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CG Election 2018: हाई प्रोफाइल प्रेमनगर विधानसभा क्षेत्र के मुख्य मुद्दे

हाई प्रोफाइल माने जाने वाले प्रेमनगर विधानसभा क्षेत्र में कहने के लिए कई विकास कार्य हुए हैं लेकिन सड़क, स्वास्थ्य, सिंचाई, रोजगार की मूलभूत समस्याओं से मुक्ति नहीं मिल पाई है।

CG Election 2018: हाई प्रोफाइल प्रेमनगर विधानसभा क्षेत्र के मुख्य मुद्दे

अंबिकापुर। हाई प्रोफाइल माने जाने वाले प्रेमनगर विधानसभा क्षेत्र में कहने के लिए कई विकास कार्य हुए हैं लेकिन सड़क, स्वास्थ्य, सिंचाई, रोजगार की मूलभूत समस्याओं से मुक्ति नहीं मिल पाई है। 104 करोड़ की तारा-प्रेमनगर सड़क की बदहाली, वेटनरी पॉलिटेक्निक का स्थानांतरण व सामान्य सीट पर अनुसूचित जनजाति वर्ग की उम्मीदवारी चुनाव में बड़े मुद्दे बनेंगे। इसके अलावा क्ष्ोत्र में रोजगार और किसानों के लिए भी कोई विशेष प्रयास नहीं किए जो बहस का विष्ाय बनेंगे।

संसाधन बहुत, फिर भी सिंचाई सुविधा न के बराबर

व्यवसायिक नगरी सूरजपुर और नयनपुर औद्योगिक प्रक्षेत्र को छोड़ दें तो पूरा क्षेत्र कृषि और मजदूरी पर निर्भर है। क्षेत्र में कई जलाशयों का निर्माण कराया गया है लेकिन कहीं नहरों के आधे-अधूरे निर्माण तो कहीं नहरों की मरम्मत नहीं होने से सिंचाई का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सिंचाई सुविधाओं का विस्तार कर क्षेत्र को तीन फसली उपज के लिए तैयार किया जा सकता है लेकिन इस दिशा में कोई पहल नहीं हुई। शिवरी व परशुरामपुर में बड़े जलाशय हैं लेकिन इनसे सिर्फ आठ गांवों को ही सिंचाई की सुविधा मिल पाती है।

पीएमजीएसवाई गड्ढों में तब्दिल

ग्राम पंचायतों को मुख्य मार्ग से जोड़ने पीएमजीएसवाई की सड़कों का निर्माण किया गया था जो अब गड्ढों में बदल गई है। एक साल पहले 104 करोड़ की लागत से तारा-श्रीनगर मार्ग का काम शुरू किया गया था लेकिन ठेकेदार ने सड़क खोदकर छोड़ दिया। पतरापाली स्थित गाड़ासिली, लोहरगढ़ी व विछली नदी के त्रिवेणी संगम पर एनीकट की मांग आज भी लंबित है।

लोगों में इसलिए भी नाराजगी

सूरजपुर जिला अस्पताल सहित कई स्वास्थ्य केन्द्र हैं लेकिन चिकित्सकों व संसाधनों की कमी से इलाज की सुविधा उपलब्ध नहीं है। प्रेमनगर की स्थिति और भी बुरी है। रामानुजनगर में संचालित वेटनरी पॉलिटेक्निक दो साल बाद सूरजपुर स्थानांतरित होने से लोगों में भारी नाराजगी है।

क्षेत्र में कई विकास कार्यों को मिली मंजूरी

104 करोड़ की तारा-रामानुजनगर सड़क, विंध्याचल-बलदेव नगर मार्ग में दो पुल, महेशपुर-रामेश्वरनगर मार्ग में पुल, सहित कई विकास कार्यों की स्वीकृति मेरे प्रयासों से मिली है। विपक्ष का विधायक होने से सरकार नहीं सुनती। (खेलसाय सिंह, विधायक)

निष्िक्रयता से रुक गया विकास का काम

मेरे कार्यकाल में क्षेत्र का चहुंमुखी विकास हुआ। वर्तमान विधायक अनुभवी होने के बावजूद विकास के लिए कोई कार्य नहीं किए। न क्षेत्र के लिए कभी कोई मांग की न विधानसभा में कभी ज्वलंत मुद्दों को उठाया। (रेणुका सिंह, पूर्व विधायक)

