव के साथ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने महिलाओं के साथ अन्याय किया है। छत्तीसगढ़ सरकार का बजट पूर्ण रूप से फ्लाप शो रहा है।

बुजुर्गों के लिए चवन्नी का प्रावधान नहीं

किसान मोर्चा अध्यक्ष पूनम चंद्राकर एवं पूर्व अध्यक्ष संदीप शर्मा ने कहा, नरवा, तालाब, बारी पर हमारी सरकार ने पूर्व में ही कार्य किया है। हजारों गांवों के नरवा को बांधकर पानी का ना केवल संचय किया गया, बल्कि गर्मी में भी ग्रामीणजनों एवं पशु को पानी मिलता रहे, इसके लिए नरवा, तालाब के, गांव के गोठान जिसे हम दइहान कहते हैं, को कीचड़मुक्त करने सभी स्थानों में मुरुम का भराव किया है एवं पेयजल के लिए पहले से ही नलकूप लगाए गए हैं। प्रदेश के लगभग 10 लाख बुजुर्ग किसानों को 1500 रुपए प्रतिमाह पेंशन देने का वादा कर सत्ता में आई इस सरकार ने बुजुर्गों के लिए चवन्नी का प्रावधान नहीं किया, उल्टे अपने विधायकों को मिलने वाली राशि को एक करोड़ से बढ़ाकर सीधा दो करोड़ कर दिया अर्थात अपनी व्यवस्था पहले कर ली।

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