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संवैधानिक संस्थाओं की स्थिति में आई गिरावट का जीता जागता सबूत है मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी का परिपत्र, भूपेश का सरकार पर हमला

फोनकॉल रिसीव करने तक के लिये मुख्य निर्वाचन अधिकारी को कलेक्टरों को लिखित परिपत्र जारी करने की नौबत आ जाने पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुये प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा है कि यह पत्र संवैधानिक संस्थाओं की स्थिति में आई गिरावट का जीता जागता सबूत है।

संवैधानिक संस्थाओं की स्थिति में आई गिरावट का जीता जागता सबूत है मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी का परिपत्र, भूपेश का सरकार पर हमला

फोनकॉल रिसीव करने तक के लिये मुख्य निर्वाचन अधिकारी को कलेक्टरों को लिखित परिपत्र जारी करने की नौबत आ जाने पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुये प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा है कि यह पत्र संवैधानिक संस्थाओं की स्थिति में आई गिरावट का जीता जागता सबूत है। यह साबित करता है कि भाजपा पर कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं को खत्म करने के जो आरोप लगाती है, वह सही है। यह पत्र जारी करने की आवश्यकता पड़ना स्पष्ट करता है कि राज्य की प्रशासनतंत्र की स्थिति कितनी बिगड़ चुकी है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा है कि यह पत्र संवैधानिक संस्थाओं की स्थिति में आई गिरावट का जीता जागता सबूत है।यह पत्र देश के संवैधानिक ढांचे और लोकतंत्र को मौजूद खतरों का स्पष्ट संकेत है। निर्वाचन जैसे कार्य को यदि जिले के सर्वोच्च अधिकारी और निर्वाचन के लिए जवाबदार अधिकारी द्वारा गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है तो देश और संवैधानिक ढांचे के लिए इससे ज्यादा नुकसान देह और क्या हो सकता है ?
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा है कि दरअसल रमन सिंह के मुख्यमंत्रित्व काल में प्रशासन का राजनीतिकरण हुआ है और अधिकारियों की मनमानी बढ़ी है।भाजपा सरकार में आम लोगों को दिनप्रतिदिन होने वाली कठिनाइयों पर चिंता और दुख व्यक्त करते हुये प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा है कि
मोदी और अमित शाह के दौरे और भाजपा के राजनीतिक कार्यक्रम ही नौकरशाही की सर्वोच्च प्राथमिकता बन चुके हैं । प्रशासनिक अधिकारियों को मोदी और शाह के आदेश सुनने की आदत हो गई है। निर्वाचन आयोग का यह पत्र देश के संवैधानिक ढांचे और लोकतंत्र को मौजूद खतरों का स्पष्ट संकेत है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा है कि यह पत्र आम जनता को भाजपा सरकार में हो रही परेशानियों को उजागर करता है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी और निर्वाचन कार्यालय से किये जाने वाले Election Urgent फोन कॉल्स की यह स्थिति है. तो स्थिति का स्पष्ट अनुमान लगाया जा सकता है कि आम नागरिक का क्या हाल है और प्रशासनिकतंत्र से दोचार होते वक्त आम आदमी को कितनी परेशानियों से गुजरना और जूझना पड़ता है ।
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