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छत्तीसगढ़ की सत्ता की चाबी ताले में कैद, 72 सीटों के लिए 72 फीसदी से ज्यादा वोटिंग

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2018 के लिए दूसरे व अंतिम चरण की 72 सीटों के लिए मंगलवार को सुबह 8 बजे से शुरू हुए मतदान के बाद देर शाम तक करीब 72 (71.95) प्रतिशत वोट डाले जाने की जानकारी मिली है।

छत्तीसगढ़ की सत्ता की चाबी ताले में कैद, 72 सीटों के लिए 72 फीसदी से ज्यादा वोटिंग

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2018 के लिए दूसरे व अंतिम चरण की 72 सीटों के लिए मंगलवार को सुबह 8 बजे से शुरू हुए मतदान के बाद देर शाम तक करीब 72 (71.95) प्रतिशत वोट डाले जाने की जानकारी मिली है। रात तक सभी केंद्रों से मतदान संबंधी जानकारी आने के बाद यह आंकड़ा बदल भी सकता है।

इस बार का विधानसभा चुनाव इस मायने में बेहद महत्वपूर्ण रहा है कि दोनों चरणों के चुनाव के दौरान हिंसा की कोई बड़ी घटना नहीं हुई। मंगलवार को भी दूसरे चरण के मतदान के दौरान छिटपुट घटनाओं को छोड़कर आमतौर पर चुनाव की पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही।

राज्य में कुछ स्थानों से ईवीएम, वीवीपैट मशीन में खराबी की बात सामने आई, लेकिन निर्वाचन विभाग का दावा है कि समय रहते गड़बड़ियां दूर कर ली गई।

अब इस चुनाव के बाद प्रदेश के कई बड़े राजनेताओं का राजनीतिक भविष्य और प्रदेश की सत्ता की चाबी ताले में कैद हो गई है। 11 दिसंबर को यह साफ होगा कि छत्तीसगढ़ की सत्ता का जनादेश किस पार्टी को मिला है।

दूसरे चरण की 72 सीटों पर हुआ मतदान इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा था कि इस दौर में राज्य के 27 में से 19 जिले की 72 सीटों पर वोट डाले गए। इन सीटों पर प्रदेश के कई बड़े नेताओं का राजनीतिक भविष्य भी दांव पर लगा हुआ है।

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पहले चरण का चुनाव 12 नवंबर को हुआ था, जिसमें बस्तर संभाग की 12 तथा राजनांदगांव जिले की 6 सीटों के लिए वोट डाले गए थे। पहले चरण के चुनाव में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, कांग्रेस नेत्री करूणा शुक्ला, केदार कश्यप, महेश गागड़ा, कवासी लखमा, देवती कर्मा सहित कुछ अन्य बड़े नेताओं के क्षेत्रों में चुनाव हुआ था।

दूसरे चरण में इन नेताओं पर है दांव

दूसरे चरण के चुनाव में राज्य के जिन बड़े नेताओं का राजनीतिक भविष्य दांव पर लगा है, उनमें भाजपा, कांग्रेस, छजकां समेत कई अन्य दलों के बड़े नेता शामिल है।

इनमें भाजपा से गौरीशंकर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, बृजमोहन अग्रवाल, अमर अग्रवाल, राजेश मूणत, ननकी राम कंवर, चंद्रशेखर साहू, दयालदास बघेल, कांग्रेस से भूपेश बघेल, टीएस सिंहदेव, ताम्रध्वज साहू, डॉ. चरणदास महंत, रविंद्र चौबे, सत्यानारायण शर्मा, मोहम्मद अकबर, अमितेश शुक्ल, बदरूद्दीन कुरैशी, अरूण वोरा, छजकां से अजीत जोगी, डॉ. रेणु जोगी, धर्मजीत सिंह, बसपा से ओमप्रकाश बाचपेयी, आम आदमी पार्टी से डॉ. संकेत ठाकुर आदि नेता शामिल हैं।

