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छत्तीसगढ़ विधानसभा मानसून सत्र : जानिए सदन में किन मुद्दों पर हुई नोक झोंक और कौन से विधेयक हुए पारित

विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विधायक रजनीश कुमार सिंह ने बिलासपुर जिले में मान्यता प्राप्त अशासकीय स्कूलों का मामला उठाया। उन्होंने स्कूल शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम से पूछा कि बिलासपुर जिले में कुल कितने अशासकीय स्कूल संचालित हैं?

छत्तीसगढ़ विधानसभा मानसून सत्र : जानिए सदन में किन मुद्दों पर हुई नोक झोंक और कौन से विधेयक हुए पारितChhattisgarh Assembly Monsoon Session: Know what issues were raised in the House

रायपुर। गुरुवार को विधानसभा में कई मुद्दों को लेकर पक्ष - विपक्ष के बीच जमकर गहमागहमी देखने को मिली। सदन में अंडे को लेकर पक्ष विपक्ष में जमकर बहस हुई। इस मामले को लेकर स्कूल शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहा कि जिन शालाओं में अंडा वितरण किया जाना है, वहां शाकाहारी छात्र-छात्राओं के लिए अन्य प्रोटीनयुक्त मिल्क, सोयाबीन, बिस्किट जैसे समान भी बांटे जाने हैं। उन्होंने विकल्पों की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकार ने भी आंगनबाड़ी केंद्रों में अंडा वितरण का निर्णय लिया था जो आज भी लागू है। इससे साफ है कि भारतीय जनता पार्टी स्कूलों में अंडा वितरण को राजनीतिक रंग दे रही है। इस मामले में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा किअंडा खाने वाले और नहीं खाने वाले बच्चों को अलग नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज शाकाहार के पक्ष में वातावरण बन रहा है। लोग अब शाकाहार की तरफ बढ़ रहे हैं। ऐसे में बच्चों को अंडा देकर मांसाहार की तरफ ढकेला जा रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों को जिस सांचे में ढालेंगे बच्चे उसी सांचे में ढलेंगे।

विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विधायक रजनीश कुमार सिंह ने बिलासपुर जिले में मान्यता प्राप्त अशासकीय स्कूलों का मामला उठाया। उन्होंने स्कूल शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम से पूछा कि बिलासपुर जिले में कुल कितने अशासकीय स्कूल संचालित हैं? कितने अशासकीय स्कूल मान्यता प्राप्त है और अशासकीय स्कूलों द्वारा विद्यार्थियों के लिए शुल्क निर्धारण के क्या नियम है? जिसके बाद स्कूल शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम ने बताया कि बिलासपुर जिले में 690 मान्यता प्राप्त अशासकीय स्कूल संचालित हैं। निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम के अंतर्गत कक्षा 1 से 8 तक की कक्षाओं के लिए अधिसूचित शुल्क लेने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि कक्षा नौवीं से बारहवीं तक शुल्क निर्धारण के संबंध में वर्तमान में कोई निर्देश नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि बिना मान्यता के कोई भी स्कूल संचालित नहीं है। निजी स्कूलों के संबंध में मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार निजी स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए संकल्पित है और हम जल्दी फीस नियामक आयोग बनाएंगे। जिसके बाददोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई।

विधायक इंदू बंजारे ने जांजगीर - चांपा में आरटीई के तहत निजी शालाओं को भुगतान का मुद्दा प्रश्नकाल में उठाया। उन्होंने पूछा कि जांजगीर-चांपा जिले में पामगढ़ विकासखंड में आरटीई के तहत वर्ष 2017-18 और 2018-19 में कितने स्कूलों को कितनी राशि का भुगतान किया गया? स्कूल शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम ने जानकारी दी कि जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ विकासखंड में आरटीई के तहत वर्ष 2017-18 एवं 2018-19 में 53 सरकारी और 22 निजी, इस तरह कुल 75 शालाओं को कुल राशि 1 करोड़ 99 लाख 35 हजार 805 का भुगतान किया जा चुका है।

विपक्ष ने पूरे प्रदेश में विकास कार्य ठप होने का आरोप लगाया और सरकार को जिम्मेदार ठहराया। जिसके बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, पिछली सरकार में बड़ी संख्या में प्रस्ताव स्वीकृत कर दिए गए थे। जल्दबाजी में यह देखे बगैर भी निर्णय कर दिया गया था कि राशि है भी या नहीं। हमारी सरकार नए विधायकों के प्रस्तावों पर भी विचार करेगी और जो भी कार्य आवश्यक होंगे उसे पूरा कराया जाएगा।

कर्ज माफी को लेकर भी पक्ष विपक्ष के बीच जमकर बहस हुई। विपक्ष ने प्रदेशभर में किसानों का ऋण माफ नहीं होने का आरोप लगाया। भाजपा सदस्य बृजमोहन अग्रवाल ने ध्यानाकर्षण के दौरान प्रदेश में किसानों के कृषि ऋण माफ नहीं किए जाने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कई किसानों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस सदस्य मोहन मरकाम ने कहा कि किसानों का कर्ज माफ हुआ है और किसानों को पहले से अधिक ऋण दिया गया है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा राष्ट्रीय कृत बैंकों के वन टाइम सेटेलमेंट के लिए सभी बैंकों और आरबीआई से बातचीत की जा रही है। डिफाल्टर किसानों ने ऋण अलग-अलग बैंकों से लिया है। सभी बैंकों से बातचीत करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि आरबीआई से अनुमति लेनी पड़ती है और इसमें समय लगता है। उन्होंने कहा कि हम यह भरोसा दिलाना चाहते हैं कि पूरे प्रदेश में कोई किसान ऋणी नहीं रहेगा।

विधानसभा में केटीयू और इंदिरा कला विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2019 पारित

विधानसभा में कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2019 पारित हो गया है। गुरुवार को उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल ने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2019 पेश किया। जिसे सदन में पारित कर दिया गया। सदन में मंत्री उमेश पटेल ने कहा यह विधेयक कुलपति को बदलने के लिए नहीं, बल्कि आपात स्थिति में कुलपति का पद रिक्त पर नए कुलपति को लेकर है। इसके साथ ही सदन में इंदिरा कला विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2019 भी पारित कर दिया गया।

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