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सेंट्रल बैंक को 93 लाख की चपत लगाने वाला मैनेजर दिल्ली से गिरफ्तार, साल 2016 से चल रहा था फरार

बैंक के त्रुटिपूर्ण सॉफ्टवेयर तकनीक का इस्तेमाल कर सेंट्रल बैंक को 93 लाख रुपये की चपत लगाने वाले बैंक मैनेजर को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विकास आनंद उस वक्त इस कारनामे को अंजाम दिया जब वह सीतापुर सेंट्रल बैंक में बतौर मैनेजर पदस्थ था।

सेंट्रल बैंक को 93 लाख की चपत लगाने वाला मैनेजर दिल्ली से गिरफ्तार, साल 2016 से चल रहा था फरार
बैंक के त्रुटिपूर्ण सॉफ्टवेयर तकनीक का इस्तेमाल कर सेंट्रल बैंक को 93 लाख रुपये की चपत लगाने वाले बैंक मैनेजर को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मैनेजर विकास आनंद सीतापुर सेंट्रल बैंक में बतौर मैनेजर पदस्थ था।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एफआईआर दर्ज होने के बाद से विकास फरार चल रहा था। शुक्रवार को सरगुजा पुलिस दिल्ली से उसे गिरफ्तार करने में कामयाब हो गई। बताया जा रहा है कि त्रुटिपूर्ण बैंक सॉफ्टवेयर के आधार पर उसने सीतापुर में फर्जी तरीके से खाते खोलकर 25 लाख रुपये की चपत लगाई। इसके बाद इसी तरीके से उसने नासिक में बैंक से 64 लाख रुपये का गोलमाल कर दिया। इसके बाद जब बैंक ऑडिट में यह गड़बड़ी सामने आई तो उसे बर्खास्त किया गया।

सेंट्रल बैंक के मैनेजर विकास का यह कारनामा तब चर्चाओं में आया जब साल 2016 में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। इसके बाद पुलिस उसकी तफ्तीश में जुटी थी। इसके बाद पुलिस की साइबर सेल को उसकी लोकेशन तक पहुंचने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी और शुक्रवार को आखिरकार सरगुजा पुलिस ने उसे दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया।
कप्तान सदानंद कुमार के मुताबिक, 'आरोपी ने बैंक को ही क्षति पहुँचाई, सॉफ़टवेयर त्रुटिपूर्ण था जिसकी वजह से उसने फ़र्ज़ी खाता खोल कर राशि में अफरातफरी कर दी, लेकिन बैंक के ऑडिट मे यह मामला पकड़ में आ गया, हालांकि गड़बड़ी बैंक को पकड़ने में समय लग गया, आरोपी ने गड़बड़ी 2010 से 2012 के बीच की थी जिसकी रिपोर्ट 2016 में दर्ज कराई गई थी।'
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