रायपुर से लेकर सरगुजा तक मामूली विवाद

राजधानी रायपुर में मतदान के दौरान कुछ इलाकों में छोटे-छोटे विवादों को लेकर कुछ घटनाएं हुई हैं। राज्य के उत्तरी इलाके सरगुजा तक यही स्थिति बनी रही।

कुछ विधानसभा क्षेत्रों में ईवीएम खराब होने, वीवीपैट मशीन के काम न करने, मतदाताओं को केंद्र तक लाने जैसे मामलों को लेकर राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता आपस में भिड़ते रहे।

किसी भी स्थान से कोई गंभीर वारदात या अन्य बड़ी घटना की जानकारी सामने न आने पर माना जा रहा है कि दूसरे चरण का चुनाव भी पहले चरण की तरह शांतिपूर्ण रहा।

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सुरक्षा के कड़े प्रबंध

दूसरे दौर के चुनाव के लिए डेढ़ करोड़ से अधिक मतदाताओं के मतदान केंद्र तक आने और वोट डालने के बाद सुरक्षित जाने के लिए चुनाव आयोग के निर्देश पर कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए थे।

सुरक्षा के लिए 1 लाख 60 हजार से अधिक जवान सुरक्षाकर्मी तथा केंद्रीय बल तैनात किया गया था। पूरे मतदान के दौरान चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त प्रेक्षक हालात का जायजा लेते रहे। सभी स्थानों पर सुरक्षा बलों की मौजूदगी में मतदाताओं ने बेखौफ होकर वोट डाला।

सुबह धीमी शुरुआत, दोपहर में तेज, शाम तक डटे मतदाता

मतदान का समय सुबह 8 बजे से रखा गया था, लेकिन ग्रामीण व दूरदराज क्षेत्रों में सुबह साढ़े 7 बजे से लोग मतदान के लिए घरों से निकलकर आने लगे। हालांकि पहले दो घंटों में मतदान की रफ्तार कम रही।

इस दौरान औसतन 10 से 15 प्रतिशत मतदान हुआ था, लेकिन दोपहर में 12 बजे के बाद से लेकर शाम चार बजे तक बड़ी संख्या में वोटर आए। अधिकांश मतदान केंद्रों में इस समय काफी भीड़ रही। मतदान करने के लिए शाम 5 बजे तक का समय था, लेकिन राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के कई केंद्रों में शाम तक लोग आते रहे।

पांच बजे तक मददान केंद्र में लोगों के दाखिल होने के बाद दरवाजे बंद कर दिए गए। इस बीच बहुत से केंद्रों में लोग वोट डालने के लिए लंबी-लंबी कतारों में खड़े रहे। यही कारण है कि शाम 6 से लेकर 7 बजे तक मतदान के अंतिम आंकड़े जारी नहीं किए जा सके। दूरदराज के केंद्रों से मतदान दलों की वापसी का इंतजार होता रहा।

3 बजे तक 65, 5 बजे तक 72 प्रतिशत वोट

राज्य में दोपहर तीन बजे तक औसतन करीब 65 प्रतिशत मतदान हुआ था। शाम पांच बजे तक मिली जानकारी के अनुसार करीब 72 प्रतिशत (71.95) वोट डाले जा चुके थे। लेकिन निर्वाचन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सभी मतदान दलों की वापसी के बाद अंतिम आंकड़े आने तक वोटों का प्रतिशत बढ़ सकता है।

सीईओ ने जताया अाभार

राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुब्रत साहू ने शांतिपूर्ण मतदान के लिए आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा है कि सुरक्षा बलों के प्रयास से चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न हो सके।

उन्होंने मतदातों को भी धन्यवाद दिया है। उन्होंने ये भी स्वीकार किया है कि कुछ स्थानों पर ईवीएम व वीवीपैट मशीन में खराबी की बात सामने आई थी, लेकिन उसे सुधार लिया गया।

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