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CG Elections 2018: ''बिल्हा'' में ये बनेगा मुख्य मुद्दा

प्रदेश के महत्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्रों में से एक बिल्हा का चुनावी गणित इस बार त्रिकोणीय संघर्ष में उलझा रहेगा। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक के इस क्षेत्र में उनके अलावा कांग्रेस और छत्तीसगढ़ जनता पार्टी के प्रत्याशी भी जोर आजमाइश करेंगे।

CG Elections 2018:

प्रदेश के महत्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्रों में से एक बिल्हा का चुनावी गणित इस बार त्रिकोणीय संघर्ष में उलझा रहेगा। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक के इस क्षेत्र में उनके अलावा कांग्रेस और छत्तीसगढ़ जनता पार्टी के प्रत्याशी भी जोर आजमाइश करेंगे।

हर चुनाव में उलटफेर करने वाली जनता इस बार किसके सिर पर ताज रखेगी, यह आने वाला वक्त बताएगा। बहरहाल दोनों प्रमुख पार्टियों को अवसर देने के बाद भी क्षेत्र का विकास नहीं होने से क्षेत्र की जनता काफी नाराज है।

सबसे अधिक एनीकट, लेकिन खेत सूखे

बिल्हा क्षेत्र में अवैध माइनिंग जोरों पर चल रहा है और अवैध शराब बिक्री भी चल रहा है, जिसे लेकर समय-समय पर श्री कौशिक आवाज उठाते रहे हैं।क्षेत्र में मिट्टी से लेकर मुरूम, गिट्टी और रेत का अवैध उत्खनन, परिवहन जोरों पर है।

अवैध रूप से संचालित ईंट भट्ठों की भी यहां भरमार है। इसके अलावा क्षेत्र में निर्माण, विकास कार्यों में भ्रष्टाचार, सिंचाई, पेयजल, बिजली, किसानों की खाद-बीज, सूखा राहत मुआवजा, फसल बीमा राशि नहीं मिलने जैसे ढेरों समस्याएं बनी हुई हैं। क्षेत्र में एनीकट, स्टापडेम जैसी सिंचाई सुविधाओं का विस्तार जरूर हुआ है, किन्तु किसानों को अभी उनका वास्तविक लाभ नहीं मिल पाया है।

क्षेत्र की समस्याएं बरकरार हैं

बिल्हा विधानसभा विकास की दौड़ में पांच साल पीछे हो गया है। यहां की जनता ने 2013 के चुनाव में कांग्रेस के सियाराम कौशिक को चुनाव जिताया था, लेकिन सियाराम राजनीति उलझकर रह गए, वे कांग्रेस और जोगी कांग्रेस के बीच लड़ाई में घिसटते रहे और अपने क्षेत्र में कोई नया या बड़ा काम नहीं करा पाए। जनता की समस्याएं भी दूर नहीं हो पाई, जिससे जनता में नाराजगी है।

क्षेत्र में अवैध खनिज उत्खनन जोरों पर

अपने विधायक निधि से बिल्हा विधानसभा के गांव-गांव में चबूतरा, सड़क, हेंडपंप आदि कामों के लिए राशि दी है। यहां सबसे ज्यादा एनीकट, स्टापडेम बनवाए गए हैं, लेकिन किसानों को सिंचाई सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा है।

शत प्रतिशत अकालग्रस्त घोषित होने के बाद भी किसानों को उचित मुआवजा और फसल बीमा नहीं मिल पाया है। सत्तापक्ष की मिलीभगत से खनिज का अवैध उत्खनन हो रहा है। राजस्व विभाग बिना लेनदेन काम नहीं करता। शौचालय निर्माण अधूरे हैं और पीएम आवास में भ्रष्टाचार फैला है।

सियाराम कौशिक (विधायक)

ड्रीम प्रोजेक्ट मेरी पहली प्राथमिकता में

पथरिया, मनियारी बैराज व अरपा डायवर्सन क्षेत्र में सिंचाई मेरे ड्रीम प्रोजेक्ट हैं, जिसे पूरा कराना प्राथमिकता में है। पथरिया बेल्ट में 132 केवी क्षमता सब स्टेशन का काम हो गया है।

अकाल प्रभावित एरिया में केनाल एवं कई एनीकट का निर्माण कराए गए। 54 हाईस्कूल, हायर सेकेंडरी, मॉडल व कस्तूरबा विद्यालय, सरगांव में कालेज तथा लाइवलिहुड कालेज खुलवाए गए। सरगांव पीएससी को सीएससी बनवाया गया। वर्तमान विधायक में इच्छाशक्ति का अभाव है। इसलिए जनता ने बदलाव का मन बना लिया है।

धरमलाल कौशिक (प्रदेश भाजपा अध्यक्ष)

परिवर्तन के मूड में है क्षेत्र की जनता

बिल्हा विधानसभा क्षेत्र में आज भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। किसानों से अधिग्रहण की गई जमीन का मुआवजा अभी तक नहीं मिला है। पिछले 15 सालों से अवैध खनिज उत्खनन हो रहा है।

सारधा, बुंदेला, केसला, कुआं आदि गांवों के किसानों को फसल बीमा के नाम पर एक ठेेला भी नहीं मिला है। पथरिया ब्लाक के 17 ग्राम पंचायतों के किसानों को सूखा राहत, फसल बीमा की राशि नहीं मिली है। मनरेगा का भुगतान अटका है। क्षेत्र में बहुत सारे एनीकट, स्टापडेम बनवाए हैं, किन्तु उनसे 10 एकड़ खेतों में भी सिंचाई नहीं हो पा रही है।

