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CG Elections 2018: ''जैजैपुर'' में ये बनेगा मुख्य मुद्दा

2008 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आए जैजैपुर विधानसभा में बिगड़ती कानून व्यवस्था प्रमुख मुद्दा है। इसके अलावा गांव से नगर बने जैजैपुर में नगर पंचायत के अनुरुप सुविधाएं भी नहीं है।

CG Elections 2018:

2008 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आए जैजैपुर विधानसभा में बिगड़ती कानून व्यवस्था प्रमुख मुद्दा है। इसके अलावा गांव से नगर बने जैजैपुर में नगर पंचायत के अनुरुप सुविधाएं भी नहीं है।

लोगों को पानी-बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य की सेवाएं भी नहीं मिल रही हैं। वहीं दूसरी ओर क्षेत्र में बनी सड़क, नहर और एनीकट बनाने के लिए जमीन देने वाले किसानों को दस साल बाद भी मुआवजा नहीं मिला है। यहां रोजगार के अवसर भी नहीं बने हैं।

कानून व्यवस्था की दृष्टि से जिले के संवेदनशील इलाकों में चर्चित जैजैपुर विधानसभा क्षेत्र वर्ष 2008 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आया। इसके एक साल पूर्व वर्ष 2007 में ग्राम पंचायत जैजैपुर को नगर पंचायत का दर्जा मिला है, लेकिन गांव से शहर बने जैजैपुर में ही समुचित विकास नहीं हो पाया है।

यहां आज भी पानी, बिजली, सड़क की सुविधाएं बदहाल है। इसके अलावा सबसे पुराने तहसील को आज तक अनुविभाग का दर्जा नहीं मिला है। जैजैपुर तहसील में एसडीएम का लिंक कोर्ट लगता है, लेकिन यहां अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय खोलने की मांग सालों से हो रही है।

इसी तरह क्षेत्र के भोथिया में उपतहसील खोलने की घोषणा हुई है, परन्तु वहां भी नायब तहसीलदार का लिंक कोर्ट लगने का काम महज औपचारिक बनकर रह गया है।

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में स्टाफ नहीं है और गांवों में खुले उपस्वास्थ्य केन्द्र बिना डॉक्टर के चल रहे हैं। इन सबके अलावा सबसे बड़ी समस्या उन सैकड़ों किसानों की है, जिन्होंने सड़क, नहर एनीकट में अपनी जमीन दी है उन्हें दस साल बाद भी मुआवजा नहीं मिला है।

कई अनसुलझे अपराध

बिगड़ती कानून व्यवस्था भी यहां के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। अलग-अलग घटनाओं में वर्ग विशेष के दर्जनभर से अधिक लोगों की हुई अंधे कत्ल की गुत्थी आज तक नहीं सुलझी है वहीं बहुचर्चित राजकुमार राय गोलीकाण्ड का पर्दाफाश भी नहीं हुआ है। इसे लेकर अनुसूचित जाति वर्ग ने आंदोलन भी किया था।

प्रशासनिक निष्क्रियता से नहीं हुए कई काम

जैजैपुर विधानसभा क्षेत्र में सड़क, शिक्षा के क्षेत्र में कई कार्य हुए हैं। दो आईटीआई, एक कॉलेज, कई हाई व हायर सेकेण्डरी स्कूल खोले गए हैं। अस्पतालों के लिए भवन निर्माण कराया गया है।

रबि की खेती के लिए किसानों को अनुमति मिली, मुआवजा दिलवाए। जैजैपुर-मालखरौदा सड़क, कचंदा-जैजैपुर सड़क जैसे कार्य राशि स्वीकृत होने के बाद भी प्रशासनिक निष्क्रियता के चलते नहीं हो पाए।

अस्पतालों में डॉक्टर की कमी शासन स्तर की बात है।बिगड़ती कानून व्यवस्था के लिए पुलिस प्रशासन जिम्मेदार है।

केशव चंद्रा (विधायक)

विकास-विकास और विकास ही है मुद्दा

जैजैपुर के विधायक एकल बत्ती हैं इसलिए इनके कार्य पर कुछ कहने की जरुरत नहीं है। रही बात विकास की तो जैजैपुर विधानसभा क्षेत्र में जितने विकास कार्य हुए हैं वह प्रदेश के 90 विधानसभा क्षेत्रों की तुलना सर्वाधिक होगी।

इस क्षेत्र में शासन उदारतापूर्वक काम कर रही है। सीएम का विशेष ध्यान है और हम लोग डाकिया की तरह काम कर रहे हैं, जिसके कारण यहां अनेकों कार्य हुए हैं इसलिए आगामी विधानसभा चुनाव में विकास -विकास और सिर्फ विकास के मुद्दे पर ही जनता का आशीर्वाद भाजपा को मिलेगा।

निर्मल सिन्हा (पूर्व विधायक)

हुआ है चहुमुंखी विकास

भाजपा शासनकाल में जैजैपुर विधानसभा क्षेत्र में चहुंमुखी विकास हुआ है। गांव में पक्की सड़कें, घर में शौचालय, गरीबों को पक्का मकान सहित किसानों को बोनस, श्रमवीरों को सायकल सहित उज्जवला योजना भाजपा के विकास को स्पष्ट करता है।