विकास के लिए विधायक की सक्रियता बहुत जरूरी

विधायक सहज और सरल हैं लेकिन क्षेत्र विकास के लिए सक्रियता जरूरी है। विधायक की निष्क्रियता, सोच व कार्य योजना के अभाव में युवा व बेरोजगारों के लिए कोई भी काम नहीं हो सका है। उनकी निष्क्रियता से कबलदेवनगर बरसात में पहुंच विहीन बना हुआ है। गांव के सरगोड़ नाला पर पुल निर्माण के लिए कोई पहल नहीं हुई। ब्लॉक मुख्यालय रामानुजनगर में लोग पेयजल व स्ट्रीट लाईट की समस्या से जूझ रहे हैं। (बाबूलाल अग्रवाल, भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक)

विधायक ने क्षेत्र में कराए हैं कई विकास कार्य

विधायक ने क्षेत्र में कराए हैं कई विकास कार्य विपक्ष का विधायक होने के कारण खेलसाय सिंह भले ही कोई बड़ा कार्य नहीं करा पाए लेकिन विधायक निधि की राशि से क्षेत्र में कई विकास कार्य कराए हैं। उन्होंने अपनी निधि से साहू, गोड़वाना व रजवार समाज के भवन बनवाए। रेलवे लाईन विस्तार हेतु अधिग्रहित भूमि का मुआवजा, कोटल-जयपुर ओवर ब्रिज निर्माण, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार की दिशा में उनके प्रयासों को सफलता नहीं मिल पाई। (अशोक जगते, अध्यक्ष, जिला पंचायत)

ये हैं प्रमुख पार्टियों के प्रबल उम्मीदवार

कांग्रेस

विधायक खेलसाय सिंह, कांग्रेस जिलाध्यक्ष विंधेश्वर शरण सिंहदेव, जिपं अध्यक्ष अशोक जगते कांग्रेस से दावेदार हैं।

भाजपा

पूर्वमंत्री रेणुका सिंह भीमसेन अग्रवाल, बाबूलाल अग्रवाल, रामकृपाल साहू भाजपा की ओर से उम्मीदवार है।

जोगी इफेक्ट

छजकां ने जिला पंचायत सदस्य पंकज तिवारी को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। गोगपा व सपा भी उपनी उपस्थिति दर्ज कराएगी।

ये है जनता जनार्दन की राय

लोगों का नहीं मिला सहयोग

ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए विधायक ने ग्राम पंचायत कुरूंआ से विकास कार्यों से संबंधित कई बार प्रस्ताव मांगे लेकिन ग्राम पंचायत ने प्रस्ताव ही नहीं दिया। लोगों द्वारा सहयोग नहीं करने के कारण कई विकास कार्य नहीं हो पाए।

आश्वासन दिया, काम नहीं किया

विधायक ने ग्राम पोड़ी में सांस्कृतिक व खेल गतिविधियों के लिए युवाओं की मांग पर पिछले साल मंच व स्टेडियम निर्माण कराने का आश्वासन दिया था लेकिन इस दिशा में कोई पहल नहीं हुई। इससे खेल क्षेत्र के युवाओं में नाराजगी है।

लगातार दो बार जीतकर हारीं रेणुका सिंह

राज्य गठन के दौरान इस सुरक्षित सीट पर कांग्रेस के तुलेश्वर सिंह का कब्जा था। 2003 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की रेणुका सिंह ने तुलेश्वर सिंह को 11752 मतों से पराजित कर जीत हासिल की। 2008 में परिसीमन के दौरान यह सीट सामान्य घोषित की गई और उदयपुर व लखनपुर को अलग कर सूरजपुर में शामिल किया गया। 2008 के चुनाव में कांग्रेस के नरेश राजवाड़े को रेणुका सिंह ने 16 हजार से अधिक मतों से पराजित किया। भाजपा ने 2013 के चुनाव में तीसरी बार रेणुका सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया। कांग्रेस के खेल साय सिंह ने उन्हें 18 हजार से अधिक मतों से पराजित किया। इस चुनाव में मतदान प्रतिशत 75 से बढ़कर 82 फीसदी चला गया।

साधनों की कमी मुद्दा

चुनाव में तारा-श्रीनगर सड़क निर्माण की बदहाली, जर्जर सड़कें, स्वास्थ्य व सिंचाई के साधनों की कमी, वेटनरी पॉलिटेक्निक का स्थानांतरण, विधायक की उदासीनता आदि प्रमुख मुद्दे होंगे। इसके अलावा रोजगार, शिक्ष्ाा और पीने के पानी समेत मूलभूत सुविधाओं की कमी भी जनहित में मुद्दा बनेंगी।

जातिगत समीकरण

जातिगत समीकरण पर नजर डालें तो सामान्य वर्ग के बाद सर्वाधिक आबादी अनुसूचित जनजाति वर्ग गोड़ व पिछड़ा वर्ग के साहू समाज की है। इसके अतिरिक्त कंवर, उरांव, पण्डों, पनिका, रजवार, यादव, बरगाह, मुस्लिम व अजजा समाज के लोग प्रभावी भूमिका निभाते हैं।

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