राजेंद्र शुक्ल (कांग्रेस उम्मीदवार)

जोगी प्रेमी हैं वर्तमान विधायक

2013 के चुनाव में कांग्रेस की टिकट पर जीतकर सियाराम कौशिक विधायक बने थे। जोगी प्रेम के चलते सियाराम कौशिक वर्तमान में कांग्रेस से निलंबित चल रहे हैं और आगामी विधानसभा चुनाव उन्होंने छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस जोगी पार्टी से लड़ने का ऐलान भी कर दिया है, इसलिए कांग्रेस पार्टी की ओर से नया प्रत्याशी मैदान में आना तय है।

बिल्हा विधानसभा से चुनाव लड़ने के इच्छुक राजेन्द्र शुक्ला जिला अध्यक्ष का पद त्याग चुके हैं। इसलिए कांग्रेस से श्री शुक्ला की प्रबल दावेदारी मानी जा रही है। इधर आम आदमी पार्टी भी बिल्हा विधानसभा में बाकी क्षेत्रों से कुछ अधिक सक्रियता दिखा रही है और सरदार जसबीर को चुनाव लड़ाने जा रही है।

भाजपा से कद्दावर नेता प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक भी अपने क्षेत्र में बराबर पकड़ बनाए हुए हैं और वे प्रबल दावेदार हैं ही। बिल्हा विधानसभा क्षेत्र में बसपा की भी दखल है।

दो जिलों में बंटा विधानसभा क्षेत्र

भौगोलिक दृष्टिकोण से बिल्हा विधानसभा क्षेत्र बिलासपुर व मुंगेली दो जिलों में बंटा हुआ है। बिलासपुर जिला में बिल्हा विकासखण्ड का दक्षिण हिस्सा एवं मुंगेली जिला में पथरिया विकासखण्ड सरगांव का एरिया आता है। शहर से लगे हुए तिफरा नगर पालिका से लेकर बोदरी नगर पंचायत एवं औद्योगिक क्षेत्र सिरगिट्टी नगर पंचायत क्षेत्र बिल्हा में आता है। इनमें से बोदरी नगर पंचायत को छोड़कर बाकी जगहों पर भाजपा का कब्जा है। बिल्हा विधानसभा क्षेत्र में हाईकोर्ट, चकरभाठा हवाई पट्टी, औद्योगिक क्षेत्र, हाईटेक बस स्टैंड आदि हैं।

2008 समीकरण: मतदाताओं में बदलाव की प्रवृत्ति, कांग्रेस का कमजाेर प्रदर्शन

प्रत्याशी पार्टी मत जीत का

धरमलाल कौशिक भाजपा 62517 अंतर

सियाराम कौशिक कांग्रेस 56447 6070

4.2% वोट से भाजपा जीती

2013 समीकरण: एंटीइनकंबेंसी का असर चुनाव परिणाम को प्रभािवत किया

प्रत्याशी पार्टी मत जीत का

सियाराम कौशिक कांग्रेस 83598 अंतर

धरमलाल कौशिक भाजपा 72630 10968

6.2% वोट से कांग्रेस जीती

भाजपा और कांग्रेस इन्हीं दो चेहरों पर मुहर लगाती रही है जनता

छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद 2003 के चुनाव में कांग्रेस के सियाराम कौशिक और 2008 में भारतीय जनता पार्टी के धरमलाल कौशिक चुनाव जीते, परन्तु 2013 के चुनाव में फिर सियाराम कौशिक निर्वाचित हुए।

पिछले तीन चुनावों से भाजपा और कांग्रेस इन्हीं दो चेहरों पर जनता मुहर लगाती आई है। 2008 के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी धरमलाल कौशिक कांग्रेस के सियाराम कौशिक को पराजित कर निर्वाचित हुए और उन्हें छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई।

श्री कौशिक के इस कार्यकाल में बिल्हा विधानसभा में न सिर्फ सड़कों का जाल फैला बल्कि बिल्हा विकास की दौड़ में तेजी से आगे बढ़ा। 2013 के चुनाव में क्षेत्र के मतदाताओं ने पुन: सियाराम कौशिक पर भरोसा जताया।

पिछड़ा वर्ग की सत्ता भी रही है यहां

सन 1952 के बाद से यह सीट पिछड़ा वर्ग के नेताओं के खाते में रही है और स्व. चित्रकांत जायसवाल यहां से जीतकर अविभाजित मध्य प्रदेश में जलसंसाधन मंत्री रहे। इसी तरह स्व. अशोक राव एक बार जनता दल से अपना जीत का खाता यहां से खोले और दूबारा कांग्रेस की टिकिट से जीतकर दिग्विजय मंत्रीमंडल में स्वास्थ्य मंत्री रहे।

जातिगत समीकरण

बिल्हा विधानसभा सामान्य सीट होने के बाद भी अनुसूचित बाहुल्य सीट मानी जाती है। वहीं पिछड़ा वर्ग में कुर्मी, लोधी, साहू की अच्छी उपस्थिति है।

इसके अलावा सामान्य वर्ग एवं अन्य जाति के लोग भी यहां निवास करते हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही कुछ चुनावों से यहां कुर्मी नेताओं पर दांव लगाती आ रही है।

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