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छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2018: बीजेपी ने राहुल गांधी पर साधा निशाना, कहा - राहुल गांधी के बहकावे में नहीं आएंगे किसान

भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को नसीहत दी है कि वे छत्तीसगढ़ के किसानों को बहकाने की कोशिश नहीं करें।

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2018: बीजेपी ने राहुल गांधी पर साधा निशाना, कहा - राहुल गांधी के बहकावे में नहीं आएंगे किसान

भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को नसीहत दी है कि वे छत्तीसगढ़ के किसानों को बहकाने की कोशिश नहीं करें। छत्तीसगढ़ का किसान अब कांग्रेस के चरित्र को समझ गया है। वह कांग्रेस के झांसे में नहीं आएगा। कर्नाटक के किसानों को छलने के बाद बहुरुपिया राहुल गांधी अब छत्तीसगढ़ के किसानों को छल रहे हैं और यहां के किसानों की खुशी से जल रहे हैं। केवल भाजपा की सरकार ही धान का समर्थन मूल्य 26 सौ-27 सौ रु. प्रति क्विंटल कर सकती है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने छत्तीसगढ़ की चुनावी सभाओं में राहुल गांधी द्वारा किसानों के मुद्दों पर प्रदेश सरकार पर लगाए जा रहे आरोपों को हास्यास्पद बताया है। कौशिक ने कहा कि राहुल गांधी को खेती-किसानी के कामों और उनसे जुड़े मुद्दों की समझ ही नहीं है।

महासमुंद की सभा में उन्होंने लोगों से यह पूछा कि प्रदेश सरकार क्या धान के लिए किसानों को 11 सौ रुपए प्रति क्विंटल मूल्य दे रही है? बाद में पीछे से उन्हें किसी ने टोककर 21 सौ रुपए कहा तो राहुल सॉरी बोलते सुने गए। यह एक प्रसंग ही राहुल गांधी के कृषि संबंधी अधकचरे ज्ञान का प्रमाण दे रहा है। जिस कांग्रेस अध्यक्ष को धान के समर्थन मूल्य 11 सौ- 21 सौ रुपए का फर्क नहीं मालूम, वह किस मुंह से छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार को किसान विरोधी बता रहे हैं? राहुल गांधी को पता होना चाहिए कि छत्तीसगढ़ के किसानों को भाजपा सरकार तीन सौ रुपए बोनस और बढ़ा हुआ धान समर्थन मूल्य 1750-1770 रुपए मिलाकर 2050-2070 रुपए प्रति क्विंटल दे रही है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने किसानों की आय में वृद्धि के साथ-साथ उन्हें व्यापार के नए अवसर मुहैया कराए हैं। हमारा संकल्प है कि हम ऐसा प्रदेश बनाएंगे जिसमें किसानों और गरीबों को आर्थिक प्रगति का पूरा लाभ मिले। अपनी इसी सोच, नीति और नीयत के साथ प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलाया है। धान की कीमत और बोनस मिलाकर 76 हजार करोड़ रुपए किसानों को प्रदान किए गये हैं। छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार ने पहली बार पृथक कृषि बजट की अवधारणा को साकार किया और 183.98 करोड़ के कृषि बजट को बढ़ाकर 1,887.64 करोड़़ रुपए तक पहुंचाया। इसी तरह सिंचाई क्षमता बढ़ाकर 36 फीसदी की गई, जिससे 22.88 लाख हेक्टेयर कृषि रकबा सिंचित हो रहा है। इसी तरह सिंचाई पम्प 72 हजार से बढ़कर पांच लाख हो गए हैं। 7.3 लाख किसानों को ब्याजमुक्त ऋण की सुविधा दी गई। भाजपा का संकल्प यह भी है कि हम अब दलहन-तिलहन की खरीदी भी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर करेंगे और वनोपज का समर्थन मूल्य डेढ़ गुना बढ़ाएंगे। नए किसान उत्पादक संगठन बनाना और वनोपजों आदि के लिए बाजार मुहैया कराना भी हमारी प्राथमिकता में है। किसानों के कल्याण के लिए 60 वर्ष से अधिक आयु के लघु व सीमांत किसानों सहित भूमिहीन कृषि मजदूरों को एक हजार रुपए प्रतिमाह पेंशन देने का हमारा वादा है।

कौशिक ने कहा कि भाजपा लिखने-कहने से ज्यादा काम करने में विश्वास रखती है और जिस निरंतरता के साथ धान का समर्थन मूल्य बढ़ रहा है, जल्द ही यह 26 सौ-27 सौ रुपए प्रति क्विंटल हो जाएगा। हमारी गारंटी है कि हमारे शासनकाल में कोई किसान कर्जदार नहीं रहेगा क्योंकि हमने किसानी को लाभ का सौदा बनाया है। धान को भिगो-भिगोकर खरीदने वाले कांग्रेस के नेता पहले अपने गिरेबां तो झांकें। उन्होंने कहा कि अपने अधकचरे ज्ञान को कन्फ्यूज राहुल गांधी दुरुस्त करें और फिर मुद्दों पर बात करने का अभ्यास करें। और, यदि वे ऐसा करने में असमर्थ हों तो कम-से-कम छत्तीसगढ़ के किसानों को बहकाना छोड़ दें, छत्तीसगढ़ के किसानों को माफ करें।

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