उसके बाद भी पार्टी का विधायक इस विधानसभा में न बनना संगठन के आपसी गुटबाजी और वरिष्ठ एवं कार्यकर्ताओं के उपेक्षा का परिणाम है।

सत्यनारायण चंद्रा (स्थानीय नागरिक)

भाजपाकाल में तेजी से विकास

भाजपा के कार्यकाल में जैजैपुर विधानसभा का तेजी से विकास हुआ है, जैजैपुर को नगर पंचायत का दर्जा मिला। जैजैपुर, हसौद में बुनियादी प्रशिक्षण केन्द्र खोले गए।

जैजैपुर, हसौद, बिर्रा में महाविद्यालय की स्थापना सहित गांव, गरीब, किसान के हितों को ध्यान में रख कई जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की। वहीं सिंचाई सुविधा को सुलभ बनाने जगह-जगह एनीकट एवं बैराज का निर्माण कराया गया है।

हिमांशु दुबे, (स्थानीय नागरिक)

अराजकता का माहौल

भाजपा की सत्ता में क्षेत्र में अराजकता का माहौल है। प्रशासनिक और कानून व्यवस्था लचर है। इस विधानसभा में किसान शोषित और पीडि़त है, उन्हें अपने ही कृषि भूमि जिसे प्रशासन ने नहर, सड़क, एनीकट के लिए अधिग्रहित किया है उसका मुआवजा उन्हें सालों बाद भी नहीं मिला है।

गरीब और कमजोर लोगों के नाम राशन कार्ड से काटे जा रहे हैं, वहीं शासन के योजनाओं का लाभ से यह वर्ग वंचित है।

नंदकुमार चंद्रा, (स्थानीय नागरिक)

किसानों का हुआ शोषण

गांव-गरीब और किसानों का जमकर शोषण हो हुआ है। जगह-जगह मूलभूत समस्याएं आज भी बनी हुई है। रोजगार के अभाव में छत्तीसगढ़ से हजारों की संख्या में मजदूर हर साल बाहर कमाने-खाने पलायन करते हैं।

जैजैपुर विधानसभा क्षेत्र से 15 हजार मजदूर बाहर भरण-पोषण के लिए जाते हैं। इस क्षेत्र में बेरोजगारी और गरीबी लगातार बढ़ती जा रही है और शासन-प्रशासन भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। कमल किशोर, (स्थानीय नागरिक)

2008 समीकरण: कांग्रेस को क्षेत्र में अच्छी पकड़ और जनाधार का लाभ, बसपा दूसरे नंबर पर आई

प्रत्याशी पार्टी मत जीत का

महंत रामसुंदर दास कांग्रेस 43331 अंतर

केशव प्रसाद चंद्रा बसपा 33903 9428

8.0% वोट से कांग्रेस जीती

2013 समीकरण: अपराध के बढ़ते आंकड़े और विकास की धीमी गति से परेशान जनता ने बदलाव को चुना

प्रत्याशी पार्टी मत जीत का

केशव चंद्रा बसपा 47070 अंतर

कैलाश साहू भाजपा 44514 2556

1.9% वोट से बसपा जीती

  • रोजगार के अवसर भी नहीं बने
  • अपराध के आंकड़े बड़े
  • कुल मतदाता 223495
  • पुरूष 114804
  • महिला 108691

प्रदेश का इकलौता ‘बसपा विधायक’ जैजैपुर में

मालखरौदा विधानसभा क्षेत्र के विलोपित होने के बाद मालखरौदा, पामगढ़, सक्ती के क्षेत्र को मिलाकर बनाए गए जैजैपुर विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2008 का पहला चुनाव हुआ तो पामगढ़ छोड़कर चुनाव लड़ रहे कांग्रेस प्रत्याशी राजेश्री महंत रामसुंदर दास ने यहां जीत दर्ज की।

उन्होंने मालखरौदा के तत्कालीन विधायक निर्मल सिन्हा को पराजित किया, लेकिन इसके बाद वर्ष 2013 के चुनाव में क्षेत्र की जनता ने आश्चर्यजनक परिणाम दिया और नए बने जैजैपुर विधानसभा क्षेत्र में दूसरे बार के चुनाव में बहुजन समाज पार्टी का खाता खुला। यहां से केशव चंद्रा चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे जो प्रदेश में बसपा के इकलौते विधायक है।

प्रमुख उम्मीदवार

भाजपा

पूर्व विधायक निर्मल सिन्हा, पूर्व जनपद अध्यक्ष जय शुक्ला, डॉ. कैलाश साहू, मनहरण साहू और गोपी सिंह ठाकुर, राजेश्वरी चंद्रा प्रमुख दावेदार है।

कांग्रेस

कांग्रेस से कमल किशोर साहू, बालेश्वर साहू, बलराम चंद्रा, ज्ञान सिंह चंद्रा, सत्येन्द्र जायसवाल और अनिल चंद्रा की दावेदारी काे लेकर चर्चा हो रही है।

बसपा

बसपा-से वर्तमान विधायक केशव चंद्रा का नाम चल रहा है। जोगी कांग्रेस से नगर पंचायत अध्यक्ष मीना महेन्द्र चंद्रा व मनोज साहू दावेदार हैं।

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