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छत्तीसगढ़: पहले चरण का मतदान समाप्त, गढ़ में हुई रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग, जानें पूरा आंकड़ा

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2018 के पहले चरण की 18 विधसानसभा सीटों पर आज सुबह सात बजे से जमकर वोटिंग हुई। मतदान शाम पांच बजे तक कतारों में लग कर अपने मताधिकार का उपयोग करते रहे। चुनाव आयोग द्वारा दिए गए आंकड़ों के मुताबिक छत्तीसगढ़ की इन 18 विधसानसभा सीटों पर 70 फीसदी मतदान हुआ।

छत्तीसगढ़: पहले चरण का मतदान समाप्त, गढ़ में हुई रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग, जानें पूरा आंकड़ा

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2018 के पहले चरण की 18 विधसानसभा सीटों पर आज सुबह सात बजे से जमकर वोटिंग हुई। मतदान शाम पांच बजे तक कतारों में लग कर अपने मताधिकार का उपयोग करते रहे।

चुनाव आयोग द्वारा दिए गए आंकड़ों के मुताबिक छत्तीसगढ़ की इन 18 विधसानसभा सीटों पर 70 फीसदी मतदान हुआ। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में हिंसा कि कुछ घटनाओं के बीच बाकी जगहों पर शांतिपूर्ण मतदान हुआ।

पहले चरण में बस्तर और राजनांदगांव के 8 जिलों जिनमें 18 विधानसभा सीटों पर वोट डाले गए। ये दोनों ही नक्सल प्रभावित इलाके हैं।

बस्तर के 12 विधानसभाओं में मतदाता

नक्सल प्रभावित बस्तर इलाके में 20.4 लाख मतदाता हैं। बस्तर के 12 विधानसभा क्षेत्रों में 1500 पोलिंग बूथों यानी लगभग 74 फीसदी पर नक्सली हमले का खतरा था। पुलिस ने इन पोलिंग बूथों को अति संवेदनशील बूथों की श्रेणी में रखा था।

छत्तीसगढ़ में आचार संहिता लगने के बाद से अब तक नक्सलवादी हिंसा की तीन बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं। छत्तीसगढ़ के जगदलपुर, चित्रकोट, बस्तर को छोड़कर अंतागढ़, भानुप्रतापपुर, कांकेर, केशकाल, कोंडागांव, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, कोंटा को नक्सल प्रभावित इलाकों की श्रेणी में रखा गया था।

नक्सल प्रभावित छत्तीसगढ़ में शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव कराने प्रशासन की ओर से 65 हजार जवानों की तैनाती की गई है। अधिकारियों ने बताया कि सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी, सीआईएसएफ और आरपीएफ जैसे केंद्रीय बलों के और राज्य पुलिस बल के दस्ते पहुंच गए थे।

अतिसंवेदनशील सीटों पर 7 से 3 बजे तक हुई वोटिंग

छत्तीसगढ़ में बस्तर के 12 विधानसभा क्षेत्रों में 1500 पोलिंग बूथों पर नक्सली खतरे को देखते हुए पुलिस ने इन पोलिंग बूथों को अति संवेदनशील बूथों की श्रेणी में रखा था। यहां नक्सलवादी हिंसा की घटनों को देखते हुए सुरक्षा बलों ने अतिरिक्त सतर्कता के साथ मतदान केन्द्रों तक लोगों को पहुंचाया।

नक्सल प्रभावित अंतागढ़, भानुप्रतापपुर, कांकेर, केशकाल, कोंडागांव, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, कोंटा में मतदान का समय कम किया गया था। इन क्षेत्रों में सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक ही वोट डाले गए